IBM के रोडमैप में 2026 के अंत तक क्वांटम एडवांटेज के शुरुआती उदाहरण और 2029 तक फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटिंग का लक्ष्य है। कंपनी का Nighthawk प्रोसेसर तीन 120-क्यूबिट मॉड्यूल तक और 7,500 गेट वाले सर्किट चलाने के लिए तैयार किया जा रहा है ।
यहां “क्वांटम एडवांटेज” का अर्थ केवल यह नहीं है कि क्वांटम मशीन ने कोई पहेली हल कर दी। दावा तब अधिक महत्वपूर्ण बनता है जब काम वास्तविक हो, परिणामों की विश्वसनीयता जांची जा सके और क्लासिकल कंप्यूटिंग की तुलना में स्पष्ट लाभ दिखाई दे।
IBM के CEO Arvind Krishna ने 30 जुलाई 2026 को CNBC के Mad Money कार्यक्रम में कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग का IBM की आय और मुनाफे पर “मापने योग्य प्रभाव” 2028 या 2029 तक दिखना शुरू हो सकता है ।
उन्होंने यह भी कहा कि 2030 के दशक के अंत तक क्वांटम कंप्यूटिंग लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का एड्रेसेबल मार्केट बन सकती है ।
हालिया इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्व में कमजोरी के बावजूद IBM ने क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए करीब 10 अरब डॉलर के निवेश रोडमैप पर अपना भरोसा कायम रखा है। जुलाई 2026 में निवेशकों को लिखे पत्र में कृष्णा ने कहा कि कंपनी 2029 तक बड़े पैमाने का फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर देने की दिशा में आगे बढ़ रही है ।
Bitcoin की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ECDSA-256, खासकर secp256k1 elliptic-curve signature scheme पर निर्भर है। यही डिजिटल हस्ताक्षर यह साबित करने में मदद करते हैं कि किसी लेनदेन को खर्च करने का अधिकार संबंधित निजी कुंजी रखने वाले व्यक्ति के पास है।
भविष्य में पर्याप्त शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर पर Shor's algorithm का इस्तेमाल elliptic-curve discrete logarithm problem को हल करने के लिए किया जा सकता है। सिद्धांततः इससे किसी उजागर सार्वजनिक कुंजी से निजी कुंजी निकाली जा सकती है।
Google Quantum AI के मार्च 2026 के श्वेतपत्र ने अनुमान लगाया कि secp256k1 को तोड़ने के लिए Shor's algorithm को या तो 1,200 या उससे कम लॉजिकल क्यूबिट और करीब 90 मिलियन Toffoli gates, या 1,450 या उससे कम लॉजिकल क्यूबिट और करीब 70 मिलियन gates की जरूरत हो सकती है ।
सुपरकंडक्टिंग आर्किटेक्चर और 10⁻³ फिजिकल एरर रेट की कुछ मान्यताओं के तहत ये सर्किट 500,000 से कम फिजिकल क्यूबिट वाली मशीन पर मिनटों में चल सकते हैं। यह 2019 के अनुमानों की तुलना में करीब 20 गुना कमी है ।
यदि हमले के शुरुआती चरण की गणना पहले से कर ली जाए, तो पर्याप्त उन्नत मशीन पर वास्तविक हमले का समय करीब 9 मिनट तक कम हो सकता है ।
जो पते पहले ही खर्च किए जा चुके हैं और जिनकी सार्वजनिक कुंजी ब्लॉकचेन पर उजागर हो चुकी है, वे भविष्य में विशेष रूप से जोखिम में हो सकते हैं। हमलावर सार्वजनिक कुंजी से निजी कुंजी निकालकर उन पतों में मौजूद धन को स्थानांतरित करने की कोशिश कर सकता है।
Google से जुड़े अनुमानों में लगभग 6.9 मिलियन BTC, यानी कुल आपूर्ति का करीब 32%, ऐसे वॉलेट में बताया गया है जिनकी सार्वजनिक कुंजियां उजागर हैं । करीब 34% आपूर्ति, 6.8 मिलियन BTC और लगभग 437 अरब डॉलर वाले आंकड़े इसी व्यापक जोखिम-समूह के आसपास हैं, लेकिन उपलब्ध स्रोतों में इस सटीक प्रतिशत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली।
एक स्वतंत्र जुलाई 2026 के अकादमिक शोधपत्र ने लॉजिकल क्यूबिट का अनुमान 1,200 से 2,330 के बीच रखा, लेकिन फिजिकल क्यूबिट की संभावित संख्या 0.5 करोड़ से 32 करोड़ तक बताई। शोधपत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि आज कोई cryptographically relevant quantum computer (CRQC) मौजूद नहीं है; 2026 की सबसे बड़ी प्रदर्शित मशीनों में लगभग 1,000–1,200 फिजिकल क्यूबिट हैं ।
इसलिए यह तत्काल Bitcoin “किल स्विच” नहीं है। खतरा भविष्य की इंजीनियरिंग क्षमता पर निर्भर है—लेकिन क्रिप्टोग्राफी बदलने में समय लग सकता है, इसलिए तैयारी पहले शुरू करनी होगी।
23 जुलाई 2026 को Bitcoin Security Consortium के गठन की घोषणा हुई। इसके नौ संस्थापक सदस्य हैं:
इन कंपनियों ने तीन वर्षों में कुल 15 मिलियन डॉलर देने का संकल्प लिया है। इस धन का इस्तेमाल Bitcoin की सुरक्षा, ओपन-सोर्स विकास और क्वांटम-प्रतिरोधी क्रिप्टोग्राफी की तैयारी से जुड़े शोध को समर्थन देने में किया जाएगा ।
यह कोई ऐसा केंद्रीय फंड नहीं है जिसमें सारी रकम जमा होगी। Consortium एक समन्वय और फंडिंग व्यवस्था के रूप में काम करेगा; प्रत्येक सदस्य अपनी राशि डेवलपर, शोधकर्ता या अपनी पसंद के संगठन को स्वतंत्र रूप से दे सकता है । Consortium स्वयं Bitcoin प्रोटोकॉल को नियंत्रित या विकसित नहीं करता।
Galaxy Digital की भागीदारी Bitcoin Security Consortium की सदस्यता के जरिए पुष्ट है। हालांकि उपलब्ध स्रोतों में “Galaxy Digital Bitcoin Quantum Readiness Initiative” नाम से किसी अलग, विस्तृत पहल की पर्याप्त स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली।
इसी तरह Coinbase की क्वांटम-सुरक्षा गतिविधियां Consortium में उसकी भागीदारी से स्पष्ट होती हैं, लेकिन “Independent Advisory Board on Quantum Computing” नामक अलग पहल के लॉन्च, संरचना या सदस्यों की पुष्टि के लिए पर्याप्त स्रोत उपलब्ध नहीं हैं।
Bitcoin प्रोटोकॉल में अभी पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर जाने के लिए कोई सर्वसम्मत और सक्रिय माइग्रेशन मार्ग नहीं है। BIP-361 का मसौदा क्वांटम-प्रतिरोधी signature scheme लाने का प्रस्ताव रखता है, लेकिन Bitcoin डेवलपमेंट समुदाय में इस पर सहमति नहीं बनी है ।
यही इस पूरे मामले का केंद्रीय मुद्दा है। खतरा अभी सैद्धांतिक है, लेकिन अगर भविष्य में नई signature scheme अपनानी पड़ी, तो नेटवर्क, वॉलेट, एक्सचेंज, कस्टोडियन और उपयोगकर्ताओं के बीच बड़े पैमाने पर समन्वय की जरूरत होगी। $15 मिलियन का Consortium इसी तरह के शोध और खुले स्रोत वाले विकास को गति देने का प्रयास है।
2026 की तस्वीर दो बातों को एक साथ दिखाती है:
आज CRQC मौजूद नहीं है और वर्तमान मशीनों से ऐसा हमला संभव नहीं है। लेकिन Bitcoin की सुरक्षा का सवाल अब केवल “क्या क्वांटम कंप्यूटर कभी ऐसा कर पाएगा?” तक सीमित नहीं रहा। असली सवाल यह है कि प्रोटोकॉल उस दिन से पहले सुरक्षित हस्ताक्षर प्रणाली में बदलाव के लिए तैयार होगा या नहीं।