ARROS 1 में उन्नत ROS1 पॉजिटिव NSCLC के 94 TKI नेव रोगियों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% (88 मरीज) रहा; 12 महीने पर 90% रोगियों में बीमारी नहीं बढ़ी थी। [4] मापने योग्य ब्रेन मेटास्टेसिस वाले सभी 10 मरीजों में मस्तिष्क के भीतर रिस्पॉन्स मिला, जिनमें सात में पूर्ण रेडियोलॉजिकल क्लियरेंस दर्ज हुआ। [4] ज...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did GSK report at the 2026 World Conference on Lung Cancer about zidesamtinib (Jideytro) in the phase 1/2 ARROS-1 trial for previously. Article summary: GSK reported that zidesamtinib produced high systemic and intracranial response rates in the single-arm ARROS-1 trial of TKI-naïve advanced ROS1-positive NSCLC, supporting its planned U.S. first-line filing. The results . Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, click
GSK ने 2026 वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन लंग कैंसर (WCLC) में जिडेसाम्टिनिब, जिसका ब्रांड नाम जिडेट्रो (Jideytro) है, के फर्स्ट-लाइन नतीजे पेश किए। उन्नत या मेटास्टेटिक ROS1-पॉजिटिव नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) वाले 94 मूल्यांकन-योग्य वयस्कों में—जिन्होंने पहले ROS1 टायरोसीन काइनेज इनहिबिटर (TKI) नहीं लिया था—88 में उपचार का असर दिखा। यानी ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट (ORR) 94% रहा। 4
ये आंकड़े शरीर के अन्य हिस्सों के साथ मस्तिष्क में मौजूद बीमारी पर भी दवा की उल्लेखनीय सक्रियता का संकेत देते हैं। लेकिन ARROS-1 एक सिंगल-आर्म फेज 1/2 ट्रायल है; इसमें जिडेट्रो की तुलना मौजूदा फर्स्ट-लाइन ROS1 दवाओं से रैंडम तरीके से नहीं की गई। इसलिए इन नतीजों से यह तय नहीं किया जा सकता कि जिडेट्रो अन्य विकल्पों से बेहतर है। 4
मध्य 15.2 महीने के फॉलो-अप के बाद, ब्लाइंडेड इंडिपेंडेंट सेंट्रल रिव्यू में ORR 94% (94 में 88; 95% कॉन्फिडेंस इंटरवल 87%–98%) पाया गया। 14 मरीजों, यानी 15%, में पूर्ण रिस्पॉन्स दर्ज हुआ। 4
बीमारी को नियंत्रित रखने से जुड़े आंकड़े भी उत्साहजनक थे, हालांकि वे अभी परिपक्व नहीं हैं:
ROS1-पॉजिटिव NSCLC में लंबे समय तक बीमारी पर नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब कैंसर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र या मस्तिष्क तक फैल गया हो।
शुरुआत में मापने योग्य ब्रेन मेटास्टेसिस वाले 10 मरीजों में GSK ने इंट्राक्रैनियल रिस्पॉन्स की सूचना दी। सभी 10 मरीजों में मस्तिष्क के भीतर रिस्पॉन्स मिला और 7 मरीजों (70%) में स्कैन पर मस्तिष्क की बीमारी पूरी तरह साफ दिखी। 12 महीने पर इंट्राक्रैनियल रिस्पॉन्स रेट 78% था। 4
कंपनी ने यह भी बताया कि जिन मरीजों में ट्रायल में प्रवेश के समय ब्रेन मेटास्टेसिस नहीं थे, उनमें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में बीमारी बढ़ने का कोई मामला सामने नहीं आया। 4
यह महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि लक्षित उपचार की मस्तिष्क तक पहुंच और वहां बीमारी को नियंत्रित करने की क्षमता उपचार-चयन में मायने रखती है। हालांकि, मापने योग्य ब्रेन मेटास्टेसिस वाले मरीजों की संख्या केवल 10 थी, इसलिए इस अनुमान को सावधानी से समझना चाहिए।
ARROS-1, जिडेसाम्टिनिब का वैश्विक, सिंगल-आर्म, फर्स्ट-इन-ह्यूमन फेज 1/2 ट्रायल है। WCLC विश्लेषण में स्थानीय रूप से उन्नत या मेटास्टेटिक ROS1-पॉजिटिव NSCLC वाले वे वयस्क शामिल थे, जिन्होंने पहले ROS1 TKI नहीं लिया था। ट्रायल में शामिल होने से पहले मरीज अधिकतम एक लाइन की कीमोथेरेपी और/या इम्यूनोथेरेपी ले सकते थे। 4
प्रभावकारिता के लिए मूल्यांकन-योग्य समूह में:
अर्थात, “TKI-नेव” का मतलब जरूरी नहीं कि मरीज ने पहले कोई उपचार न लिया हो; कुछ लोगों को पहले सिस्टमेटिक उपचार मिला था, लेकिन किसी ने ROS1 को लक्षित करने वाला TKI नहीं लिया था।
इलाज से संबंधित सबसे आम प्रतिकूल प्रभावों में हाथ-पैरों में सूजन, वजन बढ़ना, क्रिएटिन फॉस्फोकाइनेज का बढ़ना, स्वाद में बदलाव और एस्पार्टेट एमिनोट्रांसफेरेज का बढ़ना शामिल था। GSK के अनुसार, इनमें से अधिकांश प्रभाव कम गंभीरता वाले थे। 4
उपचार-संबंधी प्रतिकूल प्रभावों के कारण 11% मरीजों में खुराक घटानी पड़ी, जबकि 1% मरीज ने इन्हीं प्रभावों के कारण उपचार बंद किया। 4
छोटे और गैर-रैंडमाइज्ड समूह में सुरक्षा को पूरी तरह समझने के लिए लंबा फॉलो-अप और व्यापक क्लिनिकल उपयोग जरूरी होगा। फिर भी, कम डिसकंटिन्यूएशन दर को GSK ने इसे संभावित फर्स्ट-लाइन विकल्प के रूप में पेश करने के अपने तर्क का हिस्सा बताया है।
क्रिजोटिनिब और एंट्रेक्टिनिब ROS1 को लक्षित करने वाले स्थापित फर्स्ट-लाइन विकल्प हैं। GSK ने जिडेसाम्टिनिब के रिस्पॉन्स रेट, सहनशीलता प्रोफाइल और ब्रेन मेटास्टेसिस में बताई गई सक्रियता को संभावित अंतरकारी खूबियों के रूप में रेखांकित किया। 4
फिर भी, ARROS-1 में मरीजों को जिडेसाम्टिनिब, क्रिजोटिनिब या एंट्रेक्टिनिब में रैंडम रूप से नहीं बांटा गया था। अलग-अलग ट्रायल में मरीजों की विशेषताएं, फॉलो-अप अवधि और मूल्यांकन के तरीके भिन्न हो सकते हैं, जिससे सीधे तुलना भ्रामक हो सकती है। इसलिए 94% ORR मजबूत गतिविधि का संकेत है, श्रेष्ठता का प्रमाण नहीं।
GSK का अनुमान है कि NSCLC के लगभग 2% मामलों में ROS1 परिवर्तन होते हैं, जो दुनिया भर में हर साल करीब 50,000 नए ROS1-पॉजिटिव NSCLC निदानों के बराबर है। यह बीमारी अक्सर कम उम्र के लोगों और धूम्रपान न करने वालों में पहचानी जाती है तथा मस्तिष्क तक फैलने की प्रवृत्ति रखती है। 4
चूंकि यह कैंसर उपप्रकार असामान्य है, इसलिए ऐसे मरीजों की पहचान के लिए आणविक परीक्षण महत्वपूर्ण है, ताकि ROS1-निर्देशित उपचार पर विचार किया जा सके।
22 जुलाई 2026 को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जिडेट्रो को स्थानीय रूप से उन्नत या मेटास्टेटिक ROS1-पॉजिटिव NSCLC वाले उन वयस्कों के लिए मंजूरी दी थी, जो पहले ROS1 TKI से उपचार ले चुके थे। यह मंजूरी ARROS-1 के अलग, पहले उपचार पा चुके 117 मरीजों के समूह के आधार पर थी, जिसमें ORR 44% (95% CI: 34%–53%) रहा। 13
GSK के अनुसार, इस रोग-स्थिति में जिडेसाम्टिनिब को FDA की ऑर्फन-ड्रग और ब्रेकथ्रू-थेरेपी डेजिग्नेशन भी मिली है। 4 WCLC प्रस्तुति के समय जिडेट्रो को फर्स्ट-लाइन उपचार के लिए मंजूरी नहीं मिली थी। कंपनी ने कहा कि वह TKI-नेव मरीजों के लिए संकेत का विस्तार मांगने हेतु 2026 में FDA को सप्लीमेंटल न्यू ड्रग एप्लिकेशन देने की योजना बना रही है।
1
4
WCLC में पेश आंकड़े जिडेट्रो के फर्स्ट-लाइन मामले को मजबूत बनाते हैं: उन्नत ROS1-पॉजिटिव NSCLC वाले 94 TKI-नेव मरीजों में 94% ORR और 14 पूर्ण रिस्पॉन्स। ब्रेन मेटास्टेसिस वाले 10 मूल्यांकन-योग्य मरीजों में से 7 में पूर्ण इंट्राक्रैनियल रिस्पॉन्स ने भी इस कार्यक्रम में रुचि बढ़ाई है। 4
अब प्रमुख सवाल नियामकीय और तुलनात्मक हैं—क्या FDA फर्स्ट-लाइन उपयोग के लिए लेबल का विस्तार करेगा, और क्या लंबा फॉलो-अप या प्रत्यक्ष तुलनात्मक अध्ययन जिडेट्रो की जगह को मौजूदा ROS1-लक्षित उपचारों के मुकाबले अधिक स्पष्ट कर पाएंगे।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
ARROS 1 में उन्नत ROS1 पॉजिटिव NSCLC के 94 TKI नेव रोगियों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% (88 मरीज) रहा; 12 महीने पर 90% रोगियों में बीमारी नहीं बढ़ी थी। [4]
ARROS 1 में उन्नत ROS1 पॉजिटिव NSCLC के 94 TKI नेव रोगियों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% (88 मरीज) रहा; 12 महीने पर 90% रोगियों में बीमारी नहीं बढ़ी थी। [4] मापने योग्य ब्रेन मेटास्टेसिस वाले सभी 10 मरीजों में मस्तिष्क के भीतर रिस्पॉन्स मिला, जिनमें सात में पूर्ण रेडियोलॉजिकल क्लियरेंस दर्ज हुआ। [4]
जिडेट्रो को अमेरिका में पहले ROS1 TKI ले चुके मरीजों के लिए मंजूरी मिल चुकी है; GSK 2026 में फर्स्ट लाइन उपयोग के लिए FDA में विस्तारित आवेदन देने की योजना बना रही है। [1][13]