Google DeepMind और सिंगापुर की सरकारी तकनीकी एजेंसी GovTech Android डिवाइसों के लिए ऐसा AI मॉडल विकसित कर रहे हैं, जो बातचीत में स्कैम के संकेत पहचानकर उपयोगकर्ता को चेतावनी दे सके। इसका उद्देश्य किसी के पैसे भेजने या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले उसे सतर्क करना है। इस पहल की घोषणा 14 अक्टूबर 2026 को Singapore International Cyber Week में हुई थी। यह फिलहाल विकास का काम है—Android में शामिल हो चुके फीचर की घोषणा नहीं, और न ही इसकी रिलीज़ की तारीख बताई गई है।
6
8
11
फोन पर ही कैसे काम करेगा स्कैम डिटेक्टर
साझेदारों के मुताबिक, Google के हल्के Gemma मॉडल को स्थानीय स्कैम बातचीत के आधार पर फाइन-ट्यून किया गया है। योजना है कि मॉडल संदेशों में दबाव बनाने या धोखे से जानकारी निकलवाने जैसे संकेत डिवाइस पर ही खोजे। इस तरीके का मकसद निजी संदेशों को क्लाउड सर्वर पर भेजे बिना उनका विश्लेषण करना है।
6
11
एक रिपोर्ट के अनुसार, सिस्टम दो चरणों में काम कर सकता है: पहले हल्का क्लासिफायर संदेशों की शुरुआती जांच करेगा। अगर उसमें खतरे के संकेत मिले, तो फाइन-ट्यून किया गया Gemma मॉडल बातचीत के बड़े हिस्से को देखकर संदिग्ध पैटर्न जांचेगा और फोन पर चेतावनी दिखा सकता है।
2 लक्ष्य है कि उपयोगकर्ता पैसे या संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले रुककर सोच सके—यह दावा नहीं कि हर स्कैम पकड़ा ही जाएगा।
6
12
कुछ खबरों में WhatsApp और Telegram को ऐसे ऐप्स के उदाहरण के रूप में बताया गया है जिनकी बातचीत सिस्टम जांच सकता है।
19 हालांकि उपलब्ध आधिकारिक घोषणा सामग्री से यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन-कौन से ऐप समर्थित होंगे, या व्यवहार में मॉडल सामान्य बातचीत और स्कैम के बीच फर्क कैसे करेगा।
निजता के दावे क्या बताते हैं—और क्या नहीं
इस परियोजना का प्रमुख निजता-संबंधी दावा यह है कि संदेशों की जांच डिवाइस पर होगी और बातचीत की सामग्री क्लाउड पर नहीं भेजी जाएगी।
6
7
11 इससे चैट को किसी दूरस्थ सेवा तक पहुंचाए बिना उसका विश्लेषण संभव हो सकता है। लेकिन उपलब्ध सामग्री में उपयोगकर्ता की सहमति लेने की पूरी प्रक्रिया या सभी पक्षों के डेटा-एक्सेस नियंत्रणों का स्वतंत्र विवरण नहीं है। चेतावनी कितनी जल्दी आएगी या स्कैम पहचानने में मॉडल कितना सटीक होगा, इसके मापे हुए नतीजे भी साझा नहीं किए गए हैं।
स्रोत पुष्टि करते हैं कि मॉडल को स्थानीय स्कैम बातचीत से फाइन-ट्यून किया गया है। लेकिन वे यह स्पष्ट नहीं करते कि प्रशिक्षण में गुमनाम शिकायतें, खुफिया जानकारी और कृत्रिम रूप से बनाई गई बातचीत भी शामिल की गई है या नहीं। स्कैम के नए तरीकों के अनुसार मॉडल कितनी बार अपडेट होगा, यह भी अभी मालूम नहीं है।
6
रिलीज़ और दूसरे देशों में इस्तेमाल पर सवाल
Google DeepMind और GovTech ने मॉडल विकसित करने की घोषणा की है, लेकिन उपलब्ध स्रोतों में सार्वजनिक रिलीज़ की तारीख नहीं दी गई है। यह भी पुष्टि नहीं है कि यह Android में डिफॉल्ट रूप से शामिल होगा।
6
8
12 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे जारी करने की कोई घोषणा भी नहीं हुई है। दूसरे देशों के स्कैम पैटर्न के मुताबिक मॉडल को ढालना संभव हो सकता है, लेकिन यहां उपलब्ध जानकारी में ऐसी तैनाती का कोई वादा दर्ज नहीं है।
इस पहल की पृष्ठभूमि में सिंगापुर में स्कैम से हुए भारी नुकसान का आंकड़ा है: रिपोर्टों के मुताबिक, 2019 से अब तक नुकसान S$4 अरब से अधिक रहा है।
3
4 हालांकि यह आंकड़ा समस्या का पैमाना दिखाता है, नए टूल की प्रभावशीलता का सबूत नहीं है। जब तक इसे जारी करके परखा नहीं जाता, इसकी वास्तविक सटीकता, निजता-सुरक्षा और अलग-अलग मैसेजिंग ऐप्स तक पहुंच अनिश्चित रहेंगी।