Google I/O 2026 में सुंदर पिचाई ने लगभग $180–$190 अरब के AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का बचाव करते हुए कहा कि टेक इतिहास में पहले भारी निवेश होता है और बाद में दक्षता बढ़ने से लागत घटती है। [3][4] Google के अनुसार उसके सिस्टम पर AI टोकन प्रोसेसिंग दो साल में 9.7 ट्रिलियन प्रति माह से बढ़कर 3.2 क्वाड्रिलियन प्रति माह से...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Google CEO Sundar Pichai say at Google I/O 2026 about concerns over a potential AI spending bubble, how does he justify Google’s ro. Article summary: Sundar Pichai’s 2026 message was more confident than his 2025 warning: he pushed back on “AI bubble” concerns by arguing that heavy infrastructure spending will be followed by major efficiency gains, much as earlier tech. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Google’s Sundar Pichai warns of AI spending ‘irrationality’ — saying ‘no company’ is safe if bubble bursts. Google boss Sundar Pichai admitted that he sees some “irrationality” d" source context "Google CEO Sundar Pichai warns of AI spending 'irrationality'" Reference image 2: visual subject "# Google’s Sundar
सिलिकॉन वैली में इस समय एक बड़ा सवाल पूछा जा रहा है: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हो रहा भारी खर्च एक नया टेक बबल बना रहा है?
Google I/O 2026 में Google के CEO सुंदर पिचाई ने इसी सवाल का सीधे जवाब दिया। उनका कहना था कि मौजूदा AI निवेश को "बबल" कहना जल्दबाज़ी होगी। उनके मुताबिक टेक उद्योग में यह पैटर्न पहले भी देखा गया है—पहले भारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश होता है और बाद में तेज़ दक्षता सुधार के कारण तकनीक सस्ती और व्यापक हो जाती है।
Google की मूल कंपनी Alphabet इस समय AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। पिचाई के अनुसार कंपनी का कैपेक्स 2022 में लगभग $31 अरब था, जबकि 2026 में यह बढ़कर लगभग $180–$190 अरब तक पहुँचने की उम्मीद है।
यह पैसा मुख्य रूप से इन चीज़ों पर खर्च हो रहा है:
इसी इंफ्रास्ट्रक्चर के सहारे Google अपने कई प्रोडक्ट्स—जैसे Search, Gemini मॉडल, डेवलपर APIs और Google Cloud—में AI सुविधाएँ चला रहा है।
पिचाई ने कहा कि टेक उद्योग में अक्सर ऐसा हुआ है कि जब कोई नई तकनीक आती है तो शुरुआत में कंपनियाँ बड़े पैमाने पर निवेश करती हैं। इसके बाद हार्डवेयर, मॉडल और सॉफ्टवेयर सिस्टम बेहतर होते जाते हैं और लागत तेजी से घटने लगती है।
इसका मतलब यह है कि आज जो इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत महंगा लग रहा है, वही भविष्य में कहीं ज्यादा AI काम संभाल सकेगा। उनके अनुसार वर्तमान खर्च वास्तव में आने वाले वर्षों के लिए नींव तैयार करने जैसा है।
Google ने अपने तर्क के समर्थन में उपयोग के आंकड़े भी साझा किए। कंपनी के मुताबिक उसके प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस होने वाले AI टोकन की मात्रा बेहद तेजी से बढ़ी है।
यह वृद्धि कई जगहों से आ रही है:
पिचाई का तर्क है कि जब उपयोग इतनी तेजी से बढ़ रहा है, तो इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च भी उसी गति से बढ़ना स्वाभाविक है।
I/O 2026 में Google ने Gemini 3.5 Flash नाम का एक नया AI मॉडल भी पेश किया, जिसे तेज़ और अपेक्षाकृत सस्ता बताया गया।
इस तरह के मॉडल दिखाते हैं कि AI सिस्टम समय के साथ अधिक कुशल होते जाते हैं। जब इन्फरेंस लागत कम होती है और गति बढ़ती है, तो वही इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा ऐप्लिकेशन और उपयोगकर्ताओं को संभाल सकता है।
हालाँकि पिचाई ने निवेश का बचाव किया, लेकिन उन्होंने कुछ गंभीर चुनौतियों को भी स्वीकार किया।
सबसे बड़ी समस्याएँ हैं:
AI उद्योग में इन मुद्दों पर अब काफी ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि कंपनियाँ तेजी से नई कंप्यूटिंग क्षमता बनाने की कोशिश कर रही हैं।
पिचाई की 2026 की टिप्पणियाँ उनके 2025 के बयानों से कुछ अलग थीं। उस समय उन्होंने माना था कि AI निवेश उछाल में "कुछ हद तक अव्यावहारिकता" भी मौजूद है और अगर AI बबल फूटा तो कोई भी कंपनी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगी।
लेकिन I/O 2026 में उनका संदेश ज्यादा आशावादी था। उन्होंने तीन बातों पर जोर दिया:
उन्होंने जोखिम से इनकार नहीं किया, लेकिन कहा कि लंबी अवधि में AI का विकास इस निवेश को तार्किक बनाता है।
Google अकेली कंपनी नहीं है जो AI पर इतना खर्च कर रही है। Microsoft, Amazon और अन्य बड़ी टेक कंपनियाँ भी नए चिप्स, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर लगा रही हैं।
पिचाई के अनुसार यह दौर उसी तरह का है जैसा इंटरनेट या क्लाउड कंप्यूटिंग के शुरुआती वर्षों में देखा गया था—पहले भारी निवेश, फिर तेजी से बढ़ती दक्षता और अंततः तकनीक का व्यापक इस्तेमाल।
अगर उनका अनुमान सही साबित होता है, तो आज का यह महंगा AI इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले समय में तकनीक को कहीं ज्यादा सस्ता और सर्वव्यापी बना सकता है।
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Google I/O 2026 में सुंदर पिचाई ने लगभग $180–$190 अरब के AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का बचाव करते हुए कहा कि टेक इतिहास में पहले भारी निवेश होता है और बाद में दक्षता बढ़ने से लागत घटती है। [3][4]
Google I/O 2026 में सुंदर पिचाई ने लगभग $180–$190 अरब के AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का बचाव करते हुए कहा कि टेक इतिहास में पहले भारी निवेश होता है और बाद में दक्षता बढ़ने से लागत घटती है। [3][4] Google के अनुसार उसके सिस्टम पर AI टोकन प्रोसेसिंग दो साल में 9.7 ट्रिलियन प्रति माह से बढ़कर 3.2 क्वाड्रिलियन प्रति माह से अधिक हो गई है। [7]
पिचाई ने ऊर्जा खपत, कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा‑सेंटर विस्तार जैसी चुनौतियों को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि लंबी अवधि में AI की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। [5]