कुछ प्रमुख बदलाव:
Google के अनुसार, यह बदलाव उस सर्च बॉक्स में सबसे बड़ा बदलाव है जो 25 साल से इंटरनेट का मुख्य प्रवेश द्वार रहा है।
इस पूरे बदलाव के पीछे मुख्य तकनीक है AI Mode, जो Google के Gemini मॉडल पर आधारित है।
AI Mode Search को एक बातचीत करने वाले असिस्टेंट में बदल देता है। यूज़र अब:
फिर भी Google कहता है कि Search यूज़र को मूल वेबसाइटों और स्रोतों के लिंक देता रहेगा ताकि वेब का खुला इकोसिस्टम बना रहे।
नई Search प्रणाली को Gemini 3.5 Flash मॉडल से अपग्रेड किया गया है, जिससे यह कई प्रकार के इनपुट को एक साथ समझ सकती है।
अब यूज़र इन चीज़ों के साथ सर्च कर सकते हैं:
इसका मतलब है कि आप किसी डॉक्यूमेंट को अपलोड करके उसके बारे में सवाल पूछ सकते हैं या ब्राउज़र में जो देख रहे हैं उसी संदर्भ में सर्च कर सकते हैं।
Google ने Search agents भी पेश किए हैं—ऐसे AI एजेंट जो यूज़र की ओर से जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं।
ये एजेंट बैकग्राउंड में:
इसका उद्देश्य है कि यूज़र को दर्जनों वेबसाइट खोलने की ज़रूरत न पड़े—AI खुद जानकारी इकट्ठा करके प्रस्तुत कर सके। Google इसे “agentic Search” की दिशा में कदम बता रहा है।
Search परिणाम भी बदल रहे हैं। अब केवल स्थिर वेब पेज की सूची दिखाने के बजाय Search डायनामिक इंटरफेस बना सकता है।
कभी‑कभी Search खुद एक छोटा टूल या डैशबोर्ड बना देगा, जैसे:
इन छोटे टूल्स को Google “mini apps” कह रहा है—यानि सवाल पूछते ही अस्थायी सॉफ्टवेयर इंटरफेस बन सकता है।
Google ने इस बदलाव को अपने डेवलपर इकोसिस्टम से भी जोड़ा है। I/O 2026 में कंपनी ने नए AI‑आधारित डेवलपर टूल्स और agentic software development की दिशा पर जोर दिया।
Google के CEO सुंदर पिचाई ने इसे “agentic Gemini era” कहा—जहाँ AI सिर्फ सवालों का जवाब नहीं देता बल्कि यूज़र की ओर से वास्तविक काम भी कर सकता है।
Google के अनुसार नया intelligent AI‑powered Search box उन सभी भाषाओं और क्षेत्रों में रोलआउट होना शुरू हो रहा है जहाँ AI Mode उपलब्ध है।
हालाँकि, I/O में घोषित सभी फीचर एक साथ उपलब्ध नहीं होंगे। कुछ सुविधाएँ धीरे‑धीरे टेस्टिंग और चरणबद्ध रोलआउट के साथ आएँगी।
Search का यह बदलाव इंटरनेट के भविष्य से जुड़ा है। आज कई नए AI टूल्स—जिन्हें अक्सर conversational search engines कहा जाता है—सीधे सवालों के जवाब देने लगे हैं।
Google का नया मॉडल दोनों दुनिया को जोड़ने की कोशिश है:
मल्टीमॉडल AI, स्वायत्त एजेंट्स और जनरेटिव इंटरफेस को Search में जोड़कर Google यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसका प्रमुख उत्पाद आगे भी इंटरनेट जानकारी का मुख्य प्रवेश द्वार बना रहे।
सीधे शब्दों में कहें तो—पहले सर्च बॉक्स सिर्फ कीवर्ड टाइप करने की जगह था। अब वही बॉक्स एक इंटेलिजेंट AI इंटरफेस बन रहा है जो सवाल समझता है, रिसर्च करता है और काम पूरा करने में मदद करता है।
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