8 सितंबर 2026 को फुजित्सु ने टिन वैकेंसी (SnV) क्यूबिट को फोटोनिक सर्किट के साथ जोड़ने वाला, क्वांटम गेट चलाने में सक्षम डायमंड स्पिन क्वांटम कंप्यूटर प्रोटोटाइप घोषित किया। इस तकनीक का मुख्य विचार प्रकाश के जरिए क्यूबिट को नियंत्रित करना, उनकी स्थिति पढ़ना और आगे चलकर अलग अलग क्वांटम मॉड्यूलों को जोड़ना है। कंपनी 2...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Fujitsu announce on September 8, 2026 about its working diamond-spin quantum computer prototype—the first of its kind—which uses ti. Article summary: On September 8, 2026, Fujitsu announced what it calls the world’s first working diamond-spin quantum-computer prototype: a gate-operable system that integrates tin-vacancy (SnV) colour centres in diamond directly with ph. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
फुजित्सु की 8 सितंबर 2026 की घोषणा बड़े पैमाने के, त्रुटि-सहिष्णु क्वांटम कंप्यूटर के लॉन्च की नहीं है। कंपनी ने कहा है कि उसने टिन-वैकेंसी (SnV) सेंटर को सीधे फोटोनिक इंटीग्रेटेड सर्किट में जोड़ने वाला दुनिया का पहला कार्यशील डायमंड-स्पिन क्वांटम कंप्यूटर प्रोटोटाइप बनाया है। यह क्वांटम गेट संचालित कर सकता है और भविष्य में प्रकाश के जरिए मॉड्यूलों को जोड़ने की बुनियाद के रूप में तैयार किया गया है। 2
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इस प्रोटोटाइप में हीरे के भीतर मौजूद SnV सेंटर को स्पिन क्यूबिट के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। क्यूबिट की स्थिति नियंत्रित करने और पढ़ने के लिए प्रकाश का उपयोग होता है। फुजित्सु के प्रस्तावित स्केलिंग मॉडल में यही प्रकाश अलग-अलग क्वांटम-कंप्यूटिंग मॉड्यूलों को भी आपस में जोड़ सकता है। 2
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यह सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट वाले प्रोसेसरों से अलग हार्डवेयर रास्ता है। कंपनी का उद्देश्य निकट अवधि में सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट को बदल देना नहीं, बल्कि उच्च-निष्ठा वाले डायमंड-स्पिन संचालन और ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट को मिलाकर मॉड्यूलर विस्तार योग्य मंच विकसित करना है। 2
क्वांटम कंप्यूटर को बड़ा बनाने में सबसे कठिन कामों में से एक है उपयोगी क्यूबिटों को इस तरह जोड़ना कि उनकी नाजुक क्वांटम जानकारी नष्ट न हो। इस प्रोटोटाइप में डायमंड क्यूबिट और फोटोनिक घटक एक ही सिस्टम में हैं, जिससे नियंत्रण और सिग्नल के प्रकाश को ऑप्टिकल वेवगाइड के भीतर मार्ग दिया जा सकता है। फुजित्सु के तकनीकी दस्तावेजों में SnV नियंत्रण तथा सिग्नल प्रकाश की दृश्य तरंगदैर्ध्य के लिए एल्यूमिना ऑप्टिकल-वेवगाइड सर्किट का उल्लेख है। 11
फुजित्सु ने इस उपलब्धि के लिए तीन प्रमुख तकनीकी आधार बताए हैं:
इनका लक्ष्य हार्डवेयर मॉड्यूल को केवल प्रयोगशाला उपकरण न रखकर सामान्य क्वांटम-कंप्यूटिंग वर्कफ़्लो से इस्तेमाल योग्य बनाना है।
फुजित्सु के अनुसार प्रोटोटाइप करीब −271.6°C पर चलता है। यह सामान्य सुपरकंडक्टिंग क्वांटम कंप्यूटरों के लिए बताए गए लगभग −273.13°C से कुछ अधिक तापमान है, लेकिन सिस्टम फिर भी क्रायोजेनिक है और उसे विशेष शीतलन ढांचे की जरूरत रहती है। 2
कंपनी ने इसे अपने Fujitsu Hybrid Quantum Computing Platform के जरिए उपयोग करने का भी प्रदर्शन किया। फुजित्सु का कहना है कि उसकी सर्किट-रूपांतरण क्षमता उपयोगकर्ताओं को डायमंड-स्पिन हार्डवेयर की बारीकियों से सीधे निपटे बिना क्वांटम सर्किट सबमिट करने देती है। 2
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यह काम फुजित्सु, डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और QuTech के बीच 2020 में शुरू हुए शोध सहयोग पर आधारित है। 1
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फुजित्सु ने अपने पहले के डायमंड-स्पिन शोध का भी हवाला दिया है। इसमें मार्च 2025 में सार्वभौमिक गेट सेट का ऐसा प्रदर्शन शामिल है जिसमें त्रुटि की संभावना 0.1% से कम बताई गई थी, साथ ही दूरस्थ नाइट्रोजन-वैकेंसी सेंटरों के एंटैंगलमेंट और गेट संचालन के पूर्व प्रदर्शन भी शामिल हैं। ये उपलब्धियां नए SnV-और-फोटोनिक्स प्रोटोटाइप के शोध आधार का हिस्सा हैं। 2
नई घोषित मशीन सिंगल-मॉड्यूल प्रोटोटाइप है। इसे 250 लॉजिकल क्यूबिट या 1,000 लॉजिकल क्यूबिट वाले कंप्यूटर के रूप में नहीं देखना चाहिए। ये इस डिवाइस की प्रदर्शित क्षमता नहीं, बल्कि फुजित्सु के विकास लक्ष्य हैं। 2
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कंपनी के घोषित रोडमैप में शामिल हैं:
ये योजनाएं फुजित्सु के सुपरकंडक्टिंग कार्यक्रम के समानांतर चल रही हैं, उसकी जगह नहीं ले रहीं। 2025 में कंपनी ने 10,000 से अधिक भौतिक क्यूबिट वाले सुपरकंडक्टिंग क्वांटम कंप्यूटर के लिए अनुसंधान एवं विकास शुरू किया था। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक निर्माण पूरा करना और 250 लॉजिकल क्यूबिट के साथ संचालन करना है। 36
इस घोषणा से संकेत मिलता है कि फुजित्सु स्केलेबल क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए एक से अधिक रास्तों पर काम कर रही है—बड़े भौतिक-क्यूबिट सिस्टम के लिए सुपरकंडक्टिंग हार्डवेयर और ऑप्टिकल इंटरकनेक्शन व दीर्घकालिक हाइब्रिड संरचना के लिए डायमंड-स्पिन मॉड्यूल। डायमंड-स्पिन तरीका प्रोटोटाइप से आगे कितना बढ़ेगा, इसका निर्णायक परीक्षण विश्वसनीय ऑप्टिकल लिंक के जरिए कई मॉड्यूलों को जोड़ने में होगा। 2
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जापान के क्वांटम-हार्डवेयर क्षेत्र में यह घोषणा एक अलग संदर्भ में भी आई है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, NEC ने व्यावसायीकरण की चुनौतियों के बीच मार्च 2026 के अंत में भौतिक क्वांटम-कंप्यूटर हार्डवेयर का विकास बंद कर दिया था। यह जानकारी समाचार संगठनों की रिपोर्टिंग पर आधारित थी, NEC की उत्पाद-घोषणा पर नहीं। वहीं फुजित्सु सुपरकंडक्टिंग और डायमंड-स्पिन—दोनों दिशाओं में निवेश जारी रखे हुए है। 17
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8 सितंबर 2026 को फुजित्सु ने टिन वैकेंसी (SnV) क्यूबिट को फोटोनिक सर्किट के साथ जोड़ने वाला, क्वांटम गेट चलाने में सक्षम डायमंड स्पिन क्वांटम कंप्यूटर प्रोटोटाइप घोषित किया।
8 सितंबर 2026 को फुजित्सु ने टिन वैकेंसी (SnV) क्यूबिट को फोटोनिक सर्किट के साथ जोड़ने वाला, क्वांटम गेट चलाने में सक्षम डायमंड स्पिन क्वांटम कंप्यूटर प्रोटोटाइप घोषित किया। इस तकनीक का मुख्य विचार प्रकाश के जरिए क्यूबिट को नियंत्रित करना, उनकी स्थिति पढ़ना और आगे चलकर अलग अलग क्वांटम मॉड्यूलों को जोड़ना है।
कंपनी 2027 में मल्टी मॉड्यूल प्रोटोटाइप का लक्ष्य रखती है और समानांतर रूप से 2030 तक 10,000 से अधिक भौतिक क्यूबिट वाली सुपरकंडक्टिंग मशीन पर भी काम कर रही है।