सेइजी अडाची को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान 18 सितंबर को अपनी नीति दर 1% से बढ़ाकर 1.25% कर सकता है और जनवरी में एक और बढ़ोतरी संभव है। अडाची के अनुसार, BOJ ‘लगभग घिर चुका है’, क्योंकि दर स्थिर रखने का फैसला बाजार को निराश कर सकता है, येन को फिर कमजोर कर सकता है और आयातित महंगाई बढ़ा सकता है। अब मुख्य सवाल केवल यह नही...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did former Bank of Japan board member Seiji Adachi say about the BOJ’s likely monetary-policy path—including the expected September 18. Article summary: Adachi’s message was that the BOJ is now more likely to validate, rather than disappoint, a market that has substantially priced a September 18 increase from 1.0% to 1.25%. He saw a further move as early as January, with. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers,
बैंक ऑफ जापान (BOJ) के पूर्व नीति बोर्ड सदस्य सेइजी अडाची का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक 18 सितंबर की बैठक में नीति दर को 1% से बढ़ाकर 1.25% कर सकता है। इसके बाद जनवरी में एक और बढ़ोतरी भी संभव है। 24–25 अगस्त को बाजार में सितंबर की दर बढ़ोतरी की करीब 80% संभावना आंकी जा रही थी। 345
यही बाजार-धारणा अडाची के तर्क का केंद्र है। उनका मानना है कि अब BOJ के लिए दरों को स्थिर रखना, अपेक्षित बढ़ोतरी करने की तुलना में, बाजार और येन के लिए अधिक जोखिम पैदा कर सकता है।
अडाची के निकट अवधि के अनुमान के मुताबिक सितंबर की बढ़ोतरी नीति दर को 1.25% तक ले जाएगी और जनवरी में एक और कदम उठाया जा सकता है। यह उनके पहले के अनुमान से भी मेल खाता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि BOJ अक्टूबर से जनवरी के बीच कभी भी दर को 1.25% तक ले जा सकता है और अगले वर्ष यह दर 1.5% से 1.75% तक पहुंच सकती है। 19
यह जापान की लंबे समय से बेहद ढीली मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। हालांकि, समय महत्वपूर्ण है। सितंबर में बढ़ोतरी बाजार की मौजूदा उम्मीदों को सही साबित करेगी। इसके उलट, देरी से निवेशक यह सवाल उठा सकते हैं कि BOJ कमजोर येन और महंगाई के दबाव पर कितनी मजबूती से प्रतिक्रिया देना चाहता है।
अडाची का ‘boxed in’ यानी ‘लगभग घिर जाने’ का आकलन बाजार की उम्मीदों से जुड़ा है। जब कारोबारी सितंबर में दर बढ़ोतरी की करीब 80% संभावना पहले ही कीमतों में शामिल कर चुके हैं, तब दर स्थिर रखने का फैसला सामान्य विराम नहीं, बल्कि नरम रुख वाले अप्रत्याशित संकेत के रूप में लिया जा सकता है। 34
अडाची के अनुसार, ऐसा फैसला येन की दोबारा तेज बिकवाली शुरू कर सकता है। संयुक्त अमेरिका-जापान प्रयासों और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के बाद भी येन कमजोर होकर प्रति डॉलर करीब ¥159 तक पहुंच गया था—यानी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण ¥160 के स्तर के काफी करीब। 3171827
इसका मतलब यह नहीं है कि BOJ के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। मुद्दा यह है कि केंद्रीय बैंक के पिछले संकेतों और उसके संचार ने दर स्थिर रखने को बाजार के लिए अपेक्षा से अधिक बड़ा झटका बना दिया है।
जुलाई के अंत में मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप से येन को अस्थायी सहारा मिला, लेकिन इसे स्थायी समाधान नहीं माना गया। रॉयटर्स के अनुसार, बाजार में सितंबर की BOJ दर बढ़ोतरी की अनुमानित संभावना 30 जुलाई के 24% से बढ़कर 13 अगस्त तक 76% हो गई। 17
यह बदलाव अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की उन टिप्पणियों के बाद आया, जिनमें उन्होंने जापान से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के साथ उपयुक्त “नीति और बुनियादी आर्थिक कारकों” का समर्थन देने को कहा था। इन टिप्पणियों को येन को सहारा देने वाली अधिक अनुकूल मौद्रिक नीति के लिए दबाव के रूप में देखा गया। 17
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार भी BOJ की निकट अवधि में दर बढ़ाने के पक्ष में थी और सितंबर या अक्टूबर को संभावित समय-सीमा माना जा रहा था। 22 हालांकि, नीति को लेकर तनाव बना हुआ है: एक ओर ऊंची दरों से मुद्रा को सहारा देने का दबाव है, तो दूसरी ओर बहुत तेज सख्ती से आर्थिक वृद्धि प्रभावित होने की चिंता है। 1823
सितंबर का फैसला BOJ के नीति-रुख की पहली बड़ी परीक्षा होगा, लेकिन निवेशक भविष्य की बढ़ोतरी की गति पर भी ध्यान दे रहे हैं। सितंबर और जनवरी में लगातार कदम उठाना बेहद सावधान, धीरे-धीरे सामान्यीकरण वाली नीति से तेज रास्ता माना जाएगा।
इसी वजह से BOJ अधिकारियों के भाषण महत्वपूर्ण हो गए हैं। उप-गवर्नर र्योजो हिमिनो 27 अगस्त को बोलने वाले हैं। सितंबर की बैठक से पहले अन्य बोर्ड सदस्य भी बाजार को संबोधित करेंगे। उनके बयानों से संकेत मिल सकता है कि केंद्रीय बैंक निवेशकों को एक और सीमित समायोजन के लिए तैयार कर रहा है या अपेक्षाकृत सक्रिय दर बढ़ोतरी चक्र की ओर बढ़ रहा है। 26
अडाची का मौजूदा रुख उनके पहले के सार्वजनिक बयानों से अधिक सख्त है। तब उन्होंने दर बढ़ोतरी को “बहुत मध्यम” गति से करने और जापान की आर्थिक सुधार प्रक्रिया को समय से पहले कमजोर न करने की चेतावनी दी थी। 13 इसका अर्थ यह जरूरी नहीं कि वे मौद्रिक सख्ती को जोखिम-मुक्त मानते हैं। बल्कि अब उनके आकलन में कमजोर येन और लगातार बने हुए मूल्य दबाव का महत्व बढ़ गया है।
अडाची का अनुमान BOJ की प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि एक पूर्व अधिकारी का आकलन है। यदि केंद्रीय बैंक को लगे कि घरेलू मांग, वेतन वृद्धि या व्यापक आर्थिक सुधार अभी कमजोर हैं, तो वह दर बढ़ोतरी टाल सकता है। BOJ की पिछली टिप्पणियों में भी बहुत जल्दी दर बढ़ाने से सुधार पर नकारात्मक असर पड़ने के जोखिम पर जोर दिया गया था। 213
इसलिए निकट अवधि में सबसे विश्वसनीय संकेत BOJ का आधिकारिक संचार, नए महंगाई और विकास आंकड़े तथा उम्मीदों में बदलाव पर येन की प्रतिक्रिया होंगे। सितंबर की बढ़ोतरी बाजार का आधारभूत अनुमान हो सकती है, लेकिन इसके बाद की दरों का आकार और गति इस बात पर निर्भर करेगी कि महंगाई कितनी टिकाऊ रहती है और क्या उससे अर्थव्यवस्था में तेज सुस्ती आती है।
अडाची का संदेश साफ है: BOJ के लिए बाजार की सितंबर 18 की उम्मीदों पर खरा उतरना, उन्हें निराश करने की तुलना में अधिक संभावित है। वे जनवरी में एक और बढ़ोतरी की संभावना देखते हैं और चेतावनी देते हैं कि दरें स्थिर रखने से येन फिर कमजोर हो सकता है। इससे मुद्रा बाजार में किए गए हस्तक्षेप का असर कम हो सकता है और आयात-आधारित महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। 456
बड़ी तस्वीर में सवाल यह है कि सितंबर की बढ़ोतरी धीमी गति से होने वाले सामान्यीकरण का एक और चरण होगी या तेज दर-वृद्धि चक्र की शुरुआत। बैठक से पहले हिमिनो का भाषण और BOJ के अन्य अधिकारियों के बयान इस दिशा में सबसे अहम संकेत दे सकते हैं। 26
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सेइजी अडाची को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान 18 सितंबर को अपनी नीति दर 1% से बढ़ाकर 1.25% कर सकता है और जनवरी में एक और बढ़ोतरी संभव है।
सेइजी अडाची को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान 18 सितंबर को अपनी नीति दर 1% से बढ़ाकर 1.25% कर सकता है और जनवरी में एक और बढ़ोतरी संभव है। अडाची के अनुसार, BOJ ‘लगभग घिर चुका है’, क्योंकि दर स्थिर रखने का फैसला बाजार को निराश कर सकता है, येन को फिर कमजोर कर सकता है और आयातित महंगाई बढ़ा सकता है।
अब मुख्य सवाल केवल यह नहीं है कि BOJ दर बढ़ाएगा या नहीं, बल्कि यह है कि क्या वह मौद्रिक नीति को पहले से अपेक्षित धीमी गति से तेज करेगा।