79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में ‘मिनोटौर’ के लिए ग्रां प्री लेते समय आंद्रेई ज़्व्यागिन्त्सेव ने व्लादिमीर पुतिन से सीधे कहा कि यूक्रेन में “खूनखराबा रोकें” और युद्ध समाप्त करें।[18][27] फिल्म ‘मिनोटौर’ रूस के भीतर हत्या, भ्रष्टाचार और सत्ता‑तंत्र की नैतिक गिरावट को दिखाती है, जिसकी पृष्ठभूमि में यूक्रेन युद्ध के लिए...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did exiled Russian director Andrey Zvyagintsev say to Vladimir Putin during his Grand Prix acceptance speech at the 79th Cannes Film Fe. Article summary: Zvyagintsev used his Grand Prix speech for “Minotaur” to appeal directly to Vladimir Putin to “stop the carnage” in Ukraine.[2] “Minotaur” was widely described at Cannes as an anti-war, anti-corruption drama that links e. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Director Andrey Zvyagintsev poses on the red carpet during arrivals for the screening of the film "Minotaur" (Minotaure) in competition at the 79th Cannes Film Festival in Cannes," source context "Russian filmmaker Zvyagintsev returns after 'miracle' recovery" Reference image 2: visual subject "Director Andrey Zv
2026 के 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में रूसी निर्देशक आंद्रेई ज़्व्यागिन्त्सेव ने अपनी फिल्म Minotaur के लिए Grand Prix (फेस्टिवल का दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार) जीतने के बाद एक शक्तिशाली राजनीतिक संदेश दिया।
स्वीकृति भाषण के दौरान उन्होंने सीधे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त किया जाए और “खूनखराबा रोकें।”
रिपोर्टों के अनुसार, यह बयान बेहद स्पष्ट युद्ध‑विरोधी अपील था। ज़्व्यागिन्त्सेव ने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक मंच पर खड़े होकर वह युद्ध की मानवीय कीमत के बारे में चुप नहीं रह सकते।
Minotaur पारंपरिक युद्ध फिल्म नहीं है। इसकी कहानी रूस के अंदर घटित एक अपराध‑कथा के रूप में सामने आती है, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि में यूक्रेन के साथ चल रहा युद्ध लगातार मौजूद रहता है।
फिल्म का केंद्र एक अमीर शिपिंग कंपनी के प्रमुख और उसके निजी जीवन पर है। धीरे‑धीरे कहानी रूस की उच्चवर्गीय सत्ता संरचना में मौजूद हत्या, भ्रष्टाचार और नैतिक समझौते को उजागर करती है।
कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि युद्ध के लिए युवाओं की जबरन भर्ती दिखाई जाती है—जिससे समाज पर युद्ध के व्यापक प्रभाव और व्यक्तिगत फैसलों पर उसके दबाव को दिखाया गया है।
निर्देशक ने इस फिल्म को मूल रूप से शांतिवादी (pacifist) बताया है और कहा है कि यह “पुतिन के शासन द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे युद्ध” का विरोध करती है, भले ही फिल्म यह संदेश सीधे भाषण की बजाय नाटक और पात्रों के माध्यम से देती हो।
ज़्व्यागिन्त्सेव इस समय फ्रांस में स्वैच्छिक निर्वासन में रह रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, महामारी के दौरान उन्हें गंभीर COVID‑19 हुआ था और उसके बाद से वह रूस से बाहर ही रह रहे हैं।
उन्होंने यूक्रेन युद्ध की खुलकर आलोचना की है और कहा है कि जब तक रूस अपने पड़ोसी देश के खिलाफ युद्ध में शामिल है, तब तक वह वापस नहीं लौटेंगे।
उनके शब्दों में, वह ऐसे देश का हिस्सा नहीं बनना चाहते जो अपने पड़ोसी के साथ युद्ध कर रहा हो।
हालाँकि कान्स फिल्म फेस्टिवल ने ज़्व्यागिन्त्सेव के भाषण पर कोई व्यापक आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की, लेकिन फेस्टिवल ने उनकी फिल्म को मुख्य प्रतियोगिता में जगह देकर और Grand Prix देकर उसे वैश्विक मंच दिया।
2026 का कान्स कई ऐसी फिल्मों के कारण चर्चा में रहा जो राजनीतिक संघर्ष, सामाजिक ध्रुवीकरण और वैश्विक तनाव जैसे विषयों को छूती थीं। इससे फेस्टिवल केवल सिनेमा का आयोजन नहीं बल्कि समकालीन विश्व‑राजनीति पर चर्चा का मंच भी बन गया।
फेस्टिवल के समापन समारोह में कई महत्वपूर्ण पुरस्कार और घटनाएँ भी चर्चा में रहीं:
मुंगियू के लिए यह दूसरा पाल्मे द’ओर था—जिससे वह उन गिने‑चुने निर्देशकों में शामिल हो गए जिन्होंने कान्स का सर्वोच्च सम्मान दो बार जीता है।
कान्स 2026 कई बेहतरीन फिल्मों और पुरस्कारों के लिए याद किया जाएगा, लेकिन ज़्व्यागिन्त्सेव का भाषण सबसे अलग रहा।
एक निर्वासित रूसी फिल्मकार ने सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक पर खड़े होकर अपने ही देश के राष्ट्रपति से युद्ध रोकने की अपील की। कला, राजनीति और शांति की यह अपील—यही इस साल के कान्स की सबसे यादगार तस्वीर बन गई।
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79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में ‘मिनोटौर’ के लिए ग्रां प्री लेते समय आंद्रेई ज़्व्यागिन्त्सेव ने व्लादिमीर पुतिन से सीधे कहा कि यूक्रेन में “खूनखराबा रोकें” और युद्ध समाप्त करें।[18][27]
79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में ‘मिनोटौर’ के लिए ग्रां प्री लेते समय आंद्रेई ज़्व्यागिन्त्सेव ने व्लादिमीर पुतिन से सीधे कहा कि यूक्रेन में “खूनखराबा रोकें” और युद्ध समाप्त करें।[18][27] फिल्म ‘मिनोटौर’ रूस के भीतर हत्या, भ्रष्टाचार और सत्ता‑तंत्र की नैतिक गिरावट को दिखाती है, जिसकी पृष्ठभूमि में यूक्रेन युद्ध के लिए युवाओं की भर्ती है।[25][44]
ज़्व्यागिन्त्सेव फ्रांस में निर्वासन में रह रहे हैं और कह चुके हैं कि पड़ोसी देश से युद्ध कर रहे रूस में वह फिलहाल वापस नहीं लौटेंगे।[20][24]