नए कारोबारों के पंजीकरण में गिरावट पूरे कारोबारी क्षेत्र में समान नहीं थी। सबसे बड़ी कमी इन क्षेत्रों में दर्ज की गई:
कुछ क्षेत्रों में इसके उलट बढ़ोतरी हुई। सूचना और संचार क्षेत्र में नए पंजीकरण 8.8% बढ़े, जबकि निर्माण क्षेत्र में 1.0% की वृद्धि हुई। वित्तीय सेवाओं में पंजीकरण स्थिर रहे।
इससे पता चलता है कि यह नए कारोबार शुरू करने से जुड़ी गतिविधि में समान रूप से आई गिरावट नहीं थी। डिजिटल और संचार क्षेत्र में नए पंजीकरण बढ़ते रहे, जबकि औद्योगिक, आतिथ्य और शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों पर अधिक दबाव दिखा।
Eurostat के दायरे में शामिल आठ क्षेत्रों में से पांच में दिवालियापन घोषणाएं बढ़ीं। सबसे तेज बढ़ोतरी शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में हुई, जहां यह 21.1% रही।
उपलब्ध रिपोर्टों में परिवहन और वित्तीय सेवाओं में भी बढ़ोतरी बताई गई है। इसके विपरीत, आवास एवं खाद्य सेवाओं, निर्माण और व्यापार क्षेत्र में दिवालियापन घोषणाएं घटीं।
शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों का आंकड़ा विशेष ध्यान देने योग्य है। इस श्रेणी में शिक्षा, सामाजिक सहायता, परिवार-सहायता और बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। लेकिन इस तिमाही के आंकड़े का यह अर्थ नहीं है कि हर स्कूल, देखभाल प्रदाता या सामाजिक सेवा संस्था वित्तीय संकट में है। यह केवल क्षेत्र स्तर पर दिवालियापन घोषणाओं में बदलाव दिखाता है—किसी संस्था की लाभप्रदता, सेवा की गुणवत्ता या लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता को नहीं।
उपलब्ध साक्ष्यों में Q2 में नए पंजीकरण या दिवालियापन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी वाले देशों की विश्वसनीय रैंकिंग नहीं दी गई है। इसलिए पूरी देशवार तालिका के बिना किसी एक देश को सबसे बड़ी बढ़ोतरी वाला बताना उचित नहीं होगा।
दिवालियापन घोषणाओं में गिरावट के मामले में उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार माल्टा में सबसे बड़ी कमी 50.0% रही। इसके बाद साइप्रस में 41.7% और स्लोवाकिया में 33.5% की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि साइप्रस का प्रतिशत वहां मामलों की कम संख्या के कारण अधिक बड़ा दिखाई दे सकता है।
यह उदाहरण बताता है कि तिमाही प्रतिशतों को संदर्भ के साथ पढ़ना जरूरी है। छोटे बाजार में बड़ी प्रतिशत गिरावट वास्तविक मामलों की अपेक्षाकृत छोटी संख्या को दर्शा सकती है। केवल एक तिमाही के आंकड़े से किसी देश में स्थायी रुझान तय नहीं किया जा सकता।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के Q2 सर्वेक्षण में कंपनियों की कुल वित्तीय परिस्थितियों में और सख्ती सामने आई। इसका असर खास तौर पर छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों पर पड़ा, जिन्हें ऊंची उधारी लागत और फंडिंग तक सीमित पहुंच का सामना करना पड़ा।
यूरो क्षेत्र के बैंकों ने कॉरपोरेट ऋण और क्रेडिट लाइनों के लिए मानकों में मध्यम स्तर की शुद्ध सख्ती की जानकारी दी। शुद्ध रूप से 7% बैंकों ने बताया कि उन्होंने ऋण मानक कड़े किए।
कर्ज की सख्ती से कंपनियों के लिए पुराने ऋण का पुनर्वित्त, कार्यशील पूंजी जुटाना, ग्राहकों के देर से भुगतान का सामना करना या कमजोर मांग के दौर में निवेश करना मुश्किल हो सकता है। ऊंची ब्याज लागत नकदी प्रवाह को भी कमजोर कर सकती है। ये दिवालियापन जोखिम से जुड़ने वाले संभावित रास्ते हैं, लेकिन Eurostat के पंजीकरण और दिवालियापन आंकड़े अपने आप यह साबित नहीं करते कि कर्ज की सख्ती ही Q2 में बढ़ोतरी का कारण थी।
शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में दिवालियापन घोषणाओं की 21.1% बढ़ोतरी क्षेत्रीय आंकड़ों का सबसे स्पष्ट चेतावनी संकेत है। इन क्षेत्रों में काम करने वाली कई संस्थाओं को श्रम-प्रधान लागत, सेवाओं की कीमत बढ़ाने की सीमित क्षमता और सरकारी, संस्थागत या घरेलू वित्तपोषण पर निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। महंगा या कम उपलब्ध वित्तपोषण ऐसी संस्थाओं के लिए विशेष रूप से कठिन हो सकता है, जिनके पास नकदी का सीमित भंडार है।
हालांकि, यह Eurostat के डेटा से निकला प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं, बल्कि उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित एक संभावित व्याख्या है। डेटा यह बताते हैं कि किन क्षेत्रों में दिवालियापन घोषणाएं बढ़ीं; वे प्रत्येक कंपनी की लागत, फंडिंग मॉडल, मार्जिन या कारोबार बंद होने का कारण नहीं बताते। ECB के वित्तीय सर्वेक्षण यह संकेत देते हैं कि कर्ज की स्थिति व्यापक कारोबारी माहौल का अहम हिस्सा थी, लेकिन वे शिक्षा, परिवार-सहायता या बुजुर्ग देखभाल प्रदाताओं पर इसके अलग-अलग प्रभाव को मापते नहीं हैं।
Q2 का पैटर्न पूरे यूरोप में समान आर्थिक मंदी का प्रमाण नहीं है। EU का उत्पादन मामूली रूप से बढ़ा, सूचना और संचार क्षेत्र में नए पंजीकरण तेजी से बढ़े और कुछ देशों तथा क्षेत्रों में दिवालियापन घोषणाएं कम हुईं। फिर भी, कुल दिवालियापन में बढ़ोतरी, नए पंजीकरण में गिरावट और कड़ी वित्तीय परिस्थितियां उन कंपनियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण माहौल की ओर इशारा करती हैं, जो सस्ते कर्ज पर निर्भर हैं या जिनके पास वित्तीय गुंजाइश कम है।
सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संकेत शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से आया है: इस क्षेत्र में दिवालियापन घोषणाएं सबसे अधिक बढ़ीं, जबकि नए पंजीकरण भी घटे। श्रम-प्रधान सेवाएं देने वाली और कीमतें बढ़ाने या अतिरिक्त फंडिंग हासिल करने में सीमित क्षमता रखने वाली संस्थाओं पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा।