2027 से घड़ियों में नहीं जुड़ेंगे लीप सेकंड—क्या ‘लीप आवर’ सचमुच आएगा?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा। 1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।
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20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा।
1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।
What did delegates at the General Conference on Weights and Measures in Versailles decide on October 15, 2026, about ending leap seconds onFrom May 2027, UTC will run without leap seconds and may diverge further from Earth-rotation time.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did delegates at the General Conference on Weights and Measures in Versailles decide on October 15, 2026, about ending leap seconds on. Article summary: Delegates meeting in Versailles on October 15, 2026, decided to end leap-second adjustments and make UTC continuous from May 20, 2027, bringing forward the 2035 endpoint agreed in 2022. [6][7][5] The available evidence c. Topic tags: general, general web, government, academic, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, cha
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समय की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है: 20 मई 2027 से समन्वित सार्वभौमिक समय (UTC) बिना लीप सेकंड के लगातार चलेगा। यानी अब पृथ्वी के घूमने की गति के हिसाब से आधिकारिक समय में कभी-कभार एक सेकंड जोड़कर या घटाकर तालमेल नहीं बैठाया जाएगा। नए नियम के मुताबिक UTC और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय के बीच अधिकतम अंतर 3,600 सेकंड—यानी एक घंटे—तक हो सकेगा। 457
नियम में क्या बदला और कब से?
अक्टूबर 2026 में वर्साय में हुई भार एवं माप पर सामान्य महासभा (CGPM) की बैठक में लगातार चलने वाले UTC को मंजूरी दी गई। यह बदलाव 20 मई 2027 से लागू होगा। पहले 2022 में लीप सेकंड की व्यवस्था खत्म करने के लिए 2035 की समयसीमा तय की गई थी; नए फैसले ने इसे आठ साल पहले कर दिया। 45
रिपोर्टों के मुताबिक, फैसले पर 69 देशों के प्रतिनिधियों ने मतदान किया। उपलब्ध सामग्री में मतों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है। 21
अब तक लीप सेकंड UTC को पृथ्वी के घूर्णन के समय के करीब रखने का तरीका था। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था। 751
पृथ्वी का समय और घड़ी का समय अलग क्यों हो सकते हैं?
परमाणु घड़ियां समय को बहुत नियमित ढंग से मापती हैं, जबकि पृथ्वी का घूर्णन पूरी तरह एकसमान नहीं है। पृथ्वी के घूमने पर आधारित समय-पैमाने को UT1 कहा जाता है। 1972 से लीप सेकंड जोड़कर UTC को UT1 के करीब रखा जाता रहा है। नए नियम के बाद यह करीबी तालमेल बनाए रखना जरूरी नहीं होगा। 740
इस बदलाव का एक मकसद आधिकारिक समय में होने वाले छोटे, अनियमित बदलावों से बचना है। चर्चा में एक संभावित नकारात्मक लीप सेकंड की चिंता भी थी—यानी एक सेकंड जोड़ने के बजाय घड़ी से एक सेकंड घटाना। ऐसा अब तक कभी नहीं किया गया है, और रिपोर्टों में इसे समय-प्रणालियों के लिए संभावित तकनीकी पेचीदगी बताया गया है। 1934
‘लीप आवर’ का मतलब क्या सचमुच एक घंटा जोड़ना है?
‘लीप आवर’ इस नए नियम के तहत एक घंटे तक के अंतर की अनुमति को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम है। लेकिन इससे यह गलतफहमी हो सकती है कि किसी तय तारीख पर घड़ियों में एक घंटा जोड़ा या घटाया जाएगा। फैसले में UTC और UT1 के बीच अधिकतम अंतर 3,600 सेकंड तय किया गया है—किसी घंटे-भर के समायोजन की तारीख नहीं। 26
इसलिए 2027 में घड़ियां अचानक एक घंटा आगे या पीछे नहीं होंगी। UTC बिना लीप सेकंड के चलता रहेगा और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से उसका अंतर नई सीमा के भीतर बढ़ सकेगा। उपलब्ध सामग्री यह नहीं बताती कि एक घंटे की सीमा कब तक पहुंचेगी या उसके बाद कोई सुधार किस तरह किया जाएगा।
सम्मेलन में समय से जुड़े दूसरे विषय
बैठक में केवल लीप सेकंड पर चर्चा नहीं हुई। भार और माप का अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो (BIPM)—जो माप और समय के वैश्विक मानकों से जुड़ा संस्थान है—द्वारा अपनाए गए प्रस्तावों में चंद्रमा के लिए अंतरराष्ट्रीय संदर्भ समय-पैमाने और उसे UTC से जोड़ने का अलग प्रस्ताव भी शामिल है। 3741
समय और आवृत्ति मानकों से जुड़ी समिति के अध्यक्ष के बयान में यह भी कहा गया कि ऑप्टिकल आवृत्ति मानक वर्तमान सेकंड की परिभाषा पर आधारित सबसे अच्छे मापों से आगे निकल चुके हैं। हालांकि, भविष्य में सेकंड की परिभाषा बदलने के लिए जरूरी कुछ मानदंड अभी पूरे नहीं हुए हैं। यह समय-मापन के व्यापक विकास से जुड़ा काम है, लीप सेकंड बदलाव के बाद UTC और UT1 के अंतर को सुधारने की व्यवस्था नहीं। 39
सीधी बात यह है: 20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड नहीं जोड़े जाएंगे और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से उसका अंतर एक घंटे तक हो सकेगा। ‘लीप आवर’ इसी बड़ी स्वीकार्य सीमा का नाम है—यह किसी तय तारीख पर होने वाला एक घंटे का बदलाव नहीं है। 247
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"2027 से घड़ियों में नहीं जुड़ेंगे लीप सेकंड—क्या ‘लीप आवर’ सचमुच आएगा?" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा। 1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।
2027 से घड़ियों में नहीं जुड़ेंगे लीप सेकंड—क्या ‘लीप आवर’ सचमुच आएगा?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा। 1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा।
1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।
What did delegates at the General Conference on Weights and Measures in Versailles decide on October 15, 2026, about ending leap seconds onFrom May 2027, UTC will run without leap seconds and may diverge further from Earth-rotation time.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did delegates at the General Conference on Weights and Measures in Versailles decide on October 15, 2026, about ending leap seconds on. Article summary: Delegates meeting in Versailles on October 15, 2026, decided to end leap-second adjustments and make UTC continuous from May 20, 2027, bringing forward the 2035 endpoint agreed in 2022. [6][7][5] The available evidence c. Topic tags: general, general web, government, academic, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, cha
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समय की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है: 20 मई 2027 से समन्वित सार्वभौमिक समय (UTC) बिना लीप सेकंड के लगातार चलेगा। यानी अब पृथ्वी के घूमने की गति के हिसाब से आधिकारिक समय में कभी-कभार एक सेकंड जोड़कर या घटाकर तालमेल नहीं बैठाया जाएगा। नए नियम के मुताबिक UTC और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय के बीच अधिकतम अंतर 3,600 सेकंड—यानी एक घंटे—तक हो सकेगा। 457
नियम में क्या बदला और कब से?
अक्टूबर 2026 में वर्साय में हुई भार एवं माप पर सामान्य महासभा (CGPM) की बैठक में लगातार चलने वाले UTC को मंजूरी दी गई। यह बदलाव 20 मई 2027 से लागू होगा। पहले 2022 में लीप सेकंड की व्यवस्था खत्म करने के लिए 2035 की समयसीमा तय की गई थी; नए फैसले ने इसे आठ साल पहले कर दिया। 45
रिपोर्टों के मुताबिक, फैसले पर 69 देशों के प्रतिनिधियों ने मतदान किया। उपलब्ध सामग्री में मतों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है। 21
अब तक लीप सेकंड UTC को पृथ्वी के घूर्णन के समय के करीब रखने का तरीका था। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था। 751
पृथ्वी का समय और घड़ी का समय अलग क्यों हो सकते हैं?
परमाणु घड़ियां समय को बहुत नियमित ढंग से मापती हैं, जबकि पृथ्वी का घूर्णन पूरी तरह एकसमान नहीं है। पृथ्वी के घूमने पर आधारित समय-पैमाने को UT1 कहा जाता है। 1972 से लीप सेकंड जोड़कर UTC को UT1 के करीब रखा जाता रहा है। नए नियम के बाद यह करीबी तालमेल बनाए रखना जरूरी नहीं होगा। 740
इस बदलाव का एक मकसद आधिकारिक समय में होने वाले छोटे, अनियमित बदलावों से बचना है। चर्चा में एक संभावित नकारात्मक लीप सेकंड की चिंता भी थी—यानी एक सेकंड जोड़ने के बजाय घड़ी से एक सेकंड घटाना। ऐसा अब तक कभी नहीं किया गया है, और रिपोर्टों में इसे समय-प्रणालियों के लिए संभावित तकनीकी पेचीदगी बताया गया है। 1934
‘लीप आवर’ का मतलब क्या सचमुच एक घंटा जोड़ना है?
‘लीप आवर’ इस नए नियम के तहत एक घंटे तक के अंतर की अनुमति को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम है। लेकिन इससे यह गलतफहमी हो सकती है कि किसी तय तारीख पर घड़ियों में एक घंटा जोड़ा या घटाया जाएगा। फैसले में UTC और UT1 के बीच अधिकतम अंतर 3,600 सेकंड तय किया गया है—किसी घंटे-भर के समायोजन की तारीख नहीं। 26
इसलिए 2027 में घड़ियां अचानक एक घंटा आगे या पीछे नहीं होंगी। UTC बिना लीप सेकंड के चलता रहेगा और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से उसका अंतर नई सीमा के भीतर बढ़ सकेगा। उपलब्ध सामग्री यह नहीं बताती कि एक घंटे की सीमा कब तक पहुंचेगी या उसके बाद कोई सुधार किस तरह किया जाएगा।
सम्मेलन में समय से जुड़े दूसरे विषय
बैठक में केवल लीप सेकंड पर चर्चा नहीं हुई। भार और माप का अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो (BIPM)—जो माप और समय के वैश्विक मानकों से जुड़ा संस्थान है—द्वारा अपनाए गए प्रस्तावों में चंद्रमा के लिए अंतरराष्ट्रीय संदर्भ समय-पैमाने और उसे UTC से जोड़ने का अलग प्रस्ताव भी शामिल है। 3741
समय और आवृत्ति मानकों से जुड़ी समिति के अध्यक्ष के बयान में यह भी कहा गया कि ऑप्टिकल आवृत्ति मानक वर्तमान सेकंड की परिभाषा पर आधारित सबसे अच्छे मापों से आगे निकल चुके हैं। हालांकि, भविष्य में सेकंड की परिभाषा बदलने के लिए जरूरी कुछ मानदंड अभी पूरे नहीं हुए हैं। यह समय-मापन के व्यापक विकास से जुड़ा काम है, लीप सेकंड बदलाव के बाद UTC और UT1 के अंतर को सुधारने की व्यवस्था नहीं। 39
सीधी बात यह है: 20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड नहीं जोड़े जाएंगे और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से उसका अंतर एक घंटे तक हो सकेगा। ‘लीप आवर’ इसी बड़ी स्वीकार्य सीमा का नाम है—यह किसी तय तारीख पर होने वाला एक घंटे का बदलाव नहीं है। 247
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"2027 से घड़ियों में नहीं जुड़ेंगे लीप सेकंड—क्या ‘लीप आवर’ सचमुच आएगा?" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
20 मई 2027 से UTC में लीप सेकंड जोड़ना बंद होगा। पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय से इसका अधिकतम अनुमत अंतर 3,600 सेकंड यानी एक घंटा होगा। 1972 से लीप सेकंड का इस्तेमाल UTC को पृथ्वी के घूमने के समय के करीब रखने के लिए किया जाता रहा है। आखिरी लीप सेकंड 31 दिसंबर 2016 को जोड़ा गया था।