अध्ययन में 80 से अधिक देशों को देखा गया, जिनमें से लगभग 55 देशों ने अपने LLM विकसित किए हैं। इन परियोजनाओं में Nvidia की मौजूदगी लगभग सर्वव्यापी पाई गई। Counterpoint के विश्लेषक Neil Shah ने इस विरोधाभास को रेखांकित किया कि विदेशी तकनीकी निर्भरता घटाने के लिए बनाई जा रही ‘सॉवरेन AI’ खुद Nvidia के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर निर्भर है।
यह आंकड़ा पूरे AI एक्सेलरेटर बाजार की हिस्सेदारी नहीं, बल्कि अध्ययन में शामिल सॉवरेन AI LLM इन्फ्रास्ट्रक्चर की हिस्सेदारी है। इसलिए इसे सामान्य डेटा सेंटर GPU बाजार के आंकड़ों से सीधे नहीं मिलाना चाहिए।
कई विश्लेषणों में Nvidia की मजबूती की वजह एक जैसी बताई गई है। उसका लाभ केवल तेज GPU बनाने तक सीमित नहीं है।
Nvidia का सबसे मजबूत प्रतिस्पर्धी कवच उसका CUDA प्लेटफॉर्म है। करीब दो दशकों में विकसित इस इकोसिस्टम में डेवलपर टूल, ऑप्टिमाइज्ड लाइब्रेरी और ऐसे सॉफ्टवेयर शामिल हैं जो मॉडल ट्रेनिंग, इन्फरेंस सर्विंग और रोबोटिक्स सिमुलेशन जैसे कामों में इस्तेमाल होते हैं।
कई शोध संस्थानों, क्लाउड प्रदाताओं और कंपनियों ने CUDA पर आधारित वर्कफ्लो बना लिए हैं। ऐसे में किसी देश या प्रयोगशाला के लिए दूसरे चिप प्लेटफॉर्म पर जाना केवल GPU बदलने का मामला नहीं रह जाता; कोड, टूल और पूरी विकास प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ सकता है। यही ऊंची ‘स्विचिंग कॉस्ट’ Nvidia की स्थिति को मजबूत करती है।
OpenAI का Triton और अन्य हार्डवेयर-निरपेक्ष टूल CUDA निर्भरता को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। Google और Amazon के कस्टम चिप भी Nvidia के प्रभाव को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन सॉवरेन AI परियोजनाओं में इन विकल्पों ने अभी तक बड़े पैमाने पर जगह नहीं बनाई है।
Nvidia सिर्फ एक्सेलरेटर चिप नहीं बेचती। वह मॉडल लाइब्रेरी, नेटवर्किंग तकनीक जैसे NVLink और NVSwitch तथा तैयार AI सिस्टम भी उपलब्ध कराती है। सीमित बजट और कम समय वाली सरकारी परियोजनाओं के लिए यह एक व्यावहारिक विकल्प बन जाता है—उन्हें अलग-अलग विक्रेताओं से हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्किंग जोड़ने की जरूरत कम पड़ती है।
Nvidia ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कहीं अधिक AI एक्सेलरेटर भेजे हैं। इससे उसे उत्पादन क्षमता, TSMC जैसी प्रमुख फाउंड्री में आपूर्ति प्राथमिकता और अनुसंधान-विकास पर भारी निवेश करने की क्षमता मिलती है।
Nvidia को अभी समग्र रूप से चुनौती नहीं मिली है, लेकिन कुछ क्षेत्रीय ‘बीचहेड’ जरूर बने हैं:
Nvidia की भूमिका चिप आपूर्तिकर्ता से आगे बढ़ रही है। वह उन कंपनियों और राष्ट्रीय परियोजनाओं के साथ साझेदारी कर रही है जो भविष्य के AI मॉडल और कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को आकार दे सकती हैं।
27 जुलाई 2026 को Nvidia और Ilya Sutskever द्वारा सह-स्थापित Safe Superintelligence (SSI) ने दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। Reuters ने इस सौदे में Nvidia के 5 अरब डॉलर के इक्विटी निवेश की रिपोर्ट की, जबकि कंपनियों की संयुक्त घोषणा में वित्तीय शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं। SSI को Nvidia की अगली पीढ़ी की Vera Rubin प्रणालियों तक पहुंच मिलेगी, जिससे उसकी कंप्यूट क्षमता एक ऑर्डर ऑफ मैग्नीट्यूड तक बढ़ने की बात कही गई है।
यह साझेदारी Nvidia को अग्रणी AI सुरक्षा और फ्रंटियर मॉडल शोध के साथ जोड़ती है। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी केवल मौजूदा सरकारी AI परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के AI शोध की कंप्यूटिंग नींव में भी अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
NAVER, Nvidia और Brookfield की कोरिया संबंधी साझेदारी तथा 200 मेगावाट के राष्ट्रीय AI फैक्ट्री विस्तार का उल्लेख उपलब्ध स्रोतों में है। जापान में AI इन्फ्रास्ट्रक्चर साझेदारियों का भी संदर्भ मिलता है, लेकिन उपलब्ध स्रोत इन सौदों का विस्तृत आकार या पूरी संरचना नहीं बताते।
इसलिए जापान और दक्षिण कोरिया में Nvidia के सौदों को 500 अरब डॉलर से अधिक बताने वाले व्यापक दावे उपलब्ध स्रोतों से पूरी तरह सत्यापित नहीं होते।
Forbes की रिपोर्ट के अनुसार Nvidia ने अगले पांच वर्षों में ओपन-वेट AI मॉडल विकसित करने के लिए 26 अरब डॉलर आवंटित करने की योजना बताई है। यदि यह पहल व्यापक रूप से लागू होती है, तो इससे सरकारी और अकादमिक AI में Nvidia के हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर स्टैक का इस्तेमाल और गहरा हो सकता है।
Counterpoint का अध्ययन अमेरिका और चीन को शामिल नहीं करता। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार चीन की घरेलू AI चिप कंपनियां, जैसे Huawei Ascend और Cambricon, Nvidia के उन्नत एक्सेलरेटरों से प्रदर्शन के मामले में पीछे हैं। अमेरिका के निर्यात नियंत्रणों ने चीन की उन्नत Nvidia चिप्स तक पहुंच भी सीमित की है।
इसके परिणामस्वरूप चीनी AI प्रयोगशालाओं के सामने पुराने स्टॉक किए गए Nvidia GPU, कम प्रदर्शन वाले घरेलू विकल्प या सीमित कंप्यूट क्षमता जैसे विकल्प रह जाते हैं। इससे मॉडल विकास की गति प्रभावित हो सकती है।
यहां एक रणनीतिक विरोधाभास बनता है: अमेरिकी निर्यात नियंत्रण Nvidia की वैश्विक सॉवरेन AI स्थिति को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत करते हैं, लेकिन साथ ही चीन को घरेलू चिप और कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने के लिए और अधिक प्रेरित भी करते हैं।
हालांकि उपलब्ध स्रोतों में DeepSeek के CEO के किसी खास हालिया बयान, Moonshot से जुड़े आरोपों, 2026 के टैरिफ, Section 232 या ‘Pax Silica’ समझौते के बारे में पर्याप्त, सीधे उद्धृत किए जा सकने वाले प्रमाण नहीं हैं। इन विषयों पर निश्चित निष्कर्ष निकालना इस रिपोर्ट के उपलब्ध साक्ष्य से संभव नहीं है।
| दावा | साक्ष्य की स्थिति |
|---|---|
| सॉवरेन AI में Nvidia 92.4%, AMD 4.1% और Cerebras 1.7% | कई स्वतंत्र रिपोर्टों से पुष्ट |
| CUDA इकोसिस्टम Nvidia की प्रमुख बढ़त है | पुष्ट |
| AMD की प्रमुख जगह: LUMI, Maincode और Moreh | पुष्ट |
| Cerebras की जगह: G42 और Condor Galaxy | पुष्ट |
| SSI में Nvidia का 5 अरब डॉलर का निवेश | Reuters, Bloomberg और Nvidia की आधिकारिक घोषणा से निवेश व साझेदारी पुष्ट; वित्तीय राशि की सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई थी |
| जापान और दक्षिण कोरिया में Nvidia के सौदे | आंशिक रूप से पुष्ट; कोरिया का NAVER-Nvidia-Brookfield विस्तार उपलब्ध स्रोतों में है, जापान का विवरण सीमित है |
| DeepSeek CEO के बयान और Moonshot आरोप | उपलब्ध स्रोतों में पर्याप्त प्रमाण नहीं |
| 2026 टैरिफ, Section 232 और Pax Silica का विवरण | उपलब्ध स्रोतों में पर्याप्त प्रमाण नहीं |
Counterpoint का आंकड़ा एक साफ तस्वीर पेश करता है। देश अपने डेटा और राष्ट्रीय जरूरतों के आधार पर स्वतंत्र AI मॉडल बना रहे हैं, लेकिन उन मॉडलों को प्रशिक्षित और चलाने वाली बुनियादी कंप्यूटिंग में Nvidia की हिस्सेदारी 92.4% है।
AMD ने यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया में और Cerebras ने मध्य-पूर्व में महत्वपूर्ण शुरुआती जगह बनाई है। फिर भी ये प्रयास Nvidia के प्रभुत्व को चुनौती देने के बजाय अभी क्षेत्रीय विकल्प भर हैं।
इसका अर्थ यह है कि AI की अगली भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि कौन बेहतर मॉडल बनाता है। असली सवाल यह भी होगा कि कौन चिप, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और आपूर्ति-श्रृंखला पर नियंत्रण रखता है। फिलहाल उस पूरी कड़ी में Nvidia सबसे मजबूत कड़ी बनी हुई है।