12 अगस्त 2026 को रूस से जुड़े Cl0p ग्रुप ने Shell (89GB) और Philips (13.5GB) समेत करीब 50 कंपनियों से PTC Windchill सॉफ्टवेयर की जीरो डे खामी (CVE 2026 12569) के जरिए डेटा चुराने का दावा किया। फ़ाइलें एन्क्रिप्ट न कर... Philips ने हमले को रोकने की पुष्टि की, Shell 'संभावित घटना' की जांच कर रहा है, जबकि GE और Fiserv...
शोध उत्तर

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12 अगस्त 2026 को, रूस से जुड़े रैनसमवेयर ग्रुप Cl0p (जिसे FIN11, Graceful Spider या Lace Tempest के नाम से भी जाना जाता है) ने अपने डार्क वेब एक्सटॉर्शन साइट पर करीब 50 पीड़ित कंपनियों की एक सूची पोस्ट की । ग्रुप ने दावा किया कि उसने दुनिया की कई बड़ी कंपनियों, जिनमें Shell, Philips, Fiserv और General Electric (GE) शामिल हैं, से इंजीनियरिंग ब्लूप्रिंट, तकनीकी ड्राइंग और प्रोजेक्ट प्लान जैसा संवेदनशील डेटा चुराया है
। यह लेख इस हमले, इस्तेमाल की गई जीरो-डे खामी और हर कंपनी की प्रतिक्रिया के बारे में विस्तार से बताता है।
ग्रुप का दावा विस्तृत है और रॉयटर्स जैसी मीडिया ने इसकी रिपोर्ट की है। वे कहते हैं कि यह सेंध कई अलग-अलग हमलों के बजाय सिर्फ एक सॉफ्टवेयर खामी (CVE-2026-12569) के जरिए लगाई गई ।
अहम बात: पीड़ितों और चुराए गए डेटा की मात्रा के बारे में यह दावा सिर्फ Cl0p ने किया है। सुरक्षा रिसर्चरों या इन कंपनियों ने इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है ।
निशाना बनाई गई कंपनियों ने मामले को लेकर अलग-अलग स्तर की पुष्टि या जानकारी दी है। सभी जांच या इस घटना पर काबू पाने की अवस्था में हैं। किसी ने भी Cl0p के दावे की पूरी तरह पुष्टि नहीं की है।
Ransom-ISAC, eCrime.ch और DEFUSED ने मिलकर एक सलाह जारी कर इस अभियान को PTC Windchill PDMLink और PTC FlexPLM में मौजूद CVE-2026-12569 नामक खामी से जोड़ा है ।
CVE-2026-12569 क्या है? यह एक गंभीर रिमोट कोड एक्सीक्यूशन (RCE) खामी है जो अविश्वसनीय डेटा के डीसीरियलाइज़ेशन की वजह से पैदा होती है । इसका CVSS स्कोर 9.8 (क्रिटिकल) है और यह Windchill और FlexPLM के 11.0 M030 से पहले के वर्ज़न को प्रभावित करती है
। यह खामी बिना प्रमाणीकरण के एक हमलावर को इंटरनेट से जुड़े सर्वर पर मनमाना कोड चलाने की अनुमति देती है
। अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA ने 25 जून 2026 को इस खामी को अपने Known Exploited Vulnerabilities (KEV) कैटलॉग में शामिल किया
।
हमले की श्रृंखला: हमलावरों ने CVE-2026-12569 का इस्तेमाल अकेले नहीं किया। उन्होंने इसे FlexPLM WSDL एंडपॉइंट में मौजूद एक प्री-ऑथेंटिकेशन जानकारी लीक करने वाली खामी के साथ जोड़ा । इस श्रृंखला की मदद से हमलावर:
घटनाओं की समयरेखा:
यह अभियान Cl0p के ऑपरेशन मॉडल का एक आदर्श उदाहरण है — बिना एन्क्रिप्शन के डेटा चुराना। ग्रुप ने लक्षित सिस्टम पर फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करने वाला रैनसमवेयर नहीं डिप्लॉय किया। इसके बजाय, उन्होंने फोकस किया :
संक्षेप में, Cl0p ने एक ही जीरो-डे खामी (CVE-2026-12569) का इस्तेमाल करके दुनिया भर की लगभग 50 संगठनों को निशाना बनाया, संवेदनशील डिज़ाइन डेटा चुराया, और फिर अपनी मानक ब्लैकमेलिंग स्ट्रैटेजी अपनाई: नाम प्रकाशित करना, लीक करने की धमकी देना और फिरौती मांगना।
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12 अगस्त 2026 को रूस से जुड़े Cl0p ग्रुप ने Shell (89GB) और Philips (13.5GB) समेत करीब 50 कंपनियों से PTC Windchill सॉफ्टवेयर की जीरो डे खामी (CVE 2026 12569) के जरिए डेटा चुराने का दावा किया। फ़ाइलें एन्क्रिप्ट न कर...
12 अगस्त 2026 को रूस से जुड़े Cl0p ग्रुप ने Shell (89GB) और Philips (13.5GB) समेत करीब 50 कंपनियों से PTC Windchill सॉफ्टवेयर की जीरो डे खामी (CVE 2026 12569) के जरिए डेटा चुराने का दावा किया। फ़ाइलें एन्क्रिप्ट न कर... Philips ने हमले को रोकने की पुष्टि की, Shell 'संभावित घटना' की जांच कर रहा है, जबकि GE और Fiserv ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है [2][5][7]।
यह हमला Cl0p के 'बिग गेम हंटिंग' मॉडल का नायाब उदाहरण है: एक सॉफ्टवेयर की खामी का फायदा उठाकर एक साथ कई कंपनियों को निशाना बनाना, डेटा चुराना और फिरौती न मिलने पर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देना [4][5][7]।