इसका उद्देश्य ऐसी स्मार्ट और लचीली औद्योगिक प्रणालियाँ बनाना है जो मांग के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया दे सकें और उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकें। सरकार का मानना है कि AI‑आधारित डेटा सिस्टम और टूल्स के जरिए कंपनियां अपने पूरे औद्योगिक वर्कफ्लो को अपग्रेड कर सकती हैं।
बीजिंग के ह्यूमनॉइड रोबोट इनोवेशन सेंटर में कई स्टार्टअप्स ऐसे रोबोट और "एम्बॉडीड AI" सिस्टम विकसित कर रहे हैं जो वास्तविक दुनिया में काम कर सकें। ली कियांग ने इन इंटेलिजेंट रोबोट्स को AI और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के बीच एक अहम प्लेटफॉर्म बताया।
उन्होंने विशेष रूप से इन क्षेत्रों में तेज़ प्रगति पर जोर दिया:
इन क्षमताओं के मजबूत होने से रोबोट्स को वास्तविक औद्योगिक वातावरण—जैसे ऑटोमोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्रियों—में बड़े पैमाने पर तैनात करना आसान हो सकता है।
ली ने कंपनियों को सलाह दी कि AI को मैन्युफैक्चरिंग के लगभग हर चरण में लागू किया जाए, जैसे:
जब AI इस पूरे चक्र में काम करता है, तो फैक्ट्रियां डेटा‑ड्रिवन प्रोडक्शन सिस्टम बन जाती हैं, जिससे नवाचार तेज़ होता है और उत्पादकता में सुधार आता है।
चीन की AI‑पावर्ड मैन्युफैक्चरिंग रणनीति सीधे उसकी व्यापक आर्थिक नीति से जुड़ी है। नीति‑निर्माताओं का मानना है कि रोबोटिक्स और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र ऐसे समय में नए ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं जब अर्थव्यवस्था कमज़ोर घरेलू मांग और बाहरी आर्थिक दबावों का सामना कर रही है।
सरकार के अनुसार, AI के औद्योगिक उपयोग से:
ली कियांग ने यह भी कहा कि चीन के पास कुछ संरचनात्मक फायदे हैं जो AI‑आधारित उद्योगों को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
उन्होंने सरकारी एजेंसियों और राज्य‑स्वामित्व वाली कंपनियों से कहा कि वे अधिक टेस्टिंग और पायलट वातावरण उपलब्ध कराएं, ताकि नई AI तकनीकों और रोबोटिक सिस्टम को जल्दी अपनाया जा सके। साथ ही उपकरण अपग्रेड कार्यक्रमों और नीति प्रोत्साहनों के जरिए उद्योग को समर्थन देने की बात भी कही गई।
बीजिंग का यह दौरा दिखाता है कि चीन भविष्य की औद्योगिक रणनीति में AI‑सक्षम फैक्ट्रियों और इंटेलिजेंट रोबोट्स को केंद्र में रख रहा है। नीति‑निर्माताओं को उम्मीद है कि AI को गहराई से उद्योग में शामिल करके पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बनाया जा सकता है, नए तकनीकी क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल की जा सकती है।
शाओमी के EV प्लांट और रोबोट इनोवेशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट इस दिशा में शुरुआती झलक देते हैं—जहां AI सिस्टम, रोबोटिक्स और औद्योगिक डेटा मिलकर अगली पीढ़ी की स्मार्ट फैक्ट्रियों का आधार तैयार कर रहे हैं।