चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया। विस्तारित C+L बैंड में PCS 16QAM के साथ प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s और कुल 128 Tb/s क्षमता बताई गई। खोखले कोर फाइबर से कम विलंबता की संभावना है, लेकिन इस परीक्षण की मापी गई एंड टू ए...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did China Telecom Research Institute, YOFC and ZTE, acting as co-builders of a national key laboratory, announce on November 2, 2026, a. Article summary: On November 2, 2026, China Telecom Research Institute announced that it, YOFC and ZTE had completed a 1,007.48 km hollow-core-fiber trial carrying real-time, single-fiber bidirectional traffic at 800 Gb/s per wavelength . Topic tags: general, academic, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE ने 1,007.48 किलोमीटर लंबे खोखले-कोर फाइबर लिंक पर रियल-टाइम, दोतरफा संचार परीक्षण पूरा करने की घोषणा की। उनके अनुसार, एक ही फाइबर पर विस्तारित C+L बैंड में PCS-16QAM तकनीक से प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s की दर हासिल हुई और सिस्टम की कुल क्षमता 128 Tb/s रही। यह घोषणा 2 नवंबर 2026 को की गई थी। 6
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खोखले-कोर फाइबर में प्रकाश मुख्य रूप से ठोस कांच के बजाय खोखले कोर से गुजरता है। इस परीक्षण की खास बात केवल इसकी दूरी या क्षमता नहीं, बल्कि 1,000 किमी से अधिक दूरी पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल-टाइम डेटा भेजना भी है। फिर भी, परिणामों को परियोजना भागीदारों के दावों के रूप में समझना चाहिए: उपलब्ध रिपोर्टों में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए विश्व रिकॉर्ड या परीक्षण की मापी गई एंड-टू-एंड विलंबता का आंकड़ा नहीं है। 6
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परियोजना भागीदारों ने तीन प्रमुख उपलब्धियां बताईं:
ये विश्व रिकॉर्ड और “पहली बार” से जुड़े दावे परियोजना भागीदारों के हैं; उपलब्ध रिपोर्टें इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करतीं। दोतरफा संचार के दौरान परावर्तन से OSNR पर असर पड़ने की बात भी नतीजे का अहम हिस्सा है। 6
घोषणा के मुताबिक, फाइबर बनाने की प्रक्रिया में सुधार करके विस्तारित C+L बैंड के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के कारण होने वाले गैस-लाइन अवशोषण को हटाया गया। उपकरणों के स्तर पर, टीम ने हाई-पावर एम्प्लिफायर के बजाय सामान्य आउटपुट पावर वाले व्यावसायिक एम्प्लिफायर चुने और उनका चयन खोखले-कोर फाइबर की लॉस विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया। 6
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रिपोर्ट के अनुसार, चैनलों के प्रदर्शन को पूरे बैंड में संतुलित रखने के लिए ट्रांसमीटर पर हल्की प्री-इक्वलाइजेशन तकनीक इस्तेमाल की गई। टीम ने परावर्तन और मोड्स के बीच हस्तक्षेप के असर का एंड-टू-एंड मॉडल भी बनाया। इसके अलावा, बैंड के एक हिस्से में सिग्नल गायब होने जैसी स्थिति का परीक्षण किया गया; उस खास परीक्षण में सिस्टम के प्रदर्शन में गिरावट नहीं देखी गई। यह निष्कर्ष परावर्तन से जुड़ी अलग रिपोर्ट—OSNR में 0.5 से 4 dB की गिरावट—को नकारता नहीं है। दोनों बातें परीक्षण के अलग-अलग पहलुओं से संबंधित हैं। 6
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खोखले-कोर फाइबर में प्रकाश मुख्य रूप से हवा से भरे कोर में चलता है, जबकि पारंपरिक फाइबर में वह ठोस कांच के कोर से गुजरता है। तकनीकी संदर्भों में पारंपरिक फाइबर के लिए लगभग 5 माइक्रोसेकंड प्रति किलोमीटर और खोखले-कोर फाइबर के लिए लगभग 3.46 माइक्रोसेकंड प्रति किलोमीटर का प्रसार समय दिया गया है। इन दरों के आधार पर 1,000 किमी में एक दिशा का अनुमानित अंतर करीब 1.54 मिलीसेकंड बनता है। 32
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यह प्रति किलोमीटर दिए गए आंकड़ों से निकला अनुमान है, इस परीक्षण में मापी गई विलंबता नहीं। उपलब्ध रिपोर्टें दूरी, क्षमता और OSNR मार्जिन बताती हैं, लेकिन लिंक की एंड-टू-एंड विलंबता का मापा हुआ नतीजा नहीं देतीं। वास्तविक नेटवर्क मार्ग की विलंबता केवल फाइबर में प्रकाश के प्रसार समय से तय नहीं होती। 6
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इसलिए, इस परीक्षण को 1,000 किमी से अधिक दूरी पर उच्च क्षमता वाले खोखले-कोर फाइबर संचार का प्रदर्शन और लंबी दूरी के संभावित कम-विलंबता बैकबोन नेटवर्क की दिशा में एक कदम कहना उचित है। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि किसी व्यावसायिक मार्ग पर तयशुदा विलंबता बचत हासिल हो चुकी है या घोषित विश्व रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि हो गई है। 6
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चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया।
चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया। विस्तारित C+L बैंड में PCS 16QAM के साथ प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s और कुल 128 Tb/s क्षमता बताई गई।
खोखले कोर फाइबर से कम विलंबता की संभावना है, लेकिन इस परीक्षण की मापी गई एंड टू एंड विलंबता रिपोर्ट नहीं की गई।
चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया। विस्तारित C+L बैंड में PCS 16QAM के साथ प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s और कुल 128 Tb/s क्षमता बताई गई। खोखले कोर फाइबर से कम विलंबता की संभावना है, लेकिन इस परीक्षण की मापी गई एंड टू ए...
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चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE ने 1,007.48 किलोमीटर लंबे खोखले-कोर फाइबर लिंक पर रियल-टाइम, दोतरफा संचार परीक्षण पूरा करने की घोषणा की। उनके अनुसार, एक ही फाइबर पर विस्तारित C+L बैंड में PCS-16QAM तकनीक से प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s की दर हासिल हुई और सिस्टम की कुल क्षमता 128 Tb/s रही। यह घोषणा 2 नवंबर 2026 को की गई थी। 6
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खोखले-कोर फाइबर में प्रकाश मुख्य रूप से ठोस कांच के बजाय खोखले कोर से गुजरता है। इस परीक्षण की खास बात केवल इसकी दूरी या क्षमता नहीं, बल्कि 1,000 किमी से अधिक दूरी पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल-टाइम डेटा भेजना भी है। फिर भी, परिणामों को परियोजना भागीदारों के दावों के रूप में समझना चाहिए: उपलब्ध रिपोर्टों में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए विश्व रिकॉर्ड या परीक्षण की मापी गई एंड-टू-एंड विलंबता का आंकड़ा नहीं है। 6
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परियोजना भागीदारों ने तीन प्रमुख उपलब्धियां बताईं:
ये विश्व रिकॉर्ड और “पहली बार” से जुड़े दावे परियोजना भागीदारों के हैं; उपलब्ध रिपोर्टें इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करतीं। दोतरफा संचार के दौरान परावर्तन से OSNR पर असर पड़ने की बात भी नतीजे का अहम हिस्सा है। 6
घोषणा के मुताबिक, फाइबर बनाने की प्रक्रिया में सुधार करके विस्तारित C+L बैंड के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के कारण होने वाले गैस-लाइन अवशोषण को हटाया गया। उपकरणों के स्तर पर, टीम ने हाई-पावर एम्प्लिफायर के बजाय सामान्य आउटपुट पावर वाले व्यावसायिक एम्प्लिफायर चुने और उनका चयन खोखले-कोर फाइबर की लॉस विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया। 6
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रिपोर्ट के अनुसार, चैनलों के प्रदर्शन को पूरे बैंड में संतुलित रखने के लिए ट्रांसमीटर पर हल्की प्री-इक्वलाइजेशन तकनीक इस्तेमाल की गई। टीम ने परावर्तन और मोड्स के बीच हस्तक्षेप के असर का एंड-टू-एंड मॉडल भी बनाया। इसके अलावा, बैंड के एक हिस्से में सिग्नल गायब होने जैसी स्थिति का परीक्षण किया गया; उस खास परीक्षण में सिस्टम के प्रदर्शन में गिरावट नहीं देखी गई। यह निष्कर्ष परावर्तन से जुड़ी अलग रिपोर्ट—OSNR में 0.5 से 4 dB की गिरावट—को नकारता नहीं है। दोनों बातें परीक्षण के अलग-अलग पहलुओं से संबंधित हैं। 6
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खोखले-कोर फाइबर में प्रकाश मुख्य रूप से हवा से भरे कोर में चलता है, जबकि पारंपरिक फाइबर में वह ठोस कांच के कोर से गुजरता है। तकनीकी संदर्भों में पारंपरिक फाइबर के लिए लगभग 5 माइक्रोसेकंड प्रति किलोमीटर और खोखले-कोर फाइबर के लिए लगभग 3.46 माइक्रोसेकंड प्रति किलोमीटर का प्रसार समय दिया गया है। इन दरों के आधार पर 1,000 किमी में एक दिशा का अनुमानित अंतर करीब 1.54 मिलीसेकंड बनता है। 32
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यह प्रति किलोमीटर दिए गए आंकड़ों से निकला अनुमान है, इस परीक्षण में मापी गई विलंबता नहीं। उपलब्ध रिपोर्टें दूरी, क्षमता और OSNR मार्जिन बताती हैं, लेकिन लिंक की एंड-टू-एंड विलंबता का मापा हुआ नतीजा नहीं देतीं। वास्तविक नेटवर्क मार्ग की विलंबता केवल फाइबर में प्रकाश के प्रसार समय से तय नहीं होती। 6
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इसलिए, इस परीक्षण को 1,000 किमी से अधिक दूरी पर उच्च क्षमता वाले खोखले-कोर फाइबर संचार का प्रदर्शन और लंबी दूरी के संभावित कम-विलंबता बैकबोन नेटवर्क की दिशा में एक कदम कहना उचित है। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि किसी व्यावसायिक मार्ग पर तयशुदा विलंबता बचत हासिल हो चुकी है या घोषित विश्व रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि हो गई है। 6
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया।
चाइना टेलीकॉम रिसर्च इंस्टीट्यूट, YOFC और ZTE के मुताबिक, 1,007.48 किमी लिंक पर एक ही फाइबर से दोनों दिशाओं में रियल टाइम डेटा भेजा गया। विस्तारित C+L बैंड में PCS 16QAM के साथ प्रति तरंगदैर्ध्य 800 Gb/s और कुल 128 Tb/s क्षमता बताई गई।
खोखले कोर फाइबर से कम विलंबता की संभावना है, लेकिन इस परीक्षण की मापी गई एंड टू एंड विलंबता रिपोर्ट नहीं की गई।