खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं। दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों का लाल विस्थापन लगभग समान मिला, जिससे उनके संयोगवश एक ही दिशा में दिखने की संभावना काफी कम हो जाती है। नतीजे शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलयों की संभावित भूमिका...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did astronomers discover using a new pixel-by-pixel color-analysis technique on James Webb Space Telescope infrared images of “Little R. Article summary: Astronomers found four candidate pairs of “Little Red Dots” (LRDs)—compact, very red JWST sources thought to mark an early, rapid black-hole-growth phase—using pixel-by-pixel infrared-color selection that can separate ne. Topic tags: general, academic, education, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की अवरक्त तस्वीरों को एक नए तरीके से जांचने पर खगोलविदों को शुरुआती ब्रह्मांड में बेहद करीब स्थित ‘लिटिल रेड डॉट्स’ (LRDs) की चार संभावित जोड़ियां मिली हैं। ये छोटे और असामान्य रूप से लाल दिखाई देने वाले स्रोत हैं, जिन्हें कई शोधकर्ता तेजी से पदार्थ निगल रहे युवा ब्लैक होल के संभावित संकेत मानते हैं। हालांकि, LRDs की वास्तविक प्रकृति पर वैज्ञानिकों के बीच अभी बहस जारी है।17
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अध्ययन ने दो ब्लैक होल के विलय को सीधे नहीं देखा। इसके बजाय, शोधकर्ताओं को LRDs की करीबी जोड़ियां अपेक्षा से कहीं अधिक संख्या में मिलीं। ये प्रणालियां आकाशगंगाओं और उनके केंद्रीय ब्लैक होल के विलय से पहले की अवस्था का संकेत दे सकती हैं। चार में से दो जोड़ियों के लिए स्पेक्ट्रोस्कोपिक प्रमाण भी मिले हैं कि दोनों सदस्य ब्रह्मांडीय दूरी के लिहाज से एक ही स्थानिक समूह से जुड़े हैं, इसलिए उनका केवल संयोगवश एक ही दिशा में दिखाई देना कम संभावित है।20
21
आमतौर पर खगोलविद किसी कॉम्पैक्ट स्रोत की पहचान उसकी कुल चमक, आकार या रंग के आधार पर करते हैं। लेकिन जब दो लाल स्रोत बहुत पास हों, तो उनकी रोशनी मिलकर एक ही वस्तु जैसी दिखाई दे सकती है।
नई तकनीक तस्वीर के हर पिक्सेल में मौजूद अवरक्त रंगों का अलग-अलग विश्लेषण करती है। इससे पास-पास या आंशिक रूप से एक-दूसरे में घुले हुए स्रोतों के अलग लाल केंद्र पहचाने जा सकते हैं।8
11
JWST के COSMOS-Web इमेजिंग डेटा पर लागू करने के बाद इस पद्धति से चार संभावित LRD जोड़ियां मिलीं। इनके बीच कोणीय दूरी लगभग 0.2 से 1.2 आर्कसेकंड थी। खगोलीय पैमाने पर यह बेहद कम दूरी है, हालांकि केवल तस्वीरों से यह तय नहीं किया जा सकता कि दोनों वस्तुएं वास्तव में एक-दूसरे के करीब हैं या एक ही दृष्टि-रेखा पर संयोग से दिखाई दे रही हैं।8
इस सवाल का अधिक मजबूत परीक्षण JWST/COSMOS-3D की स्लिटलेस स्पेक्ट्रोस्कोपी से हुआ। दो प्रणालियों में प्रत्येक जोड़ी के दोनों सदस्यों से निकलने वाली एक उत्सर्जन रेखा समान देखी गई। यदि इस चौड़ी और उच्च-समतुल्य-चौड़ाई वाली रेखा को H-अल्फा माना जाए, तो दोनों जोड़ियों का लाल-विस्थापन क्रमशः 5.822 और 5.464 निकलता है।8
इन मापों के आधार पर उनकी प्रक्षेपित दूरी लगभग 1.64 और 7.36 किलोपारसेक है—यानी करीब 5,300 और 24,000 प्रकाश-वर्ष। JWST इन प्रणालियों को उस समय के रूप में देख रहा है जब ब्रह्मांड की उम्र बहुत कम थी, लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पहले।8
21
समान लाल-विस्थापन इस बात का प्रमाण नहीं है कि ये ब्लैक होल निश्चित रूप से आपस में मिलेंगे। लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि कम-से-कम इन दो जोड़ियों के सदस्य वास्तविक रूप से करीबी पड़ोसी हैं, न कि एक ही तस्वीर में एक-दूसरे के ऊपर दिखाई देने वाली असंबंधित वस्तुएं।8
शोधकर्ताओं ने यह भी जांचा कि असंबंधित वस्तुओं के संयोगवश इतनी पास दिखाई देने की संभावना कितनी है। इसके लिए उन्होंने ऐसे मॉक कैटलॉग बनाए, जिनसे यादृच्छिक दृष्टि-रेखा प्रक्षेपणों की अपेक्षित संख्या का अनुमान लगाया जा सके। तुलना से पता चला कि केवल संयोग इन नतीजों को आसानी से नहीं समझा सकता।8
LRDs का छोटे पैमाने पर अनुमानित क्लस्टरिंग संकेत JWST से मिले सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस (AGN) के बड़े पैमाने वाले सहसंबंध संकेत को आगे बढ़ाकर लगाए गए अनुमान से लगभग 20–30 गुना अधिक था। सरल शब्दों में, LRDs के पास करीबी साथी अपेक्षा से बहुत अधिक बार दिखाई दे रहे हैं।8
इसी वजह से ये प्रणालियां आकाशगंगा और ब्लैक होल विलय की संभावित पूर्व अवस्थाएं मानी जा रही हैं। फिर भी इन्हें फिलहाल करीबी-जोड़ियों के उम्मीदवार कहना अधिक सटीक है, न कि पक्के ब्लैक होल बाइनरी सिस्टम। अवलोकनों से अभी यह सिद्ध नहीं हुआ है कि हर LRD में सक्रिय रूप से पदार्थ जमा करता ब्लैक होल मौजूद है, सभी जोड़ियां गुरुत्वाकर्षण से बंधी हैं या उनका विलय कब होगा।8
17
यदि किसी जोड़ी के दोनों सदस्यों में पदार्थ निगल रहे ब्लैक होल मौजूद हों, तो विलय के दौरान उनका द्रव्यमान एक साथ जुड़ सकता है। साथ ही, आकाशगंगाओं के बीच गुरुत्वाकर्षणीय परस्पर क्रिया गैस को केंद्रीय क्षेत्रों की ओर धकेल सकती है। यह गैस ब्लैक होल को लंबे समय तक तेजी से बढ़ने के लिए अतिरिक्त ईंधन दे सकती है।8
विलय और बार-बार होने वाली तीव्र अभिवृद्धि—यानी ब्लैक होल द्वारा गैस-पदार्थ को तेजी से ग्रहण करना—मिलकर बिग बैंग के बाद उपलब्ध सीमित समय में बहुत बड़े ब्लैक होल बनाने का एक रास्ता दे सकते हैं।8
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि LRDs JWST से मिले शुरुआती ब्रह्मांड के सबसे चौंकाने वाले स्रोतों में शामिल हैं। अनेक अध्ययनों में उन्हें धूल या गैस से ढके असामान्य सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस के रूप में समझा गया है, लेकिन उनकी भौतिक प्रकृति अभी तय नहीं हुई है।17 यदि करीबी जोड़ियां LRDs की सामान्य विशेषता साबित होती हैं, तो इससे पता चलेगा कि ब्लैक होल की शुरुआती वृद्धि के दौर में ही आकाशगंगाओं की परस्पर क्रियाएं और विलय महत्वपूर्ण थे।
तेजी से बढ़ने के लिए विलय ही एकमात्र संभावित रास्ता नहीं है। कुछ मॉडल LRDs को घनी, प्रकाश-रोधी गैस की परतों या ‘कोकून’ में छिपे युवा सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस के रूप में समझाते हैं। ऐसे वातावरण ब्लैक होल को लगातार बड़ी मात्रा में गैस दे सकते हैं और JWST तक पहुंचने वाले प्रकाश को भी बदल सकते हैं—जिससे ये स्रोत लाल दिखाई देते हैं।2
6
12
दोनों विचार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। घनी गैस विलय से पहले, उसके दौरान या बाद में तेज अभिवृद्धि को जारी रख सकती है, जबकि विलय गैस को ब्लैक होल के आसपास केंद्रित करने में मदद कर सकता है। मौजूदा अवलोकन अभी यह नहीं बताते कि शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलय, लगातार अभिवृद्धि या दोनों के संयोजन का कितना योगदान था।8
17
पिक्सेल-स्तरीय यह तकनीक उन करीबी LRD जोड़ियों को खोजने का रास्ता देती है, जो सामान्य विश्लेषण में एक ही कॉम्पैक्ट स्रोत के रूप में दर्ज हो सकती थीं। इसे JWST के अधिक विस्तृत और गहरे सर्वेक्षणों पर लागू करने से वैज्ञानिक यह माप सकेंगे:
इन आंकड़ों से शुरुआती ब्लैक होल बाइनरी सिस्टम के द्रव्यमान और विलय दरों का बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा। आगे चलकर ऐसे अनुमान LISA और प्रस्तावित डेसीहर्ट्ज डिटेक्टरों जैसे अंतरिक्ष-आधारित गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशालाओं के लिए संभावित संकेतों और घटनाओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाने में उपयोगी हो सकते हैं।18
फिलहाल इस खोज को करीबी LRD जोड़ियों की अप्रत्याशित अधिकता के मजबूत प्रमाण के रूप में समझना चाहिए—यह सीधे-सीधे ब्लैक होल विलय या उससे निकलने वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगना नहीं है। अधिक स्पेक्ट्रोस्कोपिक अवलोकन और JWST के बड़े नमूने यह स्पष्ट करेंगे कि ये लाल बिंदु शुरुआती विलयों के आम संकेत हैं या ब्लैक होल वृद्धि की कहीं अधिक जटिल कहानी का केवल एक हिस्सा।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं।
खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं। दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों का लाल विस्थापन लगभग समान मिला, जिससे उनके संयोगवश एक ही दिशा में दिखने की संभावना काफी कम हो जाती है।
नतीजे शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलयों की संभावित भूमिका की ओर इशारा करते हैं, लेकिन ये अभी विलय करते ब्लैक होल की प्रत्यक्ष पुष्टि नहीं हैं।
खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं। दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों का लाल विस्थापन लगभग समान मिला, जिससे उनके संयोगवश एक ही दिशा में दिखने की संभावना काफी कम हो जाती है। नतीजे शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलयों की संभावित भूमिका...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did astronomers discover using a new pixel-by-pixel color-analysis technique on James Webb Space Telescope infrared images of “Little R. Article summary: Astronomers found four candidate pairs of “Little Red Dots” (LRDs)—compact, very red JWST sources thought to mark an early, rapid black-hole-growth phase—using pixel-by-pixel infrared-color selection that can separate ne. Topic tags: general, academic, education, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की अवरक्त तस्वीरों को एक नए तरीके से जांचने पर खगोलविदों को शुरुआती ब्रह्मांड में बेहद करीब स्थित ‘लिटिल रेड डॉट्स’ (LRDs) की चार संभावित जोड़ियां मिली हैं। ये छोटे और असामान्य रूप से लाल दिखाई देने वाले स्रोत हैं, जिन्हें कई शोधकर्ता तेजी से पदार्थ निगल रहे युवा ब्लैक होल के संभावित संकेत मानते हैं। हालांकि, LRDs की वास्तविक प्रकृति पर वैज्ञानिकों के बीच अभी बहस जारी है।17
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अध्ययन ने दो ब्लैक होल के विलय को सीधे नहीं देखा। इसके बजाय, शोधकर्ताओं को LRDs की करीबी जोड़ियां अपेक्षा से कहीं अधिक संख्या में मिलीं। ये प्रणालियां आकाशगंगाओं और उनके केंद्रीय ब्लैक होल के विलय से पहले की अवस्था का संकेत दे सकती हैं। चार में से दो जोड़ियों के लिए स्पेक्ट्रोस्कोपिक प्रमाण भी मिले हैं कि दोनों सदस्य ब्रह्मांडीय दूरी के लिहाज से एक ही स्थानिक समूह से जुड़े हैं, इसलिए उनका केवल संयोगवश एक ही दिशा में दिखाई देना कम संभावित है।20
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आमतौर पर खगोलविद किसी कॉम्पैक्ट स्रोत की पहचान उसकी कुल चमक, आकार या रंग के आधार पर करते हैं। लेकिन जब दो लाल स्रोत बहुत पास हों, तो उनकी रोशनी मिलकर एक ही वस्तु जैसी दिखाई दे सकती है।
नई तकनीक तस्वीर के हर पिक्सेल में मौजूद अवरक्त रंगों का अलग-अलग विश्लेषण करती है। इससे पास-पास या आंशिक रूप से एक-दूसरे में घुले हुए स्रोतों के अलग लाल केंद्र पहचाने जा सकते हैं।8
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JWST के COSMOS-Web इमेजिंग डेटा पर लागू करने के बाद इस पद्धति से चार संभावित LRD जोड़ियां मिलीं। इनके बीच कोणीय दूरी लगभग 0.2 से 1.2 आर्कसेकंड थी। खगोलीय पैमाने पर यह बेहद कम दूरी है, हालांकि केवल तस्वीरों से यह तय नहीं किया जा सकता कि दोनों वस्तुएं वास्तव में एक-दूसरे के करीब हैं या एक ही दृष्टि-रेखा पर संयोग से दिखाई दे रही हैं।8
इस सवाल का अधिक मजबूत परीक्षण JWST/COSMOS-3D की स्लिटलेस स्पेक्ट्रोस्कोपी से हुआ। दो प्रणालियों में प्रत्येक जोड़ी के दोनों सदस्यों से निकलने वाली एक उत्सर्जन रेखा समान देखी गई। यदि इस चौड़ी और उच्च-समतुल्य-चौड़ाई वाली रेखा को H-अल्फा माना जाए, तो दोनों जोड़ियों का लाल-विस्थापन क्रमशः 5.822 और 5.464 निकलता है।8
इन मापों के आधार पर उनकी प्रक्षेपित दूरी लगभग 1.64 और 7.36 किलोपारसेक है—यानी करीब 5,300 और 24,000 प्रकाश-वर्ष। JWST इन प्रणालियों को उस समय के रूप में देख रहा है जब ब्रह्मांड की उम्र बहुत कम थी, लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पहले।8
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समान लाल-विस्थापन इस बात का प्रमाण नहीं है कि ये ब्लैक होल निश्चित रूप से आपस में मिलेंगे। लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि कम-से-कम इन दो जोड़ियों के सदस्य वास्तविक रूप से करीबी पड़ोसी हैं, न कि एक ही तस्वीर में एक-दूसरे के ऊपर दिखाई देने वाली असंबंधित वस्तुएं।8
शोधकर्ताओं ने यह भी जांचा कि असंबंधित वस्तुओं के संयोगवश इतनी पास दिखाई देने की संभावना कितनी है। इसके लिए उन्होंने ऐसे मॉक कैटलॉग बनाए, जिनसे यादृच्छिक दृष्टि-रेखा प्रक्षेपणों की अपेक्षित संख्या का अनुमान लगाया जा सके। तुलना से पता चला कि केवल संयोग इन नतीजों को आसानी से नहीं समझा सकता।8
LRDs का छोटे पैमाने पर अनुमानित क्लस्टरिंग संकेत JWST से मिले सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस (AGN) के बड़े पैमाने वाले सहसंबंध संकेत को आगे बढ़ाकर लगाए गए अनुमान से लगभग 20–30 गुना अधिक था। सरल शब्दों में, LRDs के पास करीबी साथी अपेक्षा से बहुत अधिक बार दिखाई दे रहे हैं।8
इसी वजह से ये प्रणालियां आकाशगंगा और ब्लैक होल विलय की संभावित पूर्व अवस्थाएं मानी जा रही हैं। फिर भी इन्हें फिलहाल करीबी-जोड़ियों के उम्मीदवार कहना अधिक सटीक है, न कि पक्के ब्लैक होल बाइनरी सिस्टम। अवलोकनों से अभी यह सिद्ध नहीं हुआ है कि हर LRD में सक्रिय रूप से पदार्थ जमा करता ब्लैक होल मौजूद है, सभी जोड़ियां गुरुत्वाकर्षण से बंधी हैं या उनका विलय कब होगा।8
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यदि किसी जोड़ी के दोनों सदस्यों में पदार्थ निगल रहे ब्लैक होल मौजूद हों, तो विलय के दौरान उनका द्रव्यमान एक साथ जुड़ सकता है। साथ ही, आकाशगंगाओं के बीच गुरुत्वाकर्षणीय परस्पर क्रिया गैस को केंद्रीय क्षेत्रों की ओर धकेल सकती है। यह गैस ब्लैक होल को लंबे समय तक तेजी से बढ़ने के लिए अतिरिक्त ईंधन दे सकती है।8
विलय और बार-बार होने वाली तीव्र अभिवृद्धि—यानी ब्लैक होल द्वारा गैस-पदार्थ को तेजी से ग्रहण करना—मिलकर बिग बैंग के बाद उपलब्ध सीमित समय में बहुत बड़े ब्लैक होल बनाने का एक रास्ता दे सकते हैं।8
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि LRDs JWST से मिले शुरुआती ब्रह्मांड के सबसे चौंकाने वाले स्रोतों में शामिल हैं। अनेक अध्ययनों में उन्हें धूल या गैस से ढके असामान्य सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस के रूप में समझा गया है, लेकिन उनकी भौतिक प्रकृति अभी तय नहीं हुई है।17 यदि करीबी जोड़ियां LRDs की सामान्य विशेषता साबित होती हैं, तो इससे पता चलेगा कि ब्लैक होल की शुरुआती वृद्धि के दौर में ही आकाशगंगाओं की परस्पर क्रियाएं और विलय महत्वपूर्ण थे।
तेजी से बढ़ने के लिए विलय ही एकमात्र संभावित रास्ता नहीं है। कुछ मॉडल LRDs को घनी, प्रकाश-रोधी गैस की परतों या ‘कोकून’ में छिपे युवा सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस के रूप में समझाते हैं। ऐसे वातावरण ब्लैक होल को लगातार बड़ी मात्रा में गैस दे सकते हैं और JWST तक पहुंचने वाले प्रकाश को भी बदल सकते हैं—जिससे ये स्रोत लाल दिखाई देते हैं।2
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दोनों विचार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। घनी गैस विलय से पहले, उसके दौरान या बाद में तेज अभिवृद्धि को जारी रख सकती है, जबकि विलय गैस को ब्लैक होल के आसपास केंद्रित करने में मदद कर सकता है। मौजूदा अवलोकन अभी यह नहीं बताते कि शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलय, लगातार अभिवृद्धि या दोनों के संयोजन का कितना योगदान था।8
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पिक्सेल-स्तरीय यह तकनीक उन करीबी LRD जोड़ियों को खोजने का रास्ता देती है, जो सामान्य विश्लेषण में एक ही कॉम्पैक्ट स्रोत के रूप में दर्ज हो सकती थीं। इसे JWST के अधिक विस्तृत और गहरे सर्वेक्षणों पर लागू करने से वैज्ञानिक यह माप सकेंगे:
इन आंकड़ों से शुरुआती ब्लैक होल बाइनरी सिस्टम के द्रव्यमान और विलय दरों का बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा। आगे चलकर ऐसे अनुमान LISA और प्रस्तावित डेसीहर्ट्ज डिटेक्टरों जैसे अंतरिक्ष-आधारित गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशालाओं के लिए संभावित संकेतों और घटनाओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाने में उपयोगी हो सकते हैं।18
फिलहाल इस खोज को करीबी LRD जोड़ियों की अप्रत्याशित अधिकता के मजबूत प्रमाण के रूप में समझना चाहिए—यह सीधे-सीधे ब्लैक होल विलय या उससे निकलने वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगना नहीं है। अधिक स्पेक्ट्रोस्कोपिक अवलोकन और JWST के बड़े नमूने यह स्पष्ट करेंगे कि ये लाल बिंदु शुरुआती विलयों के आम संकेत हैं या ब्लैक होल वृद्धि की कहीं अधिक जटिल कहानी का केवल एक हिस्सा।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं।
खगोलविदों ने लगभग 12.5–12.8 अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड में JWST की मदद से ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार करीबी जोड़ियां पहचानी हैं। दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों का लाल विस्थापन लगभग समान मिला, जिससे उनके संयोगवश एक ही दिशा में दिखने की संभावना काफी कम हो जाती है।
नतीजे शुरुआती ब्लैक होल वृद्धि में विलयों की संभावित भूमिका की ओर इशारा करते हैं, लेकिन ये अभी विलय करते ब्लैक होल की प्रत्यक्ष पुष्टि नहीं हैं।