जैक क्लार्क का अनुमान है कि 2028 के अंत तक “no human involved AI R&D” की 60%+ संभावना है—यानी AI इतना सक्षम हो सकता है कि अपना अगला मॉडल खुद बना सके [7]। मुख्य जोखिम सिर्फ तेज़ कोडिंग नहीं, बल्कि AI विकास की पूरी रिसर्च लूप का ऑटोमेशन है, जिससे मानव निगरानी और सुरक्षा परीक्षण पीछे छूट सकते हैं [4][10]। यह अभी तय सच...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Jack Clark’s 2028 AI Warning: The Risk of AI Building Its Own Successor. Article summary: Anthropic co founder Jack Clark says there is a 60%+ chance that by the end of 2028, AI systems could conduct no human involved AI R&D — plausibly building successor models without humans.. Topic tags: ai, ai safety, anthropic, recursive self improvement, artificial general intelligence. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Anthropic co-founder Jack Clark predicts that AI R&D could be fully automated by 2028, with a 60%+ chance of no human involvement. AI is already handling code writing, model traini" source context "Anthropic co-founder predicts AI R&D will become fully automated by 2028. | KuCoin" Reference image 2: visual subject "A screenshot of Jack Clark's Twitter posts discus
Anthropic के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने AI की दुनिया में एक बड़ी और असहज भविष्यवाणी रखी है: उनके मुताबिक 2028 के अंत तक “no-human-involved AI R&D” होने की “likely chance (60%+)” है—यानी ऐसा AI सिस्टम, जो इतना शक्तिशाली हो कि वह अपना उत्तराधिकारी, यानी अगला ज्यादा सक्षम मॉडल, खुद बना सके ।
यह बात इसलिए अहम है क्योंकि मामला सिर्फ इतना नहीं है कि AI बेहतर कोड लिखने लगेगा। असली चिंता यह है कि सबसे उन्नत AI सिस्टम बनाने की रिसर्च-प्रक्रिया ही ऑटोमेट हो सकती है—यानी अगली पीढ़ी के मॉडल बनाने में मानव शोधकर्ताओं की भूमिका बहुत कम हो जाए ।
क्लार्क की भविष्यवाणी दो हिस्सों में समझनी चाहिए।
पहला, वे 2028 के अंत तक AI R&D—यानी AI अनुसंधान और विकास—के “बिना मानव भागीदारी” होने की संभावना 60% से ज्यादा मानते हैं । दूसरा, वे किसी साधारण AI असिस्टेंट की बात नहीं कर रहे; उनका पैमाना ऐसा सिस्टम है जो “plausibly autonomously build its own successor” कर सके, यानी अपना अगला मॉडल भरोसेमंद रूप से खुद तैयार कर सके
।
क्लार्क की चेतावनी पर हुई रिपोर्टिंग ने इसे फ्रंटियर AI मॉडल—सबसे उन्नत AI सिस्टम—के अनुसंधान और विकास की एंड-टू-एंड ऑटोमेशन की दिशा में कदम बताया है । एक अन्य रिपोर्ट ने इसे इस तरह संक्षेप में रखा कि 2028 के अंत तक AI मॉडल अपने उत्तराधिकारी को पूरी तरह ट्रेन कर सके, इसकी 60%+ संभावना है
।
सरल भाषा में कहें तो चेतावनी यह है: AI इंसानों को बेहतर AI बनाने में मदद करने से आगे बढ़कर, AI बनाने की प्रक्रिया का इतना बड़ा हिस्सा संभाल सकता है कि अगला मॉडल बहुत कम या बिना मानव भागीदारी के बन जाए ।
यहां “उत्तराधिकारी” से मतलब किसी रोबोट के दूसरे रोबोट को असेंबल करने से नहीं है। इसका अर्थ है—मॉडल विकास की श्रृंखला में अगला, ज्यादा सक्षम AI सिस्टम। क्लार्क की चिंता यह है कि कोई अत्यधिक सक्षम AI अपने अगले संस्करण को डिजाइन, ट्रेन, टेस्ट और सुधारने वाली जरूरी प्रक्रियाओं में खुद बड़ी भूमिका निभा सके ।
यह आज के आम “AI कोडिंग असिस्टेंट” से अलग है। कोड लिखना व्यापक AI रिसर्च पाइपलाइन का सिर्फ एक हिस्सा है। क्लार्क का परिदृश्य पूरी R&D पाइपलाइन के ऑटोमेशन की बात करता है—जहां फ्रंटियर मॉडल डिजाइन होते हैं, ट्रेन किए जाते हैं, मूल्यांकन से गुजरते हैं और फिर बेहतर बनाए जाते हैं ।
महत्वपूर्ण बात यह है कि क्लार्क यह नहीं कह रहे कि ऐसा आज हो चुका है। वे 2028 के अंत तक ऐसी संभावना पर एक अनुमान लगा रहे हैं ।
इस परिदृश्य को अक्सर “recursive self-improvement” कहा जाता है—हिंदी में कहें तो पुनरावर्ती आत्म-सुधार। इसका अर्थ है: एक AI सिस्टम ज्यादा सक्षम AI बनाने में मदद करे, फिर वह नया सिस्टम उससे भी ज्यादा सक्षम अगला सिस्टम बनाने में मदद करे ।
जोखिम वाला रूप यह नहीं है कि “AI सॉफ्टवेयर सुधार देगा।” बड़ा मुद्दा यह है कि AI सुधारने वाली प्रणाली ही हर पीढ़ी में ज्यादा सक्षम होती जाए। क्लार्क की चेतावनी पर चर्चा करने वाली रिपोर्टें इसे “intelligence explosion” यानी क्षमताओं की तेज़, चक्रवृद्धि जैसी उछाल से जोड़ती हैं—जहां AI सिस्टम आगे आने वाले AI सिस्टम को बेहतर बनाने लगते हैं और विकास की रफ्तार अचानक बहुत तेज हो सकती है ।
यही वजह है कि इसे सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं माना जा रहा। अगर AI प्रगति की रुकावट मानव शोधकर्ताओं से हटकर AI सिस्टमों पर आ जाए, जो खुद AI को सुधार रहे हों, तो क्षमता-वृद्धि की रफ्तार को समझना, परखना और नियंत्रित करना इंसानों के लिए कठिन हो सकता है ।
मुख्य जोखिम है—AI विकास की पाइपलाइन पर मानव निगरानी का कम होना। अगर R&D प्रक्रिया एंड-टू-एंड ऑटोमेट हो जाती है, तो ज्यादा सक्षम अगला सिस्टम बनने से पहले इंसानों के पास सार्थक जांच-बिंदु कम बच सकते हैं ।
तीन चिंताएं खास हैं:
दूसरे शब्दों में, यह विज्ञान-कथा वाला दृश्य नहीं है कि मशीन फैक्ट्री में दूसरी मशीन बना रही है। जोखिम यह है कि फ्रंटियर AI बनाने की प्रक्रिया इतनी तेज और ऑटोमेटेड हो जाए कि सुरक्षा मूल्यांकन, नियमन और सार्वजनिक समझ पीछे रह जाए ।
क्लार्क का 60%+ अनुमान कोई स्थापित तथ्य नहीं, बल्कि संभाव्यता-आधारित आकलन है । समयसीमा पर मतभेद हैं।
एक आलोचना में कहा गया है कि 2028 तक पूरी तरह मानव-मुक्त, एंड-टू-एंड recursive self-improvement की संभावना कम है—लेखक इसे 10% से नीचे मानता है—हालांकि वह यह भी स्वीकार करता है कि 2036 तक लंबी अवधि में ऐसा कुछ संभव हो सकता है ।
तकनीकी स्तर पर भी बहस है कि क्या recursive self-improvement सचमुच लगातार तेज़ लाभ देगा। कंप्यूटर वैज्ञानिक Pedro Domingos का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट कहती है कि असली सवाल केवल यह नहीं है कि AI सॉफ्टवेयर बना या बदल सकता है; सवाल यह है कि क्या इससे भरोसेमंद रूप से बढ़ते हुए रिटर्न मिलेंगे। Domingos के मुताबिक, इसका स्पष्ट प्रमाण अभी नहीं दिखा है ।
यह फर्क महत्वपूर्ण है। “AI रिसर्च में मदद कर सकता है,” “AI R&D का ज्यादातर हिस्सा ऑटोमेट कर सकता है,” और “AI खुद को इतनी तेजी से सुधार सकता है कि intelligence explosion हो जाए”—ये जुड़े हुए लेकिन अलग-अलग दावे हैं । क्लार्क की चेतावनी इसी क्रम के सबसे गंभीर रूप को लेकर है
।
जैक क्लार्क का अनुमान है कि 2028 के अंत तक यह “more likely than not” हो सकता है कि AI सिस्टम बिना मानव भागीदारी के AI R&D कर सकें और अपना उत्तराधिकारी बनाने की क्षमता पा लें ।
अगर वे सही साबित होते हैं, तो खतरा सिर्फ तेज़ नवाचार नहीं होगा। असली चुनौती यह होगी कि ज्यादा शक्तिशाली AI सिस्टम बनाने की प्रक्रिया मानव निगरानी, सुरक्षा परीक्षण और शासन-व्यवस्था की अनुकूलन क्षमता से तेज चलने लगे । सबसे बड़ा caveat यही है कि यह अब भी विवादित भविष्यवाणी है—और आलोचक 2028 की समयसीमा को बहुत जल्दबाजी वाला अनुमान मानते हैं
।
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जैक क्लार्क का अनुमान है कि 2028 के अंत तक “no human involved AI R&D” की 60%+ संभावना है—यानी AI इतना सक्षम हो सकता है कि अपना अगला मॉडल खुद बना सके [7]।
जैक क्लार्क का अनुमान है कि 2028 के अंत तक “no human involved AI R&D” की 60%+ संभावना है—यानी AI इतना सक्षम हो सकता है कि अपना अगला मॉडल खुद बना सके [7]। मुख्य जोखिम सिर्फ तेज़ कोडिंग नहीं, बल्कि AI विकास की पूरी रिसर्च लूप का ऑटोमेशन है, जिससे मानव निगरानी और सुरक्षा परीक्षण पीछे छूट सकते हैं [4][10]।
यह अभी तय सच नहीं, बल्कि विवादित भविष्यवाणी है; कुछ आलोचक 2028 की समयसीमा को बहुत आक्रामक मानते हैं [12]।