एलेक्जेंडर ज्वेरेव का कहना है कि वे अपना 2021 का टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडल कभी किसी ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए नहीं बदलेंगे, भले ही यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच के जल्दी बाहर होने से फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष ड्रॉ पूरी तर... ज्वेरेव ने राफेल जोदार को सीधे सेटों में हराकर छह साल में पांचवीं बार रोलां गैरों के सेमीफाइनल म...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Alexander Zverev say about preferring his Olympic gold medal over a Grand Slam title, and how did his comments, his semifinal win o. Article summary: Alexander Zverev has firmly stated that he would never trade his 2021 Olympic gold medal for any Grand Slam title, even as he closes in on a maiden major at the 2026 French Open [1][6]. Combined with his straight-sets qu. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Very classy, Zverev doesn't linger after his win: "It's not my moment, it's Rafa's". On Monday, Alexander Zverev debunked a statue. Facing Rafael Nadal, a 14-time winner in Paris" source context "Very classy, Zverev doesn't linger after his win: "It's not my moment, it's Rafa's"" Reference image 2: visual subje
एलेक्जेंडर ज्वेरेव बस दो जीत दूर हैं उस एक खिताब से, जो उन्हें तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने के बावजूद नहीं मिल सका है। लेकिन जर्मनी के इस दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का दावा है कि वे इस खिताब के लिए भी अपना ओलंपिक स्वर्ण पदक कभी नहीं बेचेंगे। मंगलवार को स्पेन के किशोर सनसनी राफेल जोदार को सीधे सेटों में हराकर 2026 फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद, ज्वेरेव से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधा सवाल पूछा गया—क्या आप अपना टोक्यो 2021 का ओलंपिक गोल्ड किसी ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए बदलेंगे? उनका जवाब तुरंत और बिना किसी हिचकिचाहट के था: “कोई चांस नहीं।” ।
यह बयान इस पूरे रोलां गैरों टूर्नामेंट की सबसे चर्चित बात बन गया है, क्योंकि शुरुआती दौर में मची उथल-पुथल के बाद पुरुष ड्रॉ पूरी तरह से बिखर चुका है। अब ज्वेरेव ही सबसे ऊंची रैंकिंग वाले और खिताब के सबसे बड़े दावेदार के रूप में उभरे हैं।
यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब पहला मेजर खिताब महज दो मैच दूर हो, तो इसका समय इसे और खास बना देता है। ज्वेरेव ने अपने क्वार्टर फाइनल मैच के बाद कहा:
“कोई चांस नहीं। मेरे लिए ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतना सबसे मुश्किल चीज है, क्योंकि आपको हर चार साल में सिर्फ एक बार मौका मिलता है। यह इसलिए खास है क्योंकि यह बहुत कम लोगों ने किया है। आप यह अपने देश के लिए करते हैं, आप अपने घर के लोगों के लिए करते हैं। मैं अपना गोल्ड मेडल कभी किसी चीज के लिए नहीं बदलूंगा—लेकिन मुझे अपनी लिस्ट में कुछ और चीजें जोड़ने में भी कोई आपत्ति नहीं होगी।”
कई मीडिया आउटलेट्स ने एक ही संदेश दिया: अगर ज्वेरेव 7 जून को फ्रेंच ओपन जीत भी लेते हैं, तब भी ओलंपिक गोल्ड उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा । यह भावना 2021 में गोल्ड जीतने के उस पल से जुड़ी है, जब उन्होंने कहा था, “इससे बेहतर कुछ नहीं है। आप सिर्फ अपने लिए नहीं, अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं और ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है।”
ज्वेरेव ने कोर्ट फिलिप-शैत्रिये पर स्पेनिश क्वालीफायर और 19 वर्षीय राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। स्कोरलाइन जितनी सीधी लगती है, शुरुआत में संघर्ष उतना ही बड़ा था—पहले सेट में ज्वेरेव 2-5 से पिछड़ रहे थे, उसके बाद वापसी कर टाईब्रेक में जीत हासिल की और फिर पूरे मैच पर पकड़ बना ली । टाईब्रेक जीतने के बाद उन्होंने अगले दो सेटों में मात्र चार गेम गंवाए
।
यह जीत ज्वेरेव का पिछले छह सालों में पांचवां रोलां गैरों सेमीफाइनल है। यह निरंतरता उन्हें टूर्नामेंट में बचे सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक बनाती है ।
2026 के फ्रेंच ओपन का पुरुष ड्रॉ इस कदर तबाह हुआ है, जैसा ग्रैंड स्लैम में बहुत कम देखने को मिलता है। सनसनीखेज नतीजों का सिलसिला टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया, जब दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ चोट के कारण हट गए । फिर, दूसरे दौर में, दुनिया के नंबर एक यानिक सिनर—जो 30 मैचों की जीत की लय और -300 की भारी सट्टेबाजी पसंद के साथ उतरे थे—अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से पांच सेटों में ढह गए
। 2000 में आंद्रे अगासी के बाद सिनर ऐसे पहले शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बने जो दूसरे दौर या उससे पहले हारे
।
एक दिन बाद ही, 24 बार के मेजर चैंपियन नोवाक जोकोविच दो सेट की बढ़त गंवाकर 19 वर्षीय ब्राजीलियाई खिलाड़ी जोआओ फोंसेका से लगभग पांच घंटे तक चले रोमांचक मुकाबले में हार गए । इन लगातार हारों का मतलब था कि 1968 के बाद पहली बार, किसी मेजर टूर्नामेंट के पुरुष चौथे दौर में एक भी पूर्व ग्रैंड स्लैम चैंपियन नहीं पहुंचा
।
इन नतीजों ने पूरे टूर्नामेंट का नक्शा बदल दिया। सिनर और जोकोविच के बाहर होने के साथ, यह तय हो गया कि 2026 का फ्रेंच ओपन एक पहली बार का ग्रैंड स्लैम चैंपियन देगा । सट्टा बाजारों में ज्वेरेव तुरंत +120 के पसंदीदा बनकर उभरे
और भारत टीवी व आधिकारिक रोलां गैरों वेबसाइट जैसे मीडिया ने लगातार उन्हें ‘हराने वाला खिलाड़ी’ और सबसे बड़ा दावेदार बताया
।
सेमीफाइनल और 7 जून के फाइनल से पहले कई कारक ज्वेरेव के पक्ष में जा रहे हैं:
एक ऐसे खिलाड़ी के लिए, जो तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल हार चुका है, अवसर इससे ज्यादा ठोस कभी नहीं रहा। अब वे बचे हुए खिलाड़ियों में सबसे ऊंची रैंकिंग वाले, सट्टेबाजी के पसंदीदा और पहली बार के सेमीफाइनलिस्टों से भरे ड्रॉ में सबसे अनुभवी ‘बड़े मैच’ के खिलाड़ी हैं। चाहे वे 7 जून को कूप देस मुस्केतैर उठाएं या नहीं, ज्वेरेव पहले ही एक बात साफ कर चुके हैं: चाहे कुछ भी हो, ओलंपिक गोल्ड उनके पास ही रहेगा।
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एलेक्जेंडर ज्वेरेव का कहना है कि वे अपना 2021 का टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडल कभी किसी ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए नहीं बदलेंगे, भले ही यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच के जल्दी बाहर होने से फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष ड्रॉ पूरी तर...
एलेक्जेंडर ज्वेरेव का कहना है कि वे अपना 2021 का टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडल कभी किसी ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए नहीं बदलेंगे, भले ही यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच के जल्दी बाहर होने से फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष ड्रॉ पूरी तर... ज्वेरेव ने राफेल जोदार को सीधे सेटों में हराकर छह साल में पांचवीं बार रोलां गैरों के सेमीफाइनल में जगह बनाई और अब वे सट्टेबाजी बाजारों में अपना पहला मेजर जीतने के सबसे बड़े दावेदार हैं।
1968 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी पुरुष मेजर टूर्नामेंट के चौथे दौर में एक भी पूर्व ग्रैंड स्लैम चैंपियन नहीं पहुंचा। इस असामान्य स्थिति में ज्वेरेव सबसे अनुभवी चेहरा बनकर उभरे हैं।