Akamai की 2026 State of the Internet रिपोर्ट के अनुसार 2024 से 2025 के बीच वित्तीय संस्थानों पर DDoS हमलों की औसत अवधि 738% बढ़ गई, जबकि हमलों की कुल संख्या केवल लगभग 5.2% बढ़ी [2]। बैंक साइबर अपराधियों के मुख्य लक्ष्य बने हुए हैं क्योंकि उनके पास उच्च‑मूल्य ग्राहक डेटा, भुगतान प्रणालियाँ और जटिल डिजिटल इन्फ्रास्ट्र...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Akamai’s May 20, 2026 State of the Internet Security report reveal about the surge in cyberattacks against financial institutions—p. Article summary: Akamai’s May 20, 2026 SOTI Security report said attacks on financial services have shifted from episodic disruption to sustained, AI-amplified campaigns against banks, APIs, DNS, and customer-facing sites. The headline f. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Backtested trading strategies built on Quiver's datasets. Build and test your own strategies, using Quiver's Congressional trading datasets. # Akamai's 2026 State of the Internet R" source context "Akamai's 2026 State of the Internet Report Highlights Evolving Threat Landscape Targeting APIs and DDoS Attacks | Quiver" Reference
वित्तीय संस्थान अब साइबर हमलों के एक नए दौर का सामना कर रहे हैं—ऐसे हमले जो पहले से अधिक लंबे, स्वचालित और आंशिक रूप से AI द्वारा संचालित हैं। Akamai की मई 2026 की State of the Internet (SOTI) Security रिपोर्ट बताती है कि बैंक और डिजिटल वित्तीय प्लेटफ़ॉर्म अब केवल कुछ मिनटों की बाधा का सामना नहीं करते, बल्कि लगातार चलने वाले हमलों का सामना कर रहे हैं जो उनकी मूल डिजिटल संरचना को निशाना बनाते हैं।
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि Layer 3/4 DDoS हमलों की औसत अवधि 2024 से 2025 के बीच 738% बढ़ गई—हालाँकि हमलों की कुल संख्या में वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही ।
इससे संकेत मिलता है कि हमलावर अब केवल संख्या बढ़ाने के बजाय हमलों को अधिक टिकाऊ और जटिल बना रहे हैं।
Akamai के 2025 खतरा विश्लेषण के अनुसार वित्तीय क्षेत्र पर DDoS हमले आकार और अवधि दोनों में तेजी से बढ़े हैं। Layer 3/4 हमलों की कुल संख्या साल-दर-साल केवल लगभग 5.2% बढ़ी, लेकिन हमलों का आकार और अवधि तेज़ी से बढ़े—अधिकतम हमले का आकार 236% तक बढ़ गया ।
लंबे समय तक चलने वाले हमलों से कई नए जोखिम पैदा होते हैं:
इस कारण DDoS अब केवल तकनीकी परेशानी नहीं, बल्कि व्यवसाय निरंतरता (business continuity) के लिए वास्तविक खतरा बन चुका है।
Akamai के अनुसार साइबर हमलों में वित्तीय सेवाएँ लगातार सबसे अधिक लक्षित उद्योगों में शामिल रहती हैं। रिपोर्ट बताती है कि Layer 3/4 और Layer 7 दोनों प्रकार के DDoS हमलों में बैंकिंग सेक्टर शीर्ष लक्ष्य है ।
इसके पीछे कई कारण हैं:
इसके अलावा, बैंकिंग प्रणाली किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होती है—इसलिए राजनीतिक या वैचारिक समूह भी इन्हें निशाना बनाते हैं।
आधुनिक साइबर हमलों का एक बड़ा कारण विशाल स्वचालित बॉटनेट नेटवर्क हैं। Akamai ने 2025 के अंत में उन्नत बॉट गतिविधि में 147% की वृद्धि दर्ज की ।
इन हमलों में अक्सर IoT ज़ॉम्बी नेटवर्क का उपयोग होता है—यानी संक्रमित राउटर, सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट टीवी और अन्य इंटरनेट‑कनेक्टेड उपकरण। जब लाखों ऐसे डिवाइस एक साथ ट्रैफिक भेजते हैं, तो वे वेबसाइट या सर्वर को ठप कर सकते हैं।
AI तकनीक इन बॉटनेट्स को और शक्तिशाली बनाती है। उदाहरण के लिए वे:
इस वजह से पारंपरिक सुरक्षा उपाय—जैसे स्थिर IP ब्लॉकिंग—कम प्रभावी हो जाते हैं।
DDoS खतरे का केवल एक हिस्सा है। Akamai के अनुसार 2024–2025 के दौरान वित्तीय सेवाओं पर 110 अरब वेब हमले दर्ज किए गए, जिससे यह उद्योग वैश्विक स्तर पर वेब एप्लिकेशन हमलों का दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया ।
इनमें से लगभग 60% हमले सीधे बैंकिंग वेबसाइटों पर हुए ।
रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि तेजी से बढ़ते API इकोसिस्टम—जिनका उपयोग मोबाइल ऐप, फिनटेक सेवाएँ और ओपन बैंकिंग में होता है—नए सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहे हैं। कई बार "शैडो APIs" (ऐसे API जिनका ठीक से दस्तावेज़ या प्रबंधन नहीं होता) हमलावरों के लिए प्रवेश द्वार बन जाते हैं ।
रिपोर्ट के अनुसार DNS इन्फ्रास्ट्रक्चर वित्तीय संगठनों में अक्सर अनदेखा सुरक्षा क्षेत्र होता है ।
गलत कॉन्फ़िगरेशन या खराब प्रबंधन से हमलावर:
उसी समय बैंकिंग और फिनटेक संस्थान लगातार नए API जोड़ रहे हैं। यदि इन इंटरफेस का सही निरीक्षण और प्रबंधन न हो, तो ये हमलावरों के लिए प्रमुख प्रवेश बिंदु बन सकते हैं।
सभी साइबर हमले आर्थिक उद्देश्य से नहीं होते। कई हमले राजनीतिक या वैचारिक कारणों से किए जाते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार Keymous+ और DieNet जैसे हैक्टिविस्ट समूहों को भू‑राजनीतिक तनाव से जुड़े DDoS हमलों की लहरों से जोड़ा गया है। एक अवधि में 16 देशों की 110 संस्थाओं पर 149 DDoS हमले दर्ज किए गए, जिनमें से लगभग 70% गतिविधि इन दो समूहों से जुड़ी थी ।
एक अन्य समूह Handala भी विभिन्न साइबर अभियानों से जुड़ा बताया जाता है और कुछ सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार इसके ईरान की खुफिया प्रणाली से संभावित संबंध बताए गए हैं ।
ऐसे हमलों का उद्देश्य अक्सर सीधे आर्थिक लाभ के बजाय अराजकता पैदा करना, राजनीतिक संदेश देना या मीडिया ध्यान आकर्षित करना होता है।
Akamai का निष्कर्ष है कि आधुनिक साइबर खतरे कई पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों से तेज़ी से विकसित हो रहे हैं।
पुरानी परिधि‑आधारित सुरक्षा जैसे:
अब निम्न चुनौतियों से जूझ रही हैं:
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक खतरे से निपटने के लिए बहु‑स्तरीय सुरक्षा रणनीति जरूरी है, जिसमें शामिल हैं:
SOTI रिपोर्ट का मुख्य संदेश स्पष्ट है: वित्तीय सेवाओं पर साइबर हमले अब औद्योगिक स्तर पर स्वचालित और संगठित हो चुके हैं। अपराधी वित्तीय लाभ के लिए इन तकनीकों का उपयोग करते हैं, जबकि हैक्टिविस्ट राजनीतिक प्रभाव के लिए—लेकिन दोनों ही तेजी से AI और बड़े बॉटनेट नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं ।
इस माहौल में बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए असली चुनौती केवल हमलों को रोकना नहीं, बल्कि ऐसे सुरक्षा ढाँचे बनाना है जो खतरों के साथ‑साथ विकसित हो सकें।
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Akamai की 2026 State of the Internet रिपोर्ट के अनुसार 2024 से 2025 के बीच वित्तीय संस्थानों पर DDoS हमलों की औसत अवधि 738% बढ़ गई, जबकि हमलों की कुल संख्या केवल लगभग 5.2% बढ़ी [2]।
Akamai की 2026 State of the Internet रिपोर्ट के अनुसार 2024 से 2025 के बीच वित्तीय संस्थानों पर DDoS हमलों की औसत अवधि 738% बढ़ गई, जबकि हमलों की कुल संख्या केवल लगभग 5.2% बढ़ी [2]। बैंक साइबर अपराधियों के मुख्य लक्ष्य बने हुए हैं क्योंकि उनके पास उच्च‑मूल्य ग्राहक डेटा, भुगतान प्रणालियाँ और जटिल डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर होता है।
AI‑सक्षम बॉटनेट्स, IoT ‘ज़ॉम्बी’ डिवाइस नेटवर्क और तेज़ी से बढ़ते API इकोसिस्टम के कारण पारंपरिक फ़ायरवॉल और IP‑ब्लॉकिंग जैसी सुरक्षा प्रणालियाँ कम प्रभावी हो रही हैं।