इसके पीछे कई कारण हैं:
इसके अलावा, बैंकिंग प्रणाली किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होती है—इसलिए राजनीतिक या वैचारिक समूह भी इन्हें निशाना बनाते हैं।
आधुनिक साइबर हमलों का एक बड़ा कारण विशाल स्वचालित बॉटनेट नेटवर्क हैं। Akamai ने 2025 के अंत में उन्नत बॉट गतिविधि में 147% की वृद्धि दर्ज की ।
इन हमलों में अक्सर IoT ज़ॉम्बी नेटवर्क का उपयोग होता है—यानी संक्रमित राउटर, सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट टीवी और अन्य इंटरनेट‑कनेक्टेड उपकरण। जब लाखों ऐसे डिवाइस एक साथ ट्रैफिक भेजते हैं, तो वे वेबसाइट या सर्वर को ठप कर सकते हैं।
AI तकनीक इन बॉटनेट्स को और शक्तिशाली बनाती है। उदाहरण के लिए वे:
इस वजह से पारंपरिक सुरक्षा उपाय—जैसे स्थिर IP ब्लॉकिंग—कम प्रभावी हो जाते हैं।
DDoS खतरे का केवल एक हिस्सा है। Akamai के अनुसार 2024–2025 के दौरान वित्तीय सेवाओं पर 110 अरब वेब हमले दर्ज किए गए, जिससे यह उद्योग वैश्विक स्तर पर वेब एप्लिकेशन हमलों का दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया ।
रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि तेजी से बढ़ते API इकोसिस्टम—जिनका उपयोग मोबाइल ऐप, फिनटेक सेवाएँ और ओपन बैंकिंग में होता है—नए सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहे हैं। कई बार "शैडो APIs" (ऐसे API जिनका ठीक से दस्तावेज़ या प्रबंधन नहीं होता) हमलावरों के लिए प्रवेश द्वार बन जाते हैं ।
गलत कॉन्फ़िगरेशन या खराब प्रबंधन से हमलावर:
उसी समय बैंकिंग और फिनटेक संस्थान लगातार नए API जोड़ रहे हैं। यदि इन इंटरफेस का सही निरीक्षण और प्रबंधन न हो, तो ये हमलावरों के लिए प्रमुख प्रवेश बिंदु बन सकते हैं।
सभी साइबर हमले आर्थिक उद्देश्य से नहीं होते। कई हमले राजनीतिक या वैचारिक कारणों से किए जाते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार Keymous+ और DieNet जैसे हैक्टिविस्ट समूहों को भू‑राजनीतिक तनाव से जुड़े DDoS हमलों की लहरों से जोड़ा गया है। एक अवधि में 16 देशों की 110 संस्थाओं पर 149 DDoS हमले दर्ज किए गए, जिनमें से लगभग 70% गतिविधि इन दो समूहों से जुड़ी थी ।
एक अन्य समूह Handala भी विभिन्न साइबर अभियानों से जुड़ा बताया जाता है और कुछ सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार इसके ईरान की खुफिया प्रणाली से संभावित संबंध बताए गए हैं ।
ऐसे हमलों का उद्देश्य अक्सर सीधे आर्थिक लाभ के बजाय अराजकता पैदा करना, राजनीतिक संदेश देना या मीडिया ध्यान आकर्षित करना होता है।
Akamai का निष्कर्ष है कि आधुनिक साइबर खतरे कई पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों से तेज़ी से विकसित हो रहे हैं।
पुरानी परिधि‑आधारित सुरक्षा जैसे:
अब निम्न चुनौतियों से जूझ रही हैं:
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक खतरे से निपटने के लिए बहु‑स्तरीय सुरक्षा रणनीति जरूरी है, जिसमें शामिल हैं:
SOTI रिपोर्ट का मुख्य संदेश स्पष्ट है: वित्तीय सेवाओं पर साइबर हमले अब औद्योगिक स्तर पर स्वचालित और संगठित हो चुके हैं। अपराधी वित्तीय लाभ के लिए इन तकनीकों का उपयोग करते हैं, जबकि हैक्टिविस्ट राजनीतिक प्रभाव के लिए—लेकिन दोनों ही तेजी से AI और बड़े बॉटनेट नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं ।
इस माहौल में बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए असली चुनौती केवल हमलों को रोकना नहीं, बल्कि ऐसे सुरक्षा ढाँचे बनाना है जो खतरों के साथ‑साथ विकसित हो सकें।
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