3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। आकलन में यह देखा जाएगा कि चैटबॉट ने लेख तक कैसे पहुंच बनाई और क्या उसके जवाब में लेख की पहचानने योग्य अभिव्यक्ति दोहराई गई—सिर...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Advocate General Maciej Szpunar advise on November 3 in the Court of Justice of the European Union’s first generative AI case, invo. Article summary: On 3 November 2026, Advocate General Maciej Szpunar advised the CJEU that an AI chatbot’s real-time retrieval and reuse of press articles to answer users can, in certain circumstances, infringe press publishers’ rights i. Topic tags: general, government, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
3 नवंबर 2026 को यूरोपीय संघ के न्यायालय (CJEU) के एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने राय दी कि उपयोगकर्ता के सवाल का जवाब देने के लिए AI चैटबॉट का ऑनलाइन प्रेस लेखों को तुरंत हासिल करना और उनका दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। Like Company बनाम Google Ireland, मामला C‑250/25, में यह अंतिम फैसला नहीं है कि Google ने अधिकारों का उल्लंघन किया। 1
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हंगरी की समाचार प्रकाशक Like Company का आरोप था कि Google ने उसके लेख Gemini में इस्तेमाल किए और 13 जून 2023 से 31 मई 2024 के बीच चैटबॉट के जरिए उन्हें बार-बार दोहराया। ये मुकदमे में लगाए गए आरोप हैं, उल्लंघन के साबित तथ्य नहीं। 1
राय में AI और कॉपीराइट पर बहस के दो पहलुओं को अलग रखा गया है: बड़े भाषा मॉडल (LLM) को प्रशिक्षित करने के लिए सामग्री का इस्तेमाल, और उपयोगकर्ता को जवाब देते समय किसी प्रेस प्रकाशन को वास्तविक समय में हासिल कर दोहराना।
श्पुनार ने Like Company के लेखों के मॉडल-ट्रेनिंग में इस्तेमाल से जुड़े सवालों को अस्वीकार्य घोषित करने की सिफारिश की, क्योंकि मामले की सामग्री से यह साबित नहीं होता था कि Gemini को उन्हीं लेखों पर प्रशिक्षित किया गया था। उन्होंने यह भी माना कि मॉडल-ट्रेनिंग, 2019 के कॉपीराइट इन द डिजिटल सिंगल मार्केट निर्देश (CDSM) के Article 15 के अर्थ में प्रेस प्रकाशन का “ऑनलाइन इस्तेमाल” नहीं है। 3
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इसका मतलब यह नहीं कि राय संरक्षित सामग्री पर हर तरह की ट्रेनिंग को बिना शर्त मंजूरी देती है। इसमें टेक्स्ट और डेटा माइनिंग (TDM) अपवाद का जिक्र है, जो अपनी शर्तें पूरी होने पर ट्रेनिंग का आधार बन सकता है। अधिकारधारक संरक्षित सामग्री के ऐसे इस्तेमाल का विरोध कर सकते हैं या उसका लाइसेंस दे सकते हैं। राय में यह भी चर्चा है कि सामग्री को मॉडल में याद रह जाने या फिर से उगलने के जोखिम को रोकने के उपाय होने चाहिए। 3
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Article 15 प्रेस प्रकाशकों को उनके प्रकाशनों के ऑनलाइन इस्तेमाल पर कुछ विशेष अधिकार देता है। श्पुनार के विश्लेषण में लेख की संरक्षित अभिव्यक्ति और उसमें बताए गए तथ्यों के बीच फर्क है: प्रकाशक को खबर के तथ्यों पर एकाधिकार नहीं मिलता। 4
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CJEU की प्रेस-सारांश सामग्री के मुताबिक, यह देखने के लिए दो बातें प्रासंगिक हैं कि चैटबॉट का जवाब प्रकाशक के पुनरुत्पादन के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है या नहीं। पहली, चैटबॉट ने लेख तक पहुंच कैसे बनाई—मसलन, क्या उसने पेवॉल या वेब-स्क्रैपिंग रोकने वाली प्रभावी तकनीकी पाबंदी को दरकिनार किया। दूसरी, जवाब में क्या दोहराया गया: लेख के तथ्य बताना और उसकी पहचानने योग्य अभिव्यक्ति को दोहराना एक जैसी बात नहीं है। 1
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राय यह भी देखती है कि बार-बार और पहचानने योग्य ढंग से सामग्री दोहराने पर क्या प्रकाशन जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। मामले पर एक कानूनी टिप्पणी के अनुसार, यह भी विचारणीय है कि क्या उपयोगकर्ता चैटबॉट के जवाबों से लेख का सार पा सकते हैं और इस वजह से मूल प्रकाशन पर जाने की जरूरत नहीं रह जाती। यह दोहराव के तरीके और असर का सवाल है—इस मामले में Gemini ने ऐसा किया, इसका निष्कर्ष नहीं। 23
Google ने दलील दी कि अगर प्रकाशक लेखों को बिना पेवॉल या एंटी-स्क्रैपिंग पाबंदी के खुले तौर पर उपलब्ध रखता है, तो इसे चैटबॉट के जवाबों का आधार बनाने के लिए उनके दोबारा इस्तेमाल की निहित सहमति माना जाना चाहिए। 2 इसलिए कानूनी आकलन केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि लेख ऑनलाइन था या नहीं: राय में पहुंच की शर्तों और जवाब में दोहराई गई सामग्री की प्रकृति पर भी विचार किया गया है।
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उपलब्ध स्रोत यह सामान्य नियम स्थापित नहीं करते कि चैटबॉट चलाने वाली कंपनियां हर स्थिति में जिम्मेदार होंगी, या अधिकार बनाए रखने के लिए हर प्रकाशक को तकनीकी पाबंदियां लगानी ही होंगी। इनसे यह निष्कर्ष भी नहीं निकलता कि सलाहकार की राय ने Gemini के किसी खास जवाब को Like Company के अधिकारों का उल्लंघन घोषित किया है। CJEU की प्रेस-सारांश सामग्री श्पुनार का सुझाया हुआ दृष्टिकोण बताती है; मूल विवाद का फैसला अभी होना है। 1
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एडवोकेट जनरल की राय CJEU को कानूनी सलाह देती है, लेकिन बाध्यकारी फैसला नहीं होती। न्यायालय को अपना निर्णय देना है; उसके बाद Like Company का मुकदमा सुन रही हंगरी की अदालत EU कानून की व्याख्या को ध्यान में रखकर विवाद पर विचार करेगी। इन चरणों के पूरा होने तक श्पुनार की राय मार्गदर्शन है—Google की देनदारी या मुआवजे पर अंतिम फैसला नहीं। 4
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। आकलन में यह देखा जाएगा कि चैटबॉट ने लेख तक कैसे पहुंच बनाई और क्या उसके जवाब में लेख की पहचानने योग्य अभिव्यक्ति दोहराई गई—सिर्फ खबर के तथ्य बताना अलग बात है।
श्पुनार ने मॉडल ट्रेनिंग को अलग मुद्दा माना: Gemini को Like Company के लेखों पर प्रशिक्षित किए जाने का सबूत न होने के कारण इस बारे में सवाल स्वीकार्य नहीं थे; साथ ही ट्रेनिंग को Article 15 के तहत प्रकाशन का ऑनलाइन इस्...
3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। आकलन में यह देखा जाएगा कि चैटबॉट ने लेख तक कैसे पहुंच बनाई और क्या उसके जवाब में लेख की पहचानने योग्य अभिव्यक्ति दोहराई गई—सिर...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Advocate General Maciej Szpunar advise on November 3 in the Court of Justice of the European Union’s first generative AI case, invo. Article summary: On 3 November 2026, Advocate General Maciej Szpunar advised the CJEU that an AI chatbot’s real-time retrieval and reuse of press articles to answer users can, in certain circumstances, infringe press publishers’ rights i. Topic tags: general, government, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
3 नवंबर 2026 को यूरोपीय संघ के न्यायालय (CJEU) के एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने राय दी कि उपयोगकर्ता के सवाल का जवाब देने के लिए AI चैटबॉट का ऑनलाइन प्रेस लेखों को तुरंत हासिल करना और उनका दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। Like Company बनाम Google Ireland, मामला C‑250/25, में यह अंतिम फैसला नहीं है कि Google ने अधिकारों का उल्लंघन किया। 1
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हंगरी की समाचार प्रकाशक Like Company का आरोप था कि Google ने उसके लेख Gemini में इस्तेमाल किए और 13 जून 2023 से 31 मई 2024 के बीच चैटबॉट के जरिए उन्हें बार-बार दोहराया। ये मुकदमे में लगाए गए आरोप हैं, उल्लंघन के साबित तथ्य नहीं। 1
राय में AI और कॉपीराइट पर बहस के दो पहलुओं को अलग रखा गया है: बड़े भाषा मॉडल (LLM) को प्रशिक्षित करने के लिए सामग्री का इस्तेमाल, और उपयोगकर्ता को जवाब देते समय किसी प्रेस प्रकाशन को वास्तविक समय में हासिल कर दोहराना।
श्पुनार ने Like Company के लेखों के मॉडल-ट्रेनिंग में इस्तेमाल से जुड़े सवालों को अस्वीकार्य घोषित करने की सिफारिश की, क्योंकि मामले की सामग्री से यह साबित नहीं होता था कि Gemini को उन्हीं लेखों पर प्रशिक्षित किया गया था। उन्होंने यह भी माना कि मॉडल-ट्रेनिंग, 2019 के कॉपीराइट इन द डिजिटल सिंगल मार्केट निर्देश (CDSM) के Article 15 के अर्थ में प्रेस प्रकाशन का “ऑनलाइन इस्तेमाल” नहीं है। 3
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इसका मतलब यह नहीं कि राय संरक्षित सामग्री पर हर तरह की ट्रेनिंग को बिना शर्त मंजूरी देती है। इसमें टेक्स्ट और डेटा माइनिंग (TDM) अपवाद का जिक्र है, जो अपनी शर्तें पूरी होने पर ट्रेनिंग का आधार बन सकता है। अधिकारधारक संरक्षित सामग्री के ऐसे इस्तेमाल का विरोध कर सकते हैं या उसका लाइसेंस दे सकते हैं। राय में यह भी चर्चा है कि सामग्री को मॉडल में याद रह जाने या फिर से उगलने के जोखिम को रोकने के उपाय होने चाहिए। 3
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CJEU की प्रेस-सारांश सामग्री के मुताबिक, यह देखने के लिए दो बातें प्रासंगिक हैं कि चैटबॉट का जवाब प्रकाशक के पुनरुत्पादन के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है या नहीं। पहली, चैटबॉट ने लेख तक पहुंच कैसे बनाई—मसलन, क्या उसने पेवॉल या वेब-स्क्रैपिंग रोकने वाली प्रभावी तकनीकी पाबंदी को दरकिनार किया। दूसरी, जवाब में क्या दोहराया गया: लेख के तथ्य बताना और उसकी पहचानने योग्य अभिव्यक्ति को दोहराना एक जैसी बात नहीं है। 1
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राय यह भी देखती है कि बार-बार और पहचानने योग्य ढंग से सामग्री दोहराने पर क्या प्रकाशन जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। मामले पर एक कानूनी टिप्पणी के अनुसार, यह भी विचारणीय है कि क्या उपयोगकर्ता चैटबॉट के जवाबों से लेख का सार पा सकते हैं और इस वजह से मूल प्रकाशन पर जाने की जरूरत नहीं रह जाती। यह दोहराव के तरीके और असर का सवाल है—इस मामले में Gemini ने ऐसा किया, इसका निष्कर्ष नहीं। 23
Google ने दलील दी कि अगर प्रकाशक लेखों को बिना पेवॉल या एंटी-स्क्रैपिंग पाबंदी के खुले तौर पर उपलब्ध रखता है, तो इसे चैटबॉट के जवाबों का आधार बनाने के लिए उनके दोबारा इस्तेमाल की निहित सहमति माना जाना चाहिए। 2 इसलिए कानूनी आकलन केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि लेख ऑनलाइन था या नहीं: राय में पहुंच की शर्तों और जवाब में दोहराई गई सामग्री की प्रकृति पर भी विचार किया गया है।
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उपलब्ध स्रोत यह सामान्य नियम स्थापित नहीं करते कि चैटबॉट चलाने वाली कंपनियां हर स्थिति में जिम्मेदार होंगी, या अधिकार बनाए रखने के लिए हर प्रकाशक को तकनीकी पाबंदियां लगानी ही होंगी। इनसे यह निष्कर्ष भी नहीं निकलता कि सलाहकार की राय ने Gemini के किसी खास जवाब को Like Company के अधिकारों का उल्लंघन घोषित किया है। CJEU की प्रेस-सारांश सामग्री श्पुनार का सुझाया हुआ दृष्टिकोण बताती है; मूल विवाद का फैसला अभी होना है। 1
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एडवोकेट जनरल की राय CJEU को कानूनी सलाह देती है, लेकिन बाध्यकारी फैसला नहीं होती। न्यायालय को अपना निर्णय देना है; उसके बाद Like Company का मुकदमा सुन रही हंगरी की अदालत EU कानून की व्याख्या को ध्यान में रखकर विवाद पर विचार करेगी। इन चरणों के पूरा होने तक श्पुनार की राय मार्गदर्शन है—Google की देनदारी या मुआवजे पर अंतिम फैसला नहीं। 4
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
3 नवंबर 2026 को एडवोकेट जनरल मैकिएज श्पुनार ने कहा कि AI चैटबॉट द्वारा खबरों के लेख हासिल कर जवाबों में दोबारा इस्तेमाल करना कुछ परिस्थितियों में प्रकाशकों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। आकलन में यह देखा जाएगा कि चैटबॉट ने लेख तक कैसे पहुंच बनाई और क्या उसके जवाब में लेख की पहचानने योग्य अभिव्यक्ति दोहराई गई—सिर्फ खबर के तथ्य बताना अलग बात है।
श्पुनार ने मॉडल ट्रेनिंग को अलग मुद्दा माना: Gemini को Like Company के लेखों पर प्रशिक्षित किए जाने का सबूत न होने के कारण इस बारे में सवाल स्वीकार्य नहीं थे; साथ ही ट्रेनिंग को Article 15 के तहत प्रकाशन का ऑनलाइन इस्...