उन्होंने इसे सीधे शब्दों में “ChatGPT के आने से एक साल पहले का ChatGPT” बताया । उनका यह बयान AI इंजीनियर चेंग लू की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने Google के मुख्य वैज्ञानिक जेफ डीन के एक पुराने इंटरव्यू का हवाला दिया था। डीन के अनुसार, Google के पास आंतरिक चैटबॉट तो था, लेकिन कंपनी को लगता था कि वह पारंपरिक Google Search की तुलना में पर्याप्त अतिरिक्त उपयोगिता नहीं दे रहा था ।
सोतियॉ के मुताबिक, “Google इसे जारी करने को लेकर बहुत घबराया हुआ था और DeepMind को ऐसे उत्पाद लॉन्च करने से रोका गया था, जो Google के कारोबार को बाधित कर सकते थे” ।
इसका सबसे बड़ा कारण Google के मुख्य सर्च कारोबार पर संभावित असर माना गया। अगर लोग अपने सवालों के जवाब सीधे संवादात्मक AI से पाने लगते, तो वे पारंपरिक सर्च परिणामों और उनसे जुड़े विज्ञापनों पर कम निर्भर हो सकते थे। Google का सर्च विज्ञापन कारोबार कंपनी की आय का सबसे बड़ा आधार है ।
Google के CEO सुंदर पिचाई ने भी अलग-अलग मौकों पर माना है कि कंपनी के पास ChatGPT जैसी तकनीक पहले से थी, लेकिन सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़ी चिंताओं के कारण उसे सार्वजनिक करने में देरी हुई । AI के गलत या गढ़े हुए जवाब—जिन्हें आमतौर पर ‘हैलुसिनेशन’ कहा जाता है—भी चिंता का विषय थे ।
सोतियॉ ने बाद की बातचीत में यह भी कहा कि वह Google के उस फैसले के बारे में “बहुत सोचते” हैं ।
Google की सावधानी का सीधा लाभ OpenAI को मिला।
OpenAI ने फर्स्ट-मूवर एडवांटेज हासिल किया: ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च करके OpenAI ने आधुनिक संवादात्मक AI की श्रेणी को परिभाषित कर दिया। इसके बाद उत्पाद के इस्तेमाल के तरीके और यूजर अनुभव के मानक भी काफी हद तक ChatGPT ने तय किए ।
Google को जवाबी रणनीति अपनानी पड़ी: ChatGPT के सार्वजनिक होने के कुछ महीनों बाद Google ने Bard लॉन्च किया, जिसे बाद में Gemini के नाम से रीब्रांड किया गया। यह लॉन्च एक लंबे समय से तैयार योजना के बजाय जल्दबाजी में दिया गया जवाब लगा और शुरुआती दौर में इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे ।
AI उद्योग का शक्ति-संतुलन बदला: यह घटना अब अक्सर “इनोवेटर’स डिलेमा” के उदाहरण के रूप में देखी जाती है। इसका अर्थ है कि कोई बड़ी और सफल कंपनी अपनी मौजूदा कमाई के मॉडल को नुकसान पहुंचाने वाले नए उत्पाद को इसलिए रोक देती है, क्योंकि वह अपने ही कारोबार को चुनौती दे सकता है। इस बीच कोई छोटी और अधिक आक्रामक प्रतिस्पर्धी कंपनी बाजार पर कब्जा कर लेती है ।
Google के पूर्व इंजीनियर ब्लेक लेमोइन ने भी कहा था कि कंपनी 2022 की शरद ऋतु में चैटबॉट जारी करने के करीब थी, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं के चलते इसे टाल दिया ।
सोतियॉ का दावा, Google नेतृत्व के पुराने बयानों और पूर्व कर्मचारियों की टिप्पणियों के साथ मिलकर एक तस्वीर पेश करता है: Google के पास संवादात्मक AI की दौड़ में आगे रहने वाली तकनीक संभवतः पहले से मौजूद थी, लेकिन उसे सार्वजनिक करने का जोखिम कंपनी ने नहीं उठाया।
सर्च कारोबार को बचाने की इस रणनीति ने OpenAI को न केवल बराबरी करने का मौका दिया, बल्कि पूरी श्रेणी का चेहरा बनने का अवसर भी दे दिया। अब Google का Gemini पर जोर इस सवाल को जन्म देता है कि क्या वह उस शुरुआती चूक से हुए नुकसान की भरपाई कर पाएगा।