इस तरह एक भौतिक किताब मशीन-पठनीय टेक्स्ट में बदल जाती है, लेकिन मूल प्रति बचती नहीं। यह किताबों को दोबारा बेचने, वेयरहाउस में रखने या ग्राहक तक पहुंचाने की सामान्य प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है।
फिर भी, उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह निश्चित रूप से साबित नहीं होता कि वहां संसाधित हर किताब किसी खास अमेज़न AI मॉडल के ट्रेनिंग डेटा में शामिल होती है। जांच ने एक किताब-खरीद और डिजिटाइजेशन पाइपलाइन के ठोस संकेत दिए हैं, पर कुल पैमाने और आगे इस्तेमाल होने वाले मॉडल का सार्वजनिक प्रमाण अभी नहीं है।
अमेज़न का कहना है कि वह किताबें “अपने उत्पादों को बेहतर बनाने” के लिए खरीदता है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने यह जानकारी साझा नहीं की कि:
इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष यह है कि 404 Media ने अमेज़न की ऐसी किताब-डिजिटाइजेशन व्यवस्था के प्रमाण पाए, जो AI डेटा जुटाने के अनुकूल दिखती है। लेकिन यह अमेज़न की ओर से किसी नामित AI मॉडल के लिए किताबों का इस्तेमाल स्वीकार करने वाला पूर्ण सार्वजनिक बयान नहीं है।
कुछ बुकसेलर्स ने 404 Media को बताया कि उन्हें मिलने वाले थोक ऑर्डर असामान्य लगते हैं। इनमें किताबों का चयन काफी बेतरतीब होता है और खरीदार कई बार किसी पुस्तक की दोबारा बिक्री कीमत, हालत, विषय या मांग के प्रति संवेदनशील नहीं दिखता।
अगर उद्देश्य किताबों को दोबारा बेचकर मुनाफा कमाना हो, तो खरीदार आम तौर पर मांग, हालत और संभावित मार्जिन को ध्यान में रखेगा। लेकिन अगर लक्ष्य AI ट्रेनिंग डेटा जुटाना हो, तो अलग-अलग विषयों और ISBN वाली अधिक से अधिक किताबें हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसी वजह से कुछ विक्रेताओं को आशंका है कि AI कंपनियां या डेटा ब्रोकर प्रकाशित किताबों के व्यापक कैटलॉग को व्यवस्थित रूप से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 404 Media ने पहले रिपोर्ट किया था कि ISBNdb नाम की कंपनी AI कंपनियों के लिए बड़े पैमाने पर छपी किताबें जुटाने की पेशकश कर रही थी। रिपोर्ट के बाद ISBNdb ने संबंधित सामग्री हटा दी और कहा कि वह पेज बाजार की रुचि परखने के लिए बनाया गया था।
हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि हर असामान्य थोक ऑर्डर अमेज़न या AI से जुड़ा है। यह जरूर समझ आता है कि किताब विक्रेताओं के लिए ऐसे ऑर्डरों को पढ़ना मुश्किल क्यों है: जो खरीदारी खुदरा बाजार में बेतुकी लगती है, वह डेटा की विविधता बढ़ाने की रणनीति के रूप में समझ में आ सकती है।
पुरानी किताबों में ऐसा मानवीय लेखन मौजूद है, जो जनरेटिव AI के बड़े पैमाने पर फैलने से पहले तैयार हुआ था। कई पुरानी या आउट-ऑफ-प्रिंट किताबों में स्थानीय, ऐतिहासिक, विशिष्ट और दुर्लभ जानकारी भी होती है, जो कभी इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध नहीं हुई।
यही वजह है कि भौतिक किताबें AI डेवलपर्स के लिए व्यापक और अपेक्षाकृत विश्वसनीय टेक्स्ट का स्रोत बन सकती हैं। 404 Media की ISBNdb पर रिपोर्टिंग में पुरानी किताबों को इसलिए मूल्यवान बताया गया क्योंकि वे “AI slop”—यानी बड़े पैमाने पर बना निम्न-गुणवत्ता वाला AI लेखन—से मुक्त मानव-निर्मित सामग्री हो सकती हैं।
AI शोध में “मॉडल कोलैप्स” नाम की एक आशंका पर भी चर्चा होती है। इसका मतलब यह संभावना है कि अगर नए मॉडल बार-बार AI द्वारा बनाए गए टेक्स्ट पर प्रशिक्षित हों, तो समय के साथ उनकी गुणवत्ता या भाषाई विविधता घट सकती है। यह चिंता पुरानी मानवीय सामग्री में रुचि को समझाने में मदद करती है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि अमेज़न के किसी मॉडल में मॉडल कोलैप्स हुआ है या लास वेगास में किताबें इसी कारण जुटाई गई थीं।
रिपोर्टेड अमेज़न प्रक्रिया Anthropic के Project Panama जैसी दिखती है। इस परियोजना में Anthropic ने भौतिक किताबें खरीदीं, उनकी बाइंडिंग हटवाई, पन्नों को स्कैन कराया और कागज़ की मूल प्रतियां नष्ट कर दीं, ताकि AI काम के लिए डिजिटल सामग्री तैयार की जा सके।
23 जून, 2025 को Bartz v. Anthropic मामले में अमेरिकी जिला न्यायाधीश William Alsup ने एक महत्वपूर्ण अंतर बताया। उनके आदेश के अनुसार, मामले में विचार की गई परिस्थितियों के तहत Claude और उसके शुरुआती संस्करणों को प्रशिक्षित करने के लिए किताबों का इस्तेमाल “अत्यंत रूपांतरकारी” था और कॉपीराइट कानून के तहत उचित उपयोग माना जा सकता था। उन्होंने कानूनी रूप से खरीदी गई प्रिंट किताबों को अपनी आंतरिक लाइब्रेरी के लिए खोज योग्य डिजिटल प्रतियों में बदलने को भी उचित उपयोग माना।
लेकिन इस आदेश का अर्थ यह नहीं था कि किताब नष्ट कर देने से AI ट्रेनिंग अपने-आप कानूनी हो जाती है। किताब कैसे हासिल की गई, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ, डिजिटल प्रतियां आगे बांटी गईं या नहीं और पूरे मामले के अन्य तथ्य—इन सभी का महत्व बना रहा। इसी मुकदमे में पाइरेटेड किताबों से अलग लाइब्रेरी बनाने के मामले को अलग नजर से देखा गया।
अमेज़न के मामले में भी यही कानूनी सीमा महत्वपूर्ण है। अगर कंपनी किताबें कानूनी रूप से खरीद रही हो, तब भी ऑपरेशन का पैमाना, स्कैन का वास्तविक इस्तेमाल, लेखकों और प्रकाशकों के साथ अनुबंध तथा दुर्लभ भौतिक प्रतियों के संरक्षण से जुड़े सवाल अलग बने रहते हैं।
बुकसेलर्स की आपत्ति केवल बिक्री में कमी या कॉपीराइट भुगतान तक सीमित नहीं है। दुर्लभ और आउट-ऑफ-प्रिंट किताबों का ऐतिहासिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व भी होता है। किसी दुर्लभ प्रति को काटकर रीसाइकिल कर देने पर उसका टेक्स्ट स्कैन के रूप में बच सकता है, लेकिन वह भौतिक वस्तु हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
यहीं संरक्षण का सवाल उठता है—ऐसा सवाल जिसका जवाब केवल कॉपीराइट का फैसला नहीं देता। कोई प्रक्रिया कानून की एक सीमित व्याख्या के तहत उचित मानी जा सकती है, फिर भी संग्रहकर्ताओं, किताब विक्रेताओं, पुस्तकालयों और पाठकों को परेशान कर सकती है, जो किताब को सिर्फ टेक्स्ट रखने वाला कंटेनर नहीं मानते।
इस विवाद में सूचना की असमानता भी दिखाई देती है। AI कंपनियां किसी कम-ज्ञात किताब के डेटा-मूल्य को उस विक्रेता से पहले समझ सकती हैं, जिसे कोई असामान्य थोक ऑर्डर केवल अव्यवस्थित खरीदारी लगता है। अमेज़न का यह कहना कि वह किताबें अपने उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए खरीदता है, उन व्यावहारिक सवालों का जवाब नहीं देता जो पुस्तक बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं: खरीद कितनी बड़ी है, किन किताबों को स्कैन किया जा रहा है और तैयार डिजिटल फाइलों का क्या होता है?
यह कथित किताब-खरीद व्यवस्था अमेज़न की उन्नत AI में प्रतिस्पर्धा करने की व्यापक कोशिश के बीच सामने आई है। Reuters ने जुलाई 2026 में रिपोर्ट किया कि अमेज़न अपनी AI रणनीति में बदलाव करते हुए कई इन-हाउस मॉडल पर काम घटा रहा है और एक नए फ्रंटियर-मॉडल प्रयास पर संसाधन केंद्रित कर रहा है।
AWS का Nova Forge ग्राहकों को अपने स्वामित्व वाले डेटा को अमेज़न द्वारा चुने गए ट्रेनिंग डेटा के साथ मिलाकर कस्टम फ्रंटियर मॉडल विकसित करने की सुविधा देता है।
ये तथ्य बताते हैं कि उच्च-गुणवत्ता वाले टेक्स्ट में अमेज़न की रणनीतिक रुचि हो सकती है। लेकिन वे स्वतंत्र रूप से यह साबित नहीं करते कि 404 Media द्वारा ट्रैक की गई किताबों से कोई खास मॉडल प्रशिक्षित किया गया। इस मामले में सबसे मजबूत प्रत्यक्ष प्रमाण खेप की ट्रैकिंग, लास वेगास की सुविधा और वहां की कार्यप्रणाली पर 404 Media की रिपोर्टिंग है।
बड़ा सवाल यह है कि क्या भौतिक किताबों का बाजार AI के लिए एक ऐसी अदृश्य सप्लाई चेन बन रहा है, जिसका पैमाना विक्रेताओं और पाठकों को दिखाई नहीं देता। 404 Media की जांच कम-से-कम एक दस्तावेजीकृत मामले में संकेत देती है कि किताबें बुकसेलर से अमेज़न की ऐसी प्रोसेसिंग सुविधा तक पहुंचीं, जहां उन्हें स्कैन किया गया और नष्ट कर दिया गया। इस व्यवस्था का वास्तविक विस्तार और स्कैन के बाद की सामग्री का इस्तेमाल अभी सार्वजनिक नहीं है।