इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि पारंपरिक वित्तीय बाजार पूरी तरह ब्लॉकचेन पर आ चुके हैं। लेकिन वे एक महत्वपूर्ण ढांचा दिखाते हैं: टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों को खरीदने-बेचने के लिए गहरी लिक्विडिटी चाहिए, और उस लिक्विडिटी को ट्रेडिंग, सेटलमेंट, कोलेटरल तथा मार्केट मेकिंग के लिए डिजिटल डॉलर की जरूरत होती है।
इन आंकड़ों को एक-दूसरे का पर्याय नहीं समझना चाहिए। सप्लाई का अर्थ है कि कितने टोकन बाजार में मौजूद हैं; ट्रेडिंग वॉल्यूम एक अवधि में हुए लेनदेन का कुल मूल्य है; जबकि 2,400 गुना वृद्धि बहुत छोटे शुरुआती आधार से की गई साल-दर-साल तुलना है। इसलिए इन्हें जोड़कर बाजार का कुल आकार निकालना सही नहीं होगा।
$5.8 बिलियन की परिभाषा को लेकर रिपोर्टिंग में पूरी तरह एकरूपता नहीं है। Blockworks इसे Q2 का कुल टोकनाइज्ड-एसेट वॉल्यूम बताता है, जिसमें $4.8 बिलियन टोकनाइज्ड इक्विटी से आया। दूसरी रिपोर्टों में पूरे $5.8 बिलियन को टोकनाइज्ड-स्टॉक स्पॉट DEX वॉल्यूम कहा गया है और Solana की वैश्विक ऑन-चेन इक्विटी ट्रेडिंग हिस्सेदारी करीब 95% आंकी गई है।
सबसे सावधान निष्कर्ष यह है कि Q2 में Solana पर टोकनाइज्ड एसेट ट्रेडिंग $5.8 बिलियन रही और इसमें टोकनाइज्ड इक्विटी का दबदबा था। Blockworks के विभाजन के अनुसार इक्विटी-विशेष वॉल्यूम करीब $4.8 बिलियन था। इसलिए पूरे $5.8 बिलियन को बिना शर्त केवल इक्विटी वॉल्यूम कहना बाजार के आकार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकता है।
वृद्धि का बड़ा हिस्सा तिमाही के अंत में आया। एक रिपोर्ट के अनुसार टोकनाइज्ड-इक्विटी वॉल्यूम अप्रैल में करीब $670 मिलियन, मई में $871 मिलियन और जून में $3.3 बिलियन रहा। यह तेजी प्रभावशाली है, लेकिन आने वाली तिमाहियों को यह साबित करना होगा कि यह उछाल टिकाऊ था या कुछ समय की असाधारण गतिविधि का परिणाम।
इस कहानी का दूसरा पक्ष Circle की USDC जारी करने की गतिविधि है। 20 अगस्त को USDC Treasury ने Solana पर एक ही लेनदेन में 250 मिलियन USDC मिंट किया। अलग रिपोर्टिंग के अनुसार, उस सप्ताह Solana पर Circle का कुल USDC इश्यू करीब $1.25 बिलियन रहा, जिसमें यह $250 मिलियन का मिंट भी शामिल था।
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि उससे पहले के एक महीने में Solana पर $10.25 बिलियन से अधिक USDC मिंट किया गया और एक दिन में जारी राशि $750 मिलियन तक पहुंची। ध्यान रहे कि ये सकल जारीकरण के आंकड़े हैं। इनसे यह साबित नहीं होता कि इतनी ही नई पूंजी सीधे Solana के इकोसिस्टम में आई।
बड़े पैमाने पर मिंटिंग तेज और कम लागत वाली डॉलर लिक्विडिटी की मांग के अनुरूप हो सकती है। इसका इस्तेमाल एक्सचेंज, मार्केट मेकर, DeFi प्रोटोकॉल और संस्थागत उपयोगकर्ता कर सकते हैं। लेकिन USDC को ट्रेजरी इन्वेंटरी, क्रॉस-चेन रीबैलेंसिंग या बाद में वितरण के लिए भी मिंट किया जा सकता है। इसे आगे ट्रांसफर, रिडीम या टोकनाइज्ड इक्विटी से असंबंधित गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसलिए USDC मिंटिंग यह दिखाती है कि Solana बड़ी मात्रा में डिजिटल-डॉलर लिक्विडिटी बनाने और वितरित करने का सक्षम नेटवर्क है। यह अपने-आप में अंतिम उपयोगकर्ताओं की पहचान, संस्थागत पूंजी के तत्काल इस्तेमाल या शुद्ध पूंजी प्रवाह की पुष्टि नहीं करती।
Solana का स्टेबलकॉइन आधार भी विस्तृत हुआ। ऑन-चेन विश्लेषक Darkfost के हवाले से रिपोर्टों के अनुसार, नेटवर्क पर कुल स्टेबलकॉइन सप्लाई $16.3 बिलियन थी। इसमें करीब $6.8 बिलियन USDC, $2.9 बिलियन USDT और $1.2 बिलियन USDG शामिल थे। Solana-आधारित स्टेबलकॉइन रखने वाले सक्रिय पते 17 लाख से अधिक हो गए, जो एक नया रिकॉर्ड बताया गया।
टोकनाइज्ड बाजार के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल लिस्टेड एसेट पर्याप्त नहीं होते। ट्रेडरों और मार्केट मेकर को नकदी-जैसे कोलेटरल, सेटलमेंट इंस्ट्रूमेंट और ऐसी लिक्विडिटी चाहिए जिसे अलग-अलग ट्रेडिंग पूल और ऐप्लिकेशन के बीच तेजी से भेजा जा सके।
फिर भी कुल स्टेबलकॉइन सप्लाई के मामले में Solana सबसे बड़े नेटवर्क से पीछे था। Galaxy की Q1 समीक्षा में Solana की स्टेबलकॉइन सप्लाई $15.45 बिलियन बताई गई थी, जो तिमाही आधार पर 2.7% बढ़ी थी और USDC पर निर्भरता कम होने का संकेत देती थी। इसके मुकाबले Ethereum की स्टेबलकॉइन सप्लाई $160 बिलियन से अधिक बताई गई, यानी Solana ने पैमाने का अंतर समाप्त नहीं किया है।
इसका अधिक संतुलित निष्कर्ष यह है कि Solana तेजी से बढ़ता और अधिक विविध डिजिटल-डॉलर आधार बना रहा है, लेकिन कुल सप्लाई में अभी भी सबसे बड़े नेटवर्क से पीछे है।
इन घटनाओं ने Solana के लिए एक खास उत्पाद-थीसिस को मजबूत किया: यह ऐसा हाई-वॉल्यूम नेटवर्क बन सकता है जहां टोकनाइज्ड वित्तीय परिसंपत्तियां जारी, ट्रेड और डिजिटल डॉलर के जरिए सेटल हों।
सबसे मजबूत संकेत तीन क्षेत्रों में दिखे:
हालांकि, संस्थागत अपनाने, शुद्ध पूंजी प्रवाह या टोकनाइज्ड उत्पादों के सीधे शेयरों के कानूनी और आर्थिक बराबर होने से जुड़े दावे अभी इन आंकड़ों से सिद्ध नहीं होते। इसके लिए स्वामित्व अधिकार, निवेशकों की पहचान, लिक्विडिटी की स्थिरता, रिडेम्पशन प्रक्रिया और नियामकीय ढांचे की जानकारी भी चाहिए।
इसलिए Solana की टोकनाइज्ड-इक्विटी वृद्धि को फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टोरी के रूप में समझना सबसे उचित है। नेटवर्क पर ट्रेड करने योग्य परिसंपत्तियां बढ़ रही हैं और उन्हें ट्रेड करने के लिए जरूरी डिजिटल-डॉलर लिक्विडिटी भी आ रही है। क्या यह स्थायी संस्थागत बाजार संरचना बनेगी, इसका जवाब आने वाली तिमाहियों की गतिविधि और इस बात पर निर्भर करेगा कि टोकनाइज्ड उत्पाद पारंपरिक प्रतिभूति बाजारों से जुड़े अधिकारों और सुरक्षा उपायों को कितनी मजबूती से अपना पाते हैं।
इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि पारंपरिक वित्तीय बाजार पूरी तरह ब्लॉकचेन पर आ चुके हैं। लेकिन वे एक महत्वपूर्ण ढांचा दिखाते हैं: टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों को खरीदने-बेचने के लिए गहरी लिक्विडिटी चाहिए, और उस लिक्विडिटी को ट्रेडिंग, सेटलमेंट, कोलेटरल तथा मार्केट मेकिंग के लिए डिजिटल डॉलर की जरूरत होती है।
इन आंकड़ों को एक-दूसरे का पर्याय नहीं समझना चाहिए। सप्लाई का अर्थ है कि कितने टोकन बाजार में मौजूद हैं; ट्रेडिंग वॉल्यूम एक अवधि में हुए लेनदेन का कुल मूल्य है; जबकि 2,400 गुना वृद्धि बहुत छोटे शुरुआती आधार से की गई साल-दर-साल तुलना है। इसलिए इन्हें जोड़कर बाजार का कुल आकार निकालना सही नहीं होगा।
$5.8 बिलियन की परिभाषा को लेकर रिपोर्टिंग में पूरी तरह एकरूपता नहीं है। Blockworks इसे Q2 का कुल टोकनाइज्ड-एसेट वॉल्यूम बताता है, जिसमें $4.8 बिलियन टोकनाइज्ड इक्विटी से आया। दूसरी रिपोर्टों में पूरे $5.8 बिलियन को टोकनाइज्ड-स्टॉक स्पॉट DEX वॉल्यूम कहा गया है और Solana की वैश्विक ऑन-चेन इक्विटी ट्रेडिंग हिस्सेदारी करीब 95% आंकी गई है।
सबसे सावधान निष्कर्ष यह है कि Q2 में Solana पर टोकनाइज्ड एसेट ट्रेडिंग $5.8 बिलियन रही और इसमें टोकनाइज्ड इक्विटी का दबदबा था। Blockworks के विभाजन के अनुसार इक्विटी-विशेष वॉल्यूम करीब $4.8 बिलियन था। इसलिए पूरे $5.8 बिलियन को बिना शर्त केवल इक्विटी वॉल्यूम कहना बाजार के आकार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकता है।
वृद्धि का बड़ा हिस्सा तिमाही के अंत में आया। एक रिपोर्ट के अनुसार टोकनाइज्ड-इक्विटी वॉल्यूम अप्रैल में करीब $670 मिलियन, मई में $871 मिलियन और जून में $3.3 बिलियन रहा। यह तेजी प्रभावशाली है, लेकिन आने वाली तिमाहियों को यह साबित करना होगा कि यह उछाल टिकाऊ था या कुछ समय की असाधारण गतिविधि का परिणाम।
इस कहानी का दूसरा पक्ष Circle की USDC जारी करने की गतिविधि है। 20 अगस्त को USDC Treasury ने Solana पर एक ही लेनदेन में 250 मिलियन USDC मिंट किया। अलग रिपोर्टिंग के अनुसार, उस सप्ताह Solana पर Circle का कुल USDC इश्यू करीब $1.25 बिलियन रहा, जिसमें यह $250 मिलियन का मिंट भी शामिल था।
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि उससे पहले के एक महीने में Solana पर $10.25 बिलियन से अधिक USDC मिंट किया गया और एक दिन में जारी राशि $750 मिलियन तक पहुंची। ध्यान रहे कि ये सकल जारीकरण के आंकड़े हैं। इनसे यह साबित नहीं होता कि इतनी ही नई पूंजी सीधे Solana के इकोसिस्टम में आई।
बड़े पैमाने पर मिंटिंग तेज और कम लागत वाली डॉलर लिक्विडिटी की मांग के अनुरूप हो सकती है। इसका इस्तेमाल एक्सचेंज, मार्केट मेकर, DeFi प्रोटोकॉल और संस्थागत उपयोगकर्ता कर सकते हैं। लेकिन USDC को ट्रेजरी इन्वेंटरी, क्रॉस-चेन रीबैलेंसिंग या बाद में वितरण के लिए भी मिंट किया जा सकता है। इसे आगे ट्रांसफर, रिडीम या टोकनाइज्ड इक्विटी से असंबंधित गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसलिए USDC मिंटिंग यह दिखाती है कि Solana बड़ी मात्रा में डिजिटल-डॉलर लिक्विडिटी बनाने और वितरित करने का सक्षम नेटवर्क है। यह अपने-आप में अंतिम उपयोगकर्ताओं की पहचान, संस्थागत पूंजी के तत्काल इस्तेमाल या शुद्ध पूंजी प्रवाह की पुष्टि नहीं करती।
Solana का स्टेबलकॉइन आधार भी विस्तृत हुआ। ऑन-चेन विश्लेषक Darkfost के हवाले से रिपोर्टों के अनुसार, नेटवर्क पर कुल स्टेबलकॉइन सप्लाई $16.3 बिलियन थी। इसमें करीब $6.8 बिलियन USDC, $2.9 बिलियन USDT और $1.2 बिलियन USDG शामिल थे। Solana-आधारित स्टेबलकॉइन रखने वाले सक्रिय पते 17 लाख से अधिक हो गए, जो एक नया रिकॉर्ड बताया गया।
टोकनाइज्ड बाजार के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल लिस्टेड एसेट पर्याप्त नहीं होते। ट्रेडरों और मार्केट मेकर को नकदी-जैसे कोलेटरल, सेटलमेंट इंस्ट्रूमेंट और ऐसी लिक्विडिटी चाहिए जिसे अलग-अलग ट्रेडिंग पूल और ऐप्लिकेशन के बीच तेजी से भेजा जा सके।
फिर भी कुल स्टेबलकॉइन सप्लाई के मामले में Solana सबसे बड़े नेटवर्क से पीछे था। Galaxy की Q1 समीक्षा में Solana की स्टेबलकॉइन सप्लाई $15.45 बिलियन बताई गई थी, जो तिमाही आधार पर 2.7% बढ़ी थी और USDC पर निर्भरता कम होने का संकेत देती थी। इसके मुकाबले Ethereum की स्टेबलकॉइन सप्लाई $160 बिलियन से अधिक बताई गई, यानी Solana ने पैमाने का अंतर समाप्त नहीं किया है।
इसका अधिक संतुलित निष्कर्ष यह है कि Solana तेजी से बढ़ता और अधिक विविध डिजिटल-डॉलर आधार बना रहा है, लेकिन कुल सप्लाई में अभी भी सबसे बड़े नेटवर्क से पीछे है।
इन घटनाओं ने Solana के लिए एक खास उत्पाद-थीसिस को मजबूत किया: यह ऐसा हाई-वॉल्यूम नेटवर्क बन सकता है जहां टोकनाइज्ड वित्तीय परिसंपत्तियां जारी, ट्रेड और डिजिटल डॉलर के जरिए सेटल हों।
सबसे मजबूत संकेत तीन क्षेत्रों में दिखे:
हालांकि, संस्थागत अपनाने, शुद्ध पूंजी प्रवाह या टोकनाइज्ड उत्पादों के सीधे शेयरों के कानूनी और आर्थिक बराबर होने से जुड़े दावे अभी इन आंकड़ों से सिद्ध नहीं होते। इसके लिए स्वामित्व अधिकार, निवेशकों की पहचान, लिक्विडिटी की स्थिरता, रिडेम्पशन प्रक्रिया और नियामकीय ढांचे की जानकारी भी चाहिए।
इसलिए Solana की टोकनाइज्ड-इक्विटी वृद्धि को फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टोरी के रूप में समझना सबसे उचित है। नेटवर्क पर ट्रेड करने योग्य परिसंपत्तियां बढ़ रही हैं और उन्हें ट्रेड करने के लिए जरूरी डिजिटल-डॉलर लिक्विडिटी भी आ रही है। क्या यह स्थायी संस्थागत बाजार संरचना बनेगी, इसका जवाब आने वाली तिमाहियों की गतिविधि और इस बात पर निर्भर करेगा कि टोकनाइज्ड उत्पाद पारंपरिक प्रतिभूति बाजारों से जुड़े अधिकारों और सुरक्षा उपायों को कितनी मजबूती से अपना पाते हैं।