यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब व्हाइट हाउस और कांग्रेस एक संभावित संघीय एआई कानून पर बातचीत कर रहे हैं, जो राज्यों के कानूनों को सीमित कर सकता है। ऐसे में यह राज्य-स्तरीय कार्रवाई इस बात की एक बड़ी परीक्षा है कि कोई संघीय ढांचा बनने से पहले राज्य एआई को कितना नियंत्रित कर सकते हैं T।
इससे दो हफ्ते पहले, 1 जून, 2026 को, फ्लोरिडा के अटॉर्नी जनरल जेम्स उथमायर ने राज्य की एक अदालत में ओपनएआई और सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ 83 पेज का एक सिविल मुकदमा दायर किया। यह अमेरिका के किसी भी राज्य द्वारा कंपनी के खिलाफ दायर पहला मुकदमा है MBC।
इस मुकदमे में अरबों डॉलर का हर्जाना और ChatGPT के प्रचार व इस्तेमाल के तरीके में अदालत के आदेश से बदलाव की मांग की गई है Y। अटॉर्नी जनरल उथमायर ने यह भी बताया कि उनके कार्यालय ने फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी गोलीबारी में चैटबॉट की भूमिका को लेकर अप्रैल में एक आपराधिक जांच भी शुरू कर दी थी NP।
ये दोनों कार्रवाइयां ऐसे माहौल में हुईं जब ओपनएआई बेहद खामोशी से लेकिन इतिहास रचते हुए शेयर बाजार की ओर बढ़ रहा था। कंपनी ने 8 जून, 2026 को अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) के पास गोपनीय रूप से आईपीओ के लिए पंजीकरण दस्तावेज़ दाखिल किए — फ्लोरिडा के मुकदमे के ठीक एक हफ्ते बाद और 42 राज्यों की जांच के सार्वजनिक होने से चार दिन पहले FYW। विश्लेषकों का अनुमान है कि यह लिस्टिंग ओपनएआई की कीमत 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक आंक सकती है, जो इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े टेक आईपीओ में से एक बना देगी WN।
ओपनएआई की ओर से इन दोनों राज्य-स्तरीय कार्रवाइयों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया लगातार एक जैसी रही है, लेकिन इसमें विस्तृत जानकारी नहीं दी गई:
यह समय कंपनी के लिए बेहद नाजुक है। आईपीओ से पहले के 'शांत काल' में, इन कानूनी हमलों ने ओपनएआई को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है जहां उसे अपने आगामी एस-1 (S-1) प्रॉस्पेक्टस में सक्रिय जांचों और बड़े मुकदमों का खुलासा करना होगा। यह एक निजी स्टार्टअप से सार्वजनिक कंपनी बनने की उसकी यात्रा का सबसे संवेदनशील क्षण है YT।
42 राज्यों की जांच की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है, और यह समन एक लंबी दस्तावेज़ समीक्षा और बातचीत प्रक्रिया की सिर्फ औपचारिक शुरुआत है। फ्लोरिडा का मुकदमा राज्य की अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां सरकार आर्थिक हर्जाने के साथ-साथ उस निषेधाज्ञा (Injunctive Relief) की भी मांग कर रही है जो उत्पाद में ही बदलाव के लिए मजबूर कर सकती है। ये दोनों मामले मिलकर संकेत देते हैं कि राज्य-स्तरीय एआई नियमन — उपभोक्ता संरक्षण, उत्पाद दायित्व और सार्वजनिक सुरक्षा कानूनों के जरिए — किसी भी संघीय ढांचे से कहीं तेजी से आ रहा है, और ओपनएआई इसका पहला बड़ा टेस्ट केस बन गया है।