यूरोपीय आयोग ने iOS की कुछ कनेक्टिविटी सुविधाओं के लिए स्पष्ट निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें शामिल हैं:
इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि थर्ड‑पार्टी डिवाइस और सेवाएं iOS के साथ उतनी ही आसानी से काम कर सकें जितनी Apple के अपने इकोसिस्टम के उपकरण करते हैं।
Apple पहले ही DMA के कारण कुछ बड़े बदलाव लागू कर चुका है, जैसे:
Bloomberg के पत्रकार मार्क गुरमन पर आधारित रिपोर्ट्स के मुताबिक, iOS 27 में सिस्टम स्तर पर थर्ड‑पार्टी वायरलेस कास्टिंग प्रोटोकॉल का समर्थन आ सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो Google Cast—जो Chromecast और कई स्मार्ट टीवी में इस्तेमाल होता है—जैसी तकनीकें iOS में सीधे इंटीग्रेट हो सकती हैं, ठीक वैसे ही जैसे अभी AirPlay काम करता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार संभावित बदलाव इस प्रकार हो सकते हैं:
व्यावहारिक रूप से इसका मतलब यह हो सकता है कि iPhone पर कास्ट बटन दबाने पर केवल AirPlay ही नहीं, बल्कि Google Cast या अन्य समर्थित प्रोटोकॉल वाले टीवी और स्पीकर भी दिखें।
हालांकि Apple ने अभी तक इस फीचर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, इसलिए इसे फिलहाल रिपोर्टेड लेकिन अनकन्फर्म्ड माना जा रहा है।
आज iPhone पर कई कास्टिंग फीचर ऐप‑विशेष इंटीग्रेशन पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए YouTube या Spotify अपने ऐप के अंदर ही कास्टिंग सिस्टम जोड़ते हैं।
अगर iOS 27 में सिस्टम‑लेवल प्रोटोकॉल सपोर्ट आता है, तो संभव है कि संगत डिवाइस सीधे iOS के कास्टिंग इंटरफ़ेस में दिखाई दें—बिल्कुल वैसे ही जैसे AirPlay डिवाइस अभी दिखते हैं।
इससे यूज़र को किसी खास ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे सिस्टम इंटरफ़ेस से टीवी या स्पीकर पर वीडियो, फोटो या ऑडियो भेज सकेंगे।
यह DMA की उस शर्त से भी मेल खाता है जिसमें प्लेटफ़ॉर्म कंपनियों को ऑपरेटिंग सिस्टम की मुख्य सुविधाओं तक थर्ड‑पार्टी एक्सेस देने की बात कही गई है।
अलग रिपोर्ट्स बताती हैं कि Apple iOS 27 में AirPods सेटिंग्स इंटरफ़ेस को भी फिर से डिज़ाइन कर सकता है।
नई रिपोर्टों के अनुसार:
महत्वपूर्ण बात यह है कि Apple शायद अलग AirPods ऐप लॉन्च नहीं करेगा, बल्कि Settings ऐप के अंदर ही इंटरफ़ेस को बेहतर बनाएगा।
अगर iOS 27 में कास्टिंग से जुड़े बदलाव आते हैं, तो यह Apple की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा होगा जिसमें कंपनी EU नियमों का पालन करने के लिए अपने सिस्टम को धीरे‑धीरे खोल रही है।
पहले से लागू या घोषित बदलावों में शामिल हैं:
Apple आमतौर पर अपने बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट WWDC कीनोट (जून) में पेश करता है और उसके बाद डेवलपर बीटा जारी करता है। अंतिम सार्वजनिक संस्करण आमतौर पर शरद ऋतु (सितंबर के आसपास) आता है।
अगर कास्टिंग से जुड़े ये बदलाव सच हैं, तो WWDC 2026 में यह स्पष्ट हो सकता है:
जब तक Apple आधिकारिक घोषणा नहीं करता, तब तक ये फीचर्स संभावित ही माने जाएंगे—लेकिन Digital Markets Act की वजह से iPhone के कनेक्टिविटी फीचर्स का खुलना पहले से कहीं ज्यादा संभव दिख रहा है।
Comments
0 comments