इन लगातार वापसीयों का मतलब था कि फ्रेंच ओपन से पहले उनके पास आम तौर पर मिलने वाला मैच अभ्यास नहीं रहा। क्ले पर लय बनाने के लिए जहां खिलाड़ी कई टूर्नामेंट खेलते हैं, वहीं जोकोविच अपेक्षाकृत कम मैचों के साथ पेरिस पहुंचे।
जोकोविच ने अंततः इटली की राजधानी रोम में होने वाले इटालियन ओपन में कोर्ट पर वापसी की। यह टूर्नामेंट पारंपरिक रूप से फ्रेंच ओपन से पहले आखिरी बड़े क्ले इवेंट्स में गिना जाता है।
हालांकि उनकी वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। क्रोएशिया के युवा खिलाड़ी डिनो प्रिज़मिक ने पहला सेट हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए जोकोविच को 2–6, 6–2, 6–4 से हरा दिया । यह हार काफी चौंकाने वाली मानी गई और इससे उनकी फिटनेस व मैच‑शार्पनेस को लेकर नई चिंताएं सामने आईं।
मैच के बाद जोकोविच ने स्वीकार किया कि लगातार शारीरिक समस्याएं अब उनके करियर की “नई वास्तविकता” बनती जा रही हैं—लंबे पेशेवर करियर के साथ आने वाली शारीरिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए ।
इन मुश्किल तैयारियों के बावजूद दांव बहुत बड़ा है। जोकोविच पेरिस में अपने करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने के लक्ष्य के साथ उतर रहे हैं—एक ऐसा रिकॉर्ड जो पुरुष टेनिस इतिहास में उनकी बढ़त को और बढ़ा सकता है ।
लेकिन चुनौती पहले से कठिन है। 38 साल की उम्र में उन्हें अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें कार्लोस अल्काराज़ और यानिक सिनर जैसे सितारे एटीपी टूर के बड़े टूर्नामेंटों पर तेजी से अपना दबदबा बना रहे हैं ।
कम मैच अभ्यास और शारीरिक चुनौतियों के बीच सवाल यह है कि क्या जोकोविच अभी भी ग्रैंड स्लैम के सबसे बड़े मंच पर अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ स्तर हासिल कर सकते हैं।
जोकोविच के लिए यह फ्रेंच ओपन सिर्फ एक और टूर्नामेंट नहीं है। यह उस क्षमता की परीक्षा है कि क्या वह चोटों और बाधित सीज़न के बावजूद शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा जारी रख सकते हैं।
अगर वह पेरिस में गहरी दौड़ लगाते हैं, तो यह उनके करियर की असाधारण लंबी उम्र और प्रतिस्पर्धात्मकता का एक और उदाहरण होगा। लेकिन अगर संघर्ष जारी रहता है, तो यह संकेत भी हो सकता है कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार शीर्ष स्तर बनाए रखना अब और कठिन होता जा रहा है।
कुल मिलाकर, Roland Garros 2026 की कहानी सिर्फ एक खिताब की नहीं है—यह एक ऐसे महान खिलाड़ी की कहानी भी है जो 38 की उम्र में इतिहास बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसका शरीर और खेल दोनों नई चुनौतियों से जूझ रहे हैं।