अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता इसलिए नहीं टूटी कि दोनों पक्ष केवल टैरिफ की दर पर सहमत नहीं हो पाए। असली टकराव समझौते की शर्तों, उन्हें लागू करने के तरीके और कनाडा की घरेलू नीतियों तथा स्वतंत्र व्यापार निर्णयों पर था।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका ने आखिरी समय में ऐसी शर्तें रखीं जो आर्थिक रूप से नुकसानदेह थीं और किसी भी समझौते पर भरोसा कमजोर करती थीं। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि कनाडा पहले से तय शर्तों को अंतिम रूप देने से पीछे हट गया। 215
नतीजे में अमेरिका ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई आयात पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। ये शुल्क 22 अगस्त से प्रभावी हुए। कनाडा ने जवाब में अमेरिकी वस्तुओं पर डॉलर-फॉर-डॉलर यानी बराबर मूल्य की जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है, जो 8 सितंबर से शुरू होने वाली है। 1612
नए अमेरिकी टैरिफ किन चीजों पर हैं?
अमेरिकी शुल्क कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर लागू हैं, जिनमें शामिल हैं:
- वाइन और अन्य मादक पेय;
- डेयरी और कृषि उत्पाद;
- सीमेंट और प्लाइवुड;
- कपड़े और फर्नीचर;
- मछली पकड़ने की छड़ें और हॉकी उपकरण;
- विभिन्न इलेक्ट्रिकल और निर्मित उत्पाद। 4101216
ये शुल्क कनाडाई स्टील, अल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल और लंबर पर पहले से लागू अमेरिकी क्षेत्र-विशेष टैरिफ से अलग हैं। विफल वार्ता में कनाडा कुछ पुराने शुल्कों से राहत के साथ-साथ नए टैरिफ के लिए भी एक साझा ढांचा चाहता था। 4817
कनाडा की प्रस्तावित जवाबी कार्रवाई का उद्देश्य अमेरिकी कदम का मूल्य डॉलर-फॉर-डॉलर आधार पर मिलाना है। उपलब्ध रिपोर्टों में स्टील, डेयरी, उपकरण, कृषि मशीनरी, पल्प और पेपर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स को संभावित निशाने के रूप में बताया गया है। 36
समझौता लगभग तैयार था, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बनी
वार्ता टूटने से पहले दोनों देश समझौते के काफी करीब दिखाई दे रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में कनाडा में बने वाहनों पर अमेरिकी टैरिफ 25% से घटाकर 15% और कनाडाई स्टील व अल्युमिनियम पर शुल्क 50% से घटाकर 25% करने की बात थी। 1821
लेकिन समझौते को लागू करने से जुड़े अहम सवाल बाकी थे। सबसे बड़ा विवाद यह था कि किसी वाहन में इस्तेमाल सामग्री को टैरिफ राहत के लिए कैसे गिना जाए। वॉशिंगटन चाहता था कि केवल अमेरिका में बनी सामग्री को राहत के लिए श्रेय मिले। कनाडा उत्तर अमेरिकी सामग्री—जिसमें कनाडाई और मैक्सिकन पार्ट्स भी शामिल हों—को व्यापक मान्यता देने की मांग कर रहा था। 61833
यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि कनाडा में असेंबल होने वाले वाहन अक्सर सीमा-पार सप्लाई चेन पर निर्भर रहते हैं। अगर योग्य सामग्री की परिभाषा संकीर्ण रखी जाती है, तो वाहन निर्माता और पार्ट्स आपूर्तिकर्ता ऊंची लागत का सामना कर सकते हैं, भले ही घोषित ऑटो टैरिफ कम कर दिया जाए।
मध्यम और भारी वाहनों को लेकर भी पूरी सहमति नहीं बनी। कनाडा के अनुसार अमेरिकी प्रस्ताव केवल कारों तक सीमित था और ट्रकों के लिए समान व्यवहार की गारंटी नहीं देता था। 33
संस्कृति और फ्रेंच भाषा व्यापार वार्ता का हिस्सा कैसे बनी?
कार्नी ने कहा कि अमेरिका ने कनाडा की सांस्कृतिक नीति, फ्रेंच भाषा की सुरक्षा और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता से जुड़े मुद्दे आखिरी समय में उठाए। 72939
इन चिंताओं में घरेलू सांस्कृतिक उत्पादन को कनाडाई समर्थन, फ्रेंच भाषा के मीडिया और उत्पादों पर द्विभाषी जानकारी से जुड़े नियम शामिल बताए गए। कनाडा में आम तौर पर अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं पर जरूरी जानकारी अंग्रेजी और फ्रेंच—दोनों भाषाओं में देना अनिवार्य है। 2829
क्यूबेक के अधिकारियों के अनुसार बातचीत में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और घरेलू सामानों पर फ्रेंच भाषा तथा उपयोग पुस्तिकाओं से जुड़े नियमों पर भी चर्चा हुई। 32 हालांकि उपलब्ध साक्ष्यों में अमेरिकी मांगों का अंतिम सटीक पाठ सार्वजनिक नहीं है, इसलिए इन प्रस्तावित रियायतों का पूरा दायरा निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता।
कनाडा के लिए ये सामान्य बाजार-प्रवेश शर्तें नहीं थीं। ओटावा ने भाषा और संस्कृति से जुड़े नियमों को राष्ट्रीय पहचान और घरेलू कानून का विषय माना। कार्नी ने कहा कि इन मांगों से कनाडा की संप्रभुता और अमेरिका के साथ वास्तविक आर्थिक साझेदारी की मंशा पर सवाल उठते हैं। 293039
तीसरे देशों के साथ व्यापार और संप्रभुता का विवाद
कार्नी के अनुसार अमेरिका ऐसी शर्तें भी चाहता था जिनसे कनाडा की दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौते करने की क्षमता सीमित हो जाती। कनाडाई अधिकारियों ने इसे स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार में अस्वीकार्य हस्तक्षेप बताया। 739
अमेरिकी पक्ष की कहानी अलग थी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर ने कहा कि कनाडा ने अनुकूल शर्तों के बावजूद समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार किया और बातचीत के दौरान पहले मानी गई प्रतिबद्धताओं को बदल दिया या अस्वीकार कर दिया। 28
दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावे इस विवाद की केंद्रीय बात हैं। कनाडा के मुताबिक अमेरिका ने आखिरी समय में बहुत ज्यादा रियायतें मांग लीं, जबकि अमेरिका ने इसे कनाडा के एक व्यावहारिक समझौते से पीछे हटने के रूप में पेश किया। इस तरह दोनों सरकारों ने समयसीमा चूकने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। 215
कार्नी और ट्रंप ने क्या कहा?
कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी को “गलत आकलन” बताया और कहा कि कनाडा खराब समझौते से पीछे हट रहा है। उन्होंने कनाडाई वार्ताकारों को ओटावा वापस बुलाया और व्यापक बढ़ोतरी के बजाय लक्षित तथा पारस्परिक जवाब देने का वादा किया। 41524
अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि कनाडा ने अनुकूल व्यवहार का प्रस्ताव ठुकराया और प्रस्तावित समझौते का संतुलन बिगाड़ दिया। 2810
उपलब्ध साक्ष्य इस दावे की पुष्टि नहीं करते कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का प्रस्ताव फिर से रखा था। इसलिए इस आरोप को व्यापार वार्ता के आकलन में स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
किन उद्योगों और उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा?
अमेरिकी बाजार में नए शुल्कों की चपेट में आए कनाडाई निर्यातकों की लागत तेजी से बढ़ेगी। वाइन, डेयरी, सीमेंट, कपड़े, खेल सामग्री और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के कारोबारों को शुल्क खुद वहन करने, कीमतें बढ़ाने, बिक्री का रुख बदलने या सप्लाई व्यवस्था पर फिर से बातचीत करने जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। 41216
कनाडा की जवाबी कार्रवाई से अमेरिकी वस्तुओं की कीमत बढ़ने पर कनाडाई आयातकों और उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ सकता है। स्टील, उपकरण, कृषि मशीनरी, पल्प, पेपर या इलेक्ट्रॉनिक्स का इस्तेमाल करने वाले कारोबारों की इनपुट लागत भी बढ़ सकती है। 36
ऑटो क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि विवाद सिर्फ टैरिफ दरों का नहीं, बल्कि पूरे उत्तर अमेरिका से आने वाले पार्ट्स और सामग्री के साथ होने वाले व्यवहार का भी है। सामग्री की गणना में बदलाव से वाहन निर्माता, पार्ट्स आपूर्तिकर्ता और उत्पादन केंद्र प्रभावित हो सकते हैं—सिर्फ कार की अंतिम कीमत नहीं। 618
यह टकराव इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
अमेरिका और कनाडा के विनिर्माण, कृषि और उपभोक्ता बाजार एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। इसलिए इन शुल्कों का असर किसी एक उत्पाद या सीमित उद्योग तक नहीं रहेगा। यह सीमा-पार सप्लाई चेन, क्षेत्र-विशेष सुरक्षा और दोनों देशों के व्यापक आर्थिक संबंधों के नियमों को चुनौती देता है। 2418
अब मुख्य सवाल यह है कि क्या दोनों सरकारें कम विवादित और अधिक स्थिर ढांचे के साथ बातचीत फिर शुरू कर सकती हैं। फिलहाल तत्काल समयसीमा स्पष्ट है: अमेरिका के 50% शुल्क 22 अगस्त से लागू हो चुके हैं और कनाडा की घोषित डॉलर-फॉर-डॉलर जवाबी कार्रवाई 8 सितंबर से शुरू होने वाली है। 1612