दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यह लगभग 11% टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद इसका सबसे बड़ा एक दिवसीय गिरावट था । यह गिरावट इतनी गंभीर थी कि इसने एक सर्किट ब्रेकर को ट्रिगर कर दिया, जिससे एक्सचेंज पर ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया गया । सर्किट ब्रेकर लगने से पहले KOSPI अप्रैल 2026 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था ।
दक्षिण कोरिया की दो सबसे बड़ी कंपनियां इस तूफान के केंद्र में थीं:
ये दोनों कंपनियां मेमोरी चिप बाजार में प्रमुख खिलाड़ी हैं, जो AI बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है और पारंपरिक रूप से दक्षिण कोरियाई कंपनियों का वर्चस्व रहा है ।
बिकवाली पूरे एशिया में फैल गई और अन्य प्रमुख बाजारों को भी जोरदार झटका लगा:
विश्लेषकों ने इसे क्षेत्रीय तबाही बताया, जिसमें नुकसान सियोल से टोक्यो और ताइपे तक फैल गया क्योंकि निवेशकों ने पूरे AI कारोबार का पुनर्मूल्यांकन किया ।
निवेशकों और विश्लेषकों ने तीन विशिष्ट, आपस में जुड़ी आशंकाओं की ओर इशारा किया जिन्होंने इस गिरावट को जन्म दिया।
एक बड़ी चिंता AI उद्योग में तथाकथित 'सर्कुलर फंडिंग' का उभरना था। यह उन वित्तीय व्यवस्थाओं को संदर्भित करता है जहां चिप निर्माता कंपनियां जैसे Nvidia AI स्टार्टअप्स को पैसा उधार देती हैं, जो फिर उस पैसे का उपयोग उसी उधार देने वाली कंपनी से चिप खरीदने में करते हैं । यह पूंजी का एक चक्रीय प्रवाह बनाता है जो अंतिम ग्राहकों से स्थायी राजस्व उत्पन्न किए बिना मांग के संकेतों को बढ़ा देता है।
खबरें आईं कि Nvidia ने AI स्टार्टअप्स के साथ बड़े फाइनेंसिंग डील्स की हैं, जिसने इस डर को फिर से जगा दिया कि पूरा AI बूम ओवरवैल्यूड है । निवेशकों को चिंता थी कि अगर यह सर्कुलर फंडिंग ढांचा बिखर गया, तो चिप की मांग गिर सकती है, जिससे सैमसंग और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियों के पास भारी अतिरिक्त क्षमता रह जाएगी।
"AI बाजार में नवीनतम झटका सोमवार को तब शुरू हुआ जब चीन की अग्रणी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी चांगजिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज (ChangXin Memory Technologies) ने एक शानदार आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) के बाद कारोबार शुरू किया," द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया । IPO ने खुद ही चीनी प्रतिस्पर्धा बढ़ने का संकेत दिया, लेकिन सर्कुलर फंडिंग की खबर तत्काल उत्प्रेरक थी ।
दूसरा बड़ा कारण चीन की उन्नत चिप निर्माण क्षमताओं में एक रिपोर्टेड तकनीकी सफलता थी। द इंफॉर्मेशन वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की शंघाई यूलियांगशेंग कंपनी ने उन्नत चिप निर्माण उपकरणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया था । इसके अतिरिक्त, खबरें आईं कि चीनी कंपनियां घरेलू डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी उपकरण विकसित कर रही हैं, जो उन्नत सेमीकंडक्टर्स के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है ।
किवूम सिक्योरिटीज के विश्लेषक हान जी-यंग ने कहा कि इन रिपोर्टों ने सैमसंग, SK हाइनिक्स और TSMC जैसे स्थापित खिलाड़ियों के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंताओं को फिर से जगा दिया, खासकर AI के लिए महत्वपूर्ण मेमोरी चिप सेगमेंट में ।
इसका स्पष्ट अर्थ था: यदि चीन अपने स्वयं के उन्नत चिप का उत्पादन कर सकता है, तो दक्षिण कोरियाई और ताइवानी निर्माताओं के चिप्स की मांग कम हो सकती है, जिससे मुनाफा कम हो जाएगा ।
तीसरा कारक सेमीकंडक्टर शेयरों का बहुत ऊंचा वैल्यूएशन था। AI के उत्साह से प्रेरित बहु-वर्षीय तेजी के बाद, चिप स्टॉक बहुत अधिक प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल पर कारोबार कर रहे थे । मांग में मंदी, अतिरिक्त क्षमता या AI इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए फाइनेंसिंग की शर्तों में सख्ती का कोई भी संकेत एक तेज पुनर्मूल्यांकन को ट्रिगर करने के लिए पर्याप्त था।
"बिकवाली AI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग, चीन की तकनीकी प्रगति और चीनी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर चिंताओं का संयोजन दर्शाती है," विश्लेषकों ने द एज मलेशिया को बताया । बाजार मूल रूप से यह पूछ रहा था: क्या ये कंपनियां अपने वैल्यूएशन को सही ठहरा सकती हैं अगर AI बूम धीमा हो जाता है, या अगर चीनी प्रतिस्पर्धी उनके बाजार हिस्सेदारी में सेंध लगाते हैं?
यह गिरावट बाजार-प्रभावित करने वाली घटनाओं से भरे एक सप्ताह के दौरान हुई, जिसमें फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत घोषणाएं और कई मेगाकैप टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे शामिल हैं । निवेशक इस बात का आश्वासन ढूंढ़ेंगे कि AI पर खर्च का बूम टिकाऊ है और हालिया बिकवाली एक मौलिक बदलाव के बजाय एक अत्यधिक प्रतिक्रिया थी।
फिलहाल, गिरावट के पीछे की तीन आशंकाएं—सर्कुलर फंडिंग, चीनी प्रतिस्पर्धा और ऊंचे वैल्यूएशन—अनसुलझी हैं, जो बताती हैं कि सेमीकंडक्टर शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।