कंपनी के Device Solutions यानी DS डिविजन, जिसमें मेमोरी कारोबार शामिल है, ने 89.2 ट्रिलियन वॉन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 250 गुना से अधिक उछाल है । Samsung का समेकित शुद्ध मुनाफा भी करीब 14 गुना बढ़ा ।
पिछले सत्र में अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े दबाव के बाद अमेरिकी बाजारों में तेज रिकवरी हुई। महंगाई के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों और टेक शेयरों की अगुवाई में Nasdaq Composite करीब 2.8% चढ़ा । इस माहौल ने सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी को और बढ़ावा दिया।
Samsung के सेमीकंडक्टर डिविजन का Q2 2026 ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 89.2 ट्रिलियन वॉन रहा, जबकि एक साल पहले यह स्तर बेहद मामूली था । कंपनी ने कहा कि तिमाही में राजस्व और ऑपरेटिंग प्रॉफिट—दोनों ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली तिमाही की गति जारी रही ।
इस प्रदर्शन के पीछे AI सर्वर और उससे जुड़े मेमोरी उत्पादों की मांग प्रमुख कारण रही। कंपनी के अनुसार, HBM4 की बिक्री तिमाही के दौरान तीन गुना बढ़ी । HBM यानी High Bandwidth Memory, AI सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली तेज मेमोरी है, जो बड़े AI मॉडल और डेटा सेंटर सर्वरों के लिए अहम मानी जाती है।
Samsung ने बताया कि उसने दुनिया की पांच सबसे बड़ी डेटा सेंटर कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट यानी LTA साइन किए हैं। पांच अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ बातचीत भी अंतिम चरण में है ।
कंपनी का करीब 60% से 70% उत्पादन अब लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट के तहत है। Samsung ने ऐसे बहुवर्षीय समझौतों का विस्तार करने के लिए अपनी रणनीति को औपचारिक रूप दिया है ।
Samsung के मेमोरी कारोबार के कार्यकारी उपाध्यक्ष Jaejune Kim ने विश्लेषकों से कहा, “लगभग सभी ग्राहक बहुवर्षीय सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट की मांग कर रहे हैं” ।
इस तरह के समझौते ग्राहकों को भविष्य की सप्लाई सुरक्षित करने में मदद करते हैं और निर्माताओं को पहले से मांग का अनुमान लगाने का मौका देते हैं। हालांकि, इन कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण उपलब्ध उत्पादन का बड़ा हिस्सा पहले ही बुक हो जाने से खुले बाजार में सप्लाई और भी सीमित रह सकती है।
Samsung प्रबंधन ने सप्लाई की स्थिति को लेकर स्पष्ट और लंबा अनुमान दिया। Jaejune Kim के मुताबिक, “2027 में सप्लाई की कमी इस साल के मुकाबले और बढ़ने की उम्मीद है और यह 2028 में भी जारी रह सकती है” । Samsung के आधिकारिक बयान में भी कहा गया कि वैश्विक मेमोरी चिप की कमी “और गंभीर होगी और 2028 तक बढ़ सकती है” ।
कंपनी ने यह भी कहा कि अगले साल मेमोरी की उपलब्धता और कम हो सकती है । इसके पीछे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बढ़ रहा पूंजीगत खर्च है। Samsung के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में सर्वर-केंद्रित मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, क्योंकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी है और agentic AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है ।
कंपनी ने संकेत दिया कि मोबाइल फोन और PC जैसे कुछ क्षेत्रों में मांग नरम पड़ने के बावजूद AI सर्वर की मांग बाजार को सप्लाई की तुलना में आगे रख सकती है ।
मेमोरी शेयरों के लिए जुलाई काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महीने की शुरुआत में निवेशकों को आशंका थी कि AI पर कंपनियों का भारी खर्च जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है। इसी चिंता के कारण मेमोरी शेयरों में बिकवाली हुई और सेक्टर बेयर मार्केट में चला गया ।
7 जुलाई को Samsung के शुरुआती नतीजों में ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 19 गुना उछाल का संकेत मिलने के बावजूद निवेशकों ने कंपनी के बाजार मूल्य से 80 अरब डॉलर से अधिक मिटा दिए। बाजार को चिंता थी कि AI बूम कितने समय तक टिकेगा ।
बाद में 30 जुलाई की विस्तृत रिपोर्ट में रिकॉर्ड आंकड़ों और लंबे समय तक सप्लाई की कमी के अनुमान ने धारणा बदल दी। 22 जुलाई को Morgan Stanley के विश्लेषक Joseph Moore की रिपोर्ट के बाद Philadelphia Semiconductor Index में 5% से अधिक तेजी आई थी। रिपोर्ट में डेटा सेंटर मेमोरी चिप की कमी बढ़ने और दूसरी से तीसरी तिमाही के बीच कीमतों में कम-से-कम 25% वृद्धि की संभावना जताई गई थी ।
30 जुलाई की Samsung खबर ने इस तेजी को और गति दी। SanDisk S&P 500 के सबसे बड़े लाभार्थियों में रहा, जबकि Micron में भी तेज बढ़त दर्ज हुई ।
Samsung के Q2 2026 नतीजे बताते हैं कि AI से जुड़ा मेमोरी कारोबार अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है। 250 गुना से अधिक सेमीकंडक्टर मुनाफे की वृद्धि, उत्पादन के दो-तिहाई से अधिक हिस्से का लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट में बंधना और 2028 तक कमी जारी रहने का अनुमान—ये सभी मेमोरी चिप कंपनियों के लिए मजबूत मांग और मूल्य निर्धारण की संभावना की ओर इशारा करते हैं।
फिर भी यह सेक्टर चक्रीय और बेहद अस्थिर है। AI खर्च, वैश्विक अर्थव्यवस्था और कंपनियों के पूंजीगत निवेश को लेकर बदलती धारणा के कारण बीच-बीच में तेज बिकवाली जारी रह सकती है।