इस तरह छोटी गिरावट भी तेज बाज़ार‑व्यापी करेक्शन में बदल सकती है।
इस घटना में अधिकांश लिक्विडेशन लॉन्ग ट्रेड्स के थे—यानी ऐसे दांव जिनमें ट्रेडर कीमत बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे।
इसके दो मुख्य कारण थे:
पहला, बाज़ार में पहले से ही बहुत बुलिश पोज़िशनिंग थी। बड़ी संख्या में ट्रेडर भारी लीवरेज के साथ ऊपर की ओर रैली जारी रहने की उम्मीद कर रहे थे। जब कीमत उल्टा नीचे आई, तो ये पोज़िशन तेजी से खत्म हो गईं।
दूसरा, कीमत गिरने पर लॉन्ग ट्रेड सबसे पहले दबाव में आते हैं।
कुछ बड़े लिक्विडेशन इवेंट्स में 90% से अधिक लिक्विडेशन लॉन्ग पोज़िशन के होते देखे गए हैं, जो दिखाता है कि जब बहुत ज्यादा लोग एक ही दिशा में दांव लगाते हैं तो करेक्शन और तेज हो सकता है।
हालांकि तकनीकी कारण तत्काल ट्रिगर थे, लेकिन व्यापक वैश्विक माहौल ने भी दबाव बढ़ाया।
रिपोर्टों के अनुसार बाजार पर असर डालने वाले कारकों में शामिल थे:
जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अक्सर जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाने लगते हैं। क्रिप्टोकरेंसी जैसे अस्थिर एसेट आमतौर पर ऐसे समय सबसे पहले दबाव में आते हैं।
डेरिवेटिव एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म अक्सर उन प्राइस ज़ोन को ट्रैक करते हैं जहां बड़ी संख्या में लीवरेज्ड पोज़िशन मौजूद होती हैं। अगर कीमत इन स्तरों तक पहुंचती है, तो बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन हो सकते हैं।
डेटा के अनुसार यदि बिटकॉइन $73,786 से नीचे गिरता है, तो लगभग $1.29 बिलियन से अधिक की लॉन्ग पोज़िशन लिक्विडेट हो सकती हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में संभावित लिक्विडेशन होने का मतलब है कि यह स्तर टूटने पर बाजार में एक और तेज गिरावट आ सकती है।
दूसरी ओर, $80,995 के आसपास बड़ी संख्या में शॉर्ट पोज़िशन मौजूद हैं। यदि बिटकॉइन इस स्तर के ऊपर निकलता है, तो कई शॉर्ट ट्रेड मजबूरन बंद हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में शॉर्ट स्क्वीज़ हो सकता है—जहां शॉर्ट पोज़िशन बंद होने से तेजी से खरीदारी बढ़ती है और कीमत अचानक ऊपर जा सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि बड़े लिक्विडेशन क्लस्टर अक्सर इस बात का संकेत होते हैं कि बाजार में अत्यधिक लीवरेज जमा हो गया है।
जब बहुत अधिक ट्रेडर एक ही दिशा में लीवरेज्ड पोज़िशन लेते हैं, तो:
हालिया गिरावट सिर्फ एक सामान्य करेक्शन नहीं थी। यह दिखाती है कि क्रिप्टो मार्केट में लीवरेज कितना बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
अभी बाजार मूलतः दो बड़े लिक्विडिटी ज़ोन के बीच फंसा हुआ है:
अगला बड़ा उतार‑चढ़ाव इस बात पर निर्भर कर सकता है कि बिटकॉइन पहले इनमें से किस स्तर को छूता है।
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