बैंक ऑफ जापान (BOJ) का सरकारी बॉन्ड पर रिकॉर्ड 45.44 ट्रिलियन येन ($285 बिलियन) का अनरियलाइज्ड घाटा, ब्याज दरें बढ़ाने के जानबूझकर लिए गए निर्णय का सीधा परिणाम है, जिससे बॉन्ड की कीमतों में भारी गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025 का यह नुकसान पिछले साल के 28.6 ट्रिलियन येन के नुकसान से लगभग 1.6 गुना और वित्त वर्ष 2023 के आं...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What caused the Bank of Japan to report a record unrealized loss of 45.441 trillion yen (~$285 billion) on its Japanese government bond hold. Article summary: Here is a full breakdown of the BOJ's record unrealized loss, its policy response, and the broader market context.. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The Bank of Japan reported that unrealized losses on its Japanese government bond holdings surged to a record ¥45.44 trillion (approximately $282.4 billion) in the fiscal year ende" source context "BOJ's Unrealized JGB Losses Swell Past Record ¥45 Trillion as Rising Long-Term Yields Cloud Exit Strategy — BigGo Financ" Reference image 2: visual subject "# Bank of Japan Logged Record Loss on JGB Holdings Last Fiscal Year. TOKYO--The B
बैंक ऑफ जापान (BOJ) के ताज़ा वित्तीय विवरण ने एक चौंका देने वाला लेखांकन मुकाम सामने रखा है: मार्च 2026 में समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए, उसके जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) होल्डिंग्स पर 45.441 ट्रिलियन येन (लगभग $285 बिलियन या 237 लाख करोड़ रुपये) का अप्राप्त (अनरियलाइज्ड) घाटा हुआ है । यह आंकड़ा, जो तुलनीय डेटा उपलब्ध होने के बाद से सबसे बड़ा है, केंद्रीय बैंक के एक दशक की अति-सहज मौद्रिक नीति से लगातार पीछे हटने के भारी मूल्यांकन परिणामों को उजागर करता है।
यह रिकॉर्ड कागजी घाटा किसी आसन्न वित्तीय संकट का संकेत नहीं है। इसके बजाय, यह एक ऐसे नीतिगत बदलाव का तार्किक और व्यापक रूप से अनुमानित परिणाम है जिसे कभी अधिकारी अकल्पनीय मानते थे: ब्याज दरों को बढ़ने देना, जो बॉन्ड की कीमतों और BOJ के विशाल पोर्टफोलियो के मूल्य को नीचे भेज देता है।
इसका मूल कारण सीधा है। वर्षों तक, BOJ ने लॉन्ग-टर्म ब्याज दरों को दबाने और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए खरबों येन के सरकारी बॉन्ड खरीदे, जिसे 'क्वांटिटेटिव ईजिंग' (QE) कहा जाता है। जैसे-जैसे केंद्रीय बैंक ने ये बॉन्ड जमा किए, उसने इन्हें अपनी बही-खातों में 'अमोर्टाइज्ड कॉस्ट' लेखांकन पद्धति का उपयोग करके दर्ज किया, जिसका अर्थ है कि उनका मूल्य दैनिक बाजार मूल्य उतार-चढ़ाव के लिए समायोजित नहीं किया गया ।
जब BOJ ने नीति को सामान्य बनाना शुरू किया—पहले 2023 में अपने 'यील्ड कर्व कंट्रोल' बैंड को समायोजित करके, फिर ढांचे को पूरी तरह से त्यागकर और अपनी शॉर्ट-टर्म नीतिगत दर बढ़ाकर—बॉन्ड यील्ड में काफी वृद्धि हुई। बॉन्ड की कीमतें और यील्ड विपरीत दिशा में चलती हैं, इसलिए BOJ की होल्डिंग्स का बाजार मूल्य तेजी से गिर गया। उच्च बुक वैल्यू और कम बाजार मूल्य के बीच के अंतर को एक अप्राप्त (अनरियलाइज्ड), या "सुप्त," हानि के रूप में दर्ज किया जाता है । चूंकि BOJ इनमें से अधिकांश बॉन्ड को परिपक्वता तक रखने की योजना बना रहा है, इसलिए उसे यह नुकसान वास्तविक रूप से वहन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। एक BOJ अधिकारी ने कहा कि ये सुप्त नुकसान "केंद्रीय बैंक की आय रिपोर्टों में महसूस नहीं किए जाते हैं और इसलिए इसकी वित्तीय स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है"
।
नीतिगत बदलाव के साथ-साथ इस नुकसान के पैमाने में नाटकीय रूप से तेजी आई है। ताज़ा आंकड़ा पिछले रिकॉर्ड को बौना बनाता है:
यह घाटा पिछले वर्ष के रिकॉर्ड से लगभग 1.6 गुना बड़ा और दो साल पहले के स्तर से लगभग 4.8 गुना अधिक है।
साल-दर-साल की यह वृद्धि JGB यील्ड में लगातार वृद्धि को दर्शाती है। BOJ के आधिकारिक खातों से पता चलता है कि 31 मार्च, 2026 तक इसकी कुल संपत्ति घटकर ¥662.1 ट्रिलियन हो गई, जो एक साल पहले से लगभग ¥67.6 ट्रिलियन कम है, जो मुख्य रूप से इसकी JGB प्रतिभूतियों के बुक वैल्यू में ¥45.1 ट्रिलियन की गिरावट के कारण हुआ ।
रिकॉर्ड नुकसान असाधारण प्रोत्साहन के वर्षों को समेटने की एक व्यापक, बहुआयामी रणनीति का एक लक्षण मात्र है।
जुलाई 2024 से, BOJ अपनी मासिक JGB खरीद को व्यवस्थित रूप से कम कर रहा है। हाल ही में, केंद्रीय बैंक ने बाजार में व्यवधान को कम करने के लिए इस कमी की गति को धीमा करने का निर्णय लिया। अप्रैल 2026 से, तिमाही कटौती की गति को ¥400 बिलियन से घटाकर ¥200 बिलियन कर दिया गया, एक ऐसा कदम जिसके बारे में अधिकारियों ने कहा कि इससे "JGB बाजार की कार्यप्रणाली में वृद्धि होगी" । गति धीमी होने के बावजूद, यह कार्यक्रम बैलेंस शीट को सिकोड़ने (क्वांटिटेटिव टाइटनिंग) के एक औपचारिक, दीर्घकालिक प्रयास का प्रतीक है।
BOJ ने आखिरी बार जनवरी 2025 में अपनी शॉर्ट-टर्म नीतिगत दर को बढ़ाकर 0.50% किया था और व्यापार नीति की अनिश्चितता का हवाला देते हुए इसे 2025 के मध्य तक वहीं रखा । हालांकि अप्रैल 2026 तक कोई और बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई, लेकिन गवर्नर काज़ुओ उएदा ने बार-बार संकेत दिया है कि यदि अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति अपेक्षा के अनुरूप विकसित होती है तो और वृद्धि पर विचार किया जाएगा।
सितंबर 2025 में, BOJ ने अपनी एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) और जापान रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (J-REIT) की होल्डिंग्स को बाजार में बेचना शुरू करने का निर्णय लेकर पूर्ण बैलेंस शीट सामान्यीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया । केवल खरीदना बंद करने के बजाय बेचने का यह निर्णय, जापान में सबसे बड़ा एकल ETF धारक होने के वर्षों के बाद एक ऐतिहासिक उलटफेर था। बैंक ने वित्तीय बाजारों को अस्थिर करने से बचने के लिए बिक्री को धीरे-धीरे संचालित करने का वादा किया
।
जहां बॉन्ड घाटा कागजों पर ही सीमित है, वहीं BOJ की दरों में बढ़ोतरी का उसके आय विवरण पर तत्काल और ठोस प्रभाव पड़ा। केंद्रीय बैंक उस अतिरिक्त रिज़र्व पर ब्याज का भुगतान करता है जो वित्तीय संस्थान उसके पास जमा करते हैं, और यह लागत नीतिगत दर के साथ बढ़ती है।
वित्त वर्ष 2025 में, BOJ ने इन ब्याज भुगतानों पर 2.7 ट्रिलियन येन ($16.95 बिलियन) खर्च किए, जो पिछले वर्ष के 1.3 ट्रिलियन येन से अधिक था । गौरतलब है कि यह भुगतान कुल 2.5 ट्रिलियन येन की ब्याज आय से अधिक हो गया जो BOJ ने अपने विशाल बॉन्ड पोर्टफोलियो से अर्जित की थी; यह पहली बार था जब रिज़र्व पर ब्याज भुगतान बॉन्ड से होने वाली ब्याज आय से अधिक हो गया
। इस गतिशीलता ने केंद्रीय बैंक की शुद्ध आय को सीधे तौर पर प्रभावित किया, भले ही जापानी शेयरों में तेजी के कारण उसकी ETF होल्डिंग्स पर भारी अप्राप्त लाभ रिकॉर्ड 46 ट्रिलियन येन तक बढ़ गया
।
यह बढ़ता हुआ अप्राप्त घाटा एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव का प्रत्यक्ष परिणाम है। दशकों तक अपस्फीति (डिफ्लेशन) से लड़ने के बाद, BOJ अति-सहज मौद्रिक नीति से बाहर निकलने वाला आखिरी प्रमुख केंद्रीय बैंक है, एक ऐसा कदम जो 2025-2026 के दौरान अमेरिका और यूरोप में दर-कटौती चक्रों के विपरीत है।
यह संक्रमण जोखिम से भरा है। बहुत तेजी से आगे बढ़ने पर बॉन्ड बाजार अस्थिर हो सकते हैं और लगभग शून्य दरों की आदी अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है। बहुत धीमी गति से आगे बढ़ने पर मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और येन कमजोर हो सकता है। BOJ का सावधानीपूर्वक संतुलन बनाने का कार्य—दरें बढ़ाना, बॉन्ड खरीद कम करना, परिसंपत्ति बिक्री शुरू करना, और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कटौती की गति को धीमा करना—दर्शाता है कि वह इन खतरों से पूरी तरह वाकिफ है। 45 ट्रिलियन येन का कागजी नुकसान, वर्षों की QE द्वारा डाली गई लंबी छाया का एक शक्तिशाली प्रतीक है, और यह याद दिलाता है कि ऐसी नीति से किसी भी केंद्रीय बैंक का बाहर निकलना पूरी तरह से दर्द रहित नहीं हो सकता।
मुख्य निष्कर्ष: यह रिकॉर्ड अप्राप्त घाटा, उच्च ब्याज दरों के BOJ के सोचे-समझे नीतिगत बदलाव का एक लेखांकन प्रतिबिंब है, जो उसके विशाल बॉन्ड पोर्टफोलियो के बाजार मूल्य को कम करता है। हालांकि ये नुकसान अमोर्टाइज्ड कॉस्ट लेखांकन के तहत कागजी नुकसान हैं, लेकिन ये प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं और दशकों की असाधारण मौद्रिक सहजता से बाहर निकलने की राजकोषीय और वित्तीय स्थिरता की चुनौतियों को उजागर करते हैं।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
बैंक ऑफ जापान (BOJ) का सरकारी बॉन्ड पर रिकॉर्ड 45.44 ट्रिलियन येन ($285 बिलियन) का अनरियलाइज्ड घाटा, ब्याज दरें बढ़ाने के जानबूझकर लिए गए निर्णय का सीधा परिणाम है, जिससे बॉन्ड की कीमतों में भारी गिरावट आई।
बैंक ऑफ जापान (BOJ) का सरकारी बॉन्ड पर रिकॉर्ड 45.44 ट्रिलियन येन ($285 बिलियन) का अनरियलाइज्ड घाटा, ब्याज दरें बढ़ाने के जानबूझकर लिए गए निर्णय का सीधा परिणाम है, जिससे बॉन्ड की कीमतों में भारी गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025 का यह नुकसान पिछले साल के 28.6 ट्रिलियन येन के नुकसान से लगभग 1.6 गुना और वित्त वर्ष 2023 के आंकड़े से लगभग पांच गुना अधिक है, जो नीतिगत सामान्यीकरण के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
हालांकि ये 'कागजी नुकसान' हैं जिनका BOJ के वित्त पर तब तक कोई असर नहीं पड़ता जब तक बॉन्ड बेचे नहीं जाते, लेकिन यह दशकों की अति सहज मौद्रिक नीति को समेटने की प्रतीकात्मक और वास्तविक चुनौतियों को उजागर करता है।