हटाया जाना अस्थायी था। Telegram ने संबंधित सामग्री हटाई और उसे पोस्ट करने वाले अकाउंट को प्रतिबंधित किया, जिसके बाद Apple ने उसी रात ऐप को बहाल कर दिया । हालांकि यह घटना कुछ घंटों तक चली, लेकिन इसने Telegram के कंटेंट मॉडरेशन और कंपनी के संस्थापक Pavel Durov के खिलाफ फ्रांस में चल रही कानूनी जांच पर फिर ध्यान खींचा।
यूज़र्स ने 3 अगस्त की रात लगभग 9:30 बजे ईस्टर्न टाइम के आसपास Telegram की अनुपलब्धता की जानकारी देना शुरू किया । App Store में ऐप खोजने पर वह दिखाई नहीं दे रहा था और सीधे लिंक खोलने पर “पेज नहीं मिल सका” जैसा संदेश आ रहा था । स्वतंत्र मॉनिटरिंग के अनुसार Telegram सभी 175 परीक्षण किए गए क्षेत्रीय App Store स्टोरफ्रंट्स से गायब था ।
ऐप की अनुपलब्धता कई घंटों तक रही। Telegram द्वारा आपत्तिजनक सामग्री हटाने और जिम्मेदार अकाउंट पर कार्रवाई करने के बाद Apple ने इसे उसी रात वापस उपलब्ध करा दिया । बहाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सर्च रिजल्ट अपडेट होने में अतिरिक्त समय लगने की रिपोर्ट भी सामने आई ।
Apple का बयान: Apple ने 9to5Mac को बताया कि उसकी समीक्षा में ऐसी सामग्री मिली थी, जो CSAM पर लागू कंपनी के सख्त दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती थी। कंपनी के अनुसार, डेवलपर ने सामग्री तुरंत हटाई और उसे पोस्ट करने वाले यूज़र को बैन किया, जिसके बाद ऐप बहाल कर दिया गया ।
Telegram का बयान: Telegram ने ऐप की वापसी की पुष्टि करते हुए कहा, “Telegram को App Store पर बहाल कर दिया गया है और जल्द ही यह सभी यूज़र्स के लिए फिर उपलब्ध होना चाहिए।” कंपनी ने उस समय हटाए जाने की वजह पर विस्तार से जानकारी नहीं दी ।
बाद में Telegram के आधिकारिक X अकाउंट ने “Reports of my demise are greatly exaggerated” यानी “मेरे खत्म होने की खबरें काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हैं” संदेश के साथ Apple का इमोजी पोस्ट किया ।
Telegram के CEO Pavel Durov ने अलग से दावा किया कि कुछ “वसूली करने वालों” यानी “extortionists” के दबाव के कारण Apple ने ऐप हटाया, लेकिन उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया । Apple के प्रवक्ता ने The National से कहा कि कार्रवाई का कारण प्लेटफॉर्म पर मौजूद CSAM सामग्री थी ।
यह कार्रवाई केवल iPhone और iPad के iOS App Store तक सीमित थी। इन जगहों पर Telegram उपलब्ध और काम करता रहा:
मौजूदा iOS यूज़र्स ऐप का इस्तेमाल, मैसेजिंग और नोटिफिकेशन सामान्य रूप से जारी रख सकते थे । समस्या मुख्य रूप से उन लोगों के लिए थी, जो नया ऐप डाउनलोड करना चाहते थे या किसी डिवाइस पर Telegram दोबारा इंस्टॉल करना चाहते थे।
स्वतंत्र निगरानी में Telegram 175 परीक्षण किए गए क्षेत्रीय App Store स्टोरफ्रंट्स में उपलब्ध नहीं मिला । रिपोर्टों में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे बाजारों में ऐप के गायब होने का विशेष उल्लेख किया गया ।
इससे यह संकेत मिला कि यह किसी एक देश या क्षेत्र का स्थानीय प्रतिबंध नहीं था, बल्कि iOS App Store पर व्यापक स्तर की अस्थायी कार्रवाई थी।
Apple और Telegram के बीच ऐसा विवाद पहली बार नहीं हुआ। फरवरी 2018 में Apple ने आधिकारिक Telegram ऐप और प्रयोगात्मक Telegram X, दोनों को App Store से हटा दिया था। उस समय Pavel Durov ने कहा था कि ऐप्स यूज़र्स को “अनुचित सामग्री” उपलब्ध करा रहे थे और सुरक्षा उपाय लागू होने के बाद उन्हें वापस लाया जाएगा ।
2018 की कार्रवाई Telegram के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और टोकन बिक्री शुरू करने के कुछ समय बाद हुई थी। 2026 की घटना में Apple ने विशेष रूप से CSAM दिशानिर्देशों के उल्लंघन का हवाला दिया, इसलिए दोनों मामलों का तत्काल कारण एक जैसा नहीं था। फिर भी, दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि App Store के नियमों का उल्लंघन होने पर Apple पूरे ऐप को अस्थायी रूप से हटाने का विकल्प अपना सकता है।
3 अगस्त की घटना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि Telegram के संस्थापक Pavel Durov फ्रांस में पहले से एक गंभीर कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप है कि Telegram की कमजोर कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था ने प्लेटफॉर्म पर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने या उन्हें रोकने में नाकामी की, जिनमें बाल यौन शोषण सामग्री का वितरण भी शामिल है। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं; इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
मामले की प्रमुख घटनाएं:
Apple की कार्रवाई और फ्रांस की जांच कानूनी रूप से एक ही मामला नहीं हैं। फिर भी, दोनों में एक साझा मुद्दा दिखाई देता है—प्लेटफॉर्म पर अवैध सामग्री मौजूद होने पर उसकी पहचान, रोकथाम और तेज़ी से कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है।
Telegram कुछ ही घंटों में App Store पर लौट आया, इसलिए यह स्थायी प्रतिबंध नहीं था। लेकिन घटना ने यह स्पष्ट किया कि Apple जैसे ऐप-स्टोर संचालक किसी प्लेटफॉर्म के भीतर मौजूद सामग्री को लेकर पूरे ऐप के वितरण पर तुरंत रोक लगा सकते हैं।
Telegram के लिए चुनौती अब केवल ऐप को स्टोर पर बनाए रखने की नहीं, बल्कि यह दिखाने की भी है कि उसकी मॉडरेशन व्यवस्था बड़े पैमाने पर अवैध सामग्री की पहचान और रोकथाम कर सकती है। Durov की यात्रा पाबंदियां हट चुकी हैं, लेकिन Telegram की कंटेंट मॉडरेशन नीतियां अभी भी नियामकों, जांच एजेंसियों और Apple जैसे प्लेटफॉर्म गेटकीपर्स की निगरानी में हैं।