तीसरी घटना 30 मई को हुई, जब टीयूआई एयरवेज की फ्लाइट BY7614 ब्रिटेन के बर्मिंघम से भूमध्यसागरीय (मेडिटरेनियन) क्षेत्र के लिए उड़ान भर चुकी थी। अभी विमान फ्रांस के आसमान में ही था कि क्रू ने 'स्क्वॉक 7700' नामक आपातकालीन ट्रांसपोंडर कोड भेजा - यह एक सार्वभौमिक संकेत है जो ATC को बताता है कि विमान में गंभीर आपात स्थिति है । इसके तुरंत बाद, फ्लाइट ने वापस ब्रिटेन का रुख कर लिया और लंदन गैटविक एयरपोर्ट पर प्राथमिकता के आधार पर इमरजेंसी लैंडिंग की
। एयरलाइन ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उस विशेष तकनीकी खराबी का खुलासा नहीं किया है जिसके कारण आपातकाल घोषित किया गया। विमान सुरक्षित उतर गया और इस फ्लाइट से जुड़ी कोई और घटना सामने नहीं आई है
।
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, 29-30 मई, 2026 को डेल्टा एयर लाइन्स द्वारा संचालित किसी भी बोइंग विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग नहीं की। डेल्टा से जुड़ी एक पुरानी घटना 18 मई को हुई थी जब एक एयरबस A350-900 विमान को सिएटल डायवर्ट करना पड़ा था - इसकी वजह भी एक बेहद उग्र यात्री था । यह घटना अलग तारीख की है और इसमें शामिल विमान भी बोइंग नहीं बल्कि एयरबस था, इसलिए इसका 29-30 मई वाली तीनों घटनाओं से कोई संबंध नहीं है।
तीन अलग-अलग कारण - एक यात्री द्वारा हंगामा, जमीनी स्तर पर पकड़ में आया टायर का पंचर, और एक अज्ञात तकनीकी खराबी। इनकी वजह बिल्कुल अलग-अलग हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी भी विशेषज्ञ या अधिकारी ने इन इमरजेंसी लैंडिंग्स को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा है, न ही बोइंग के किसी साझा पुर्जे की खराबी या व्यापक सुरक्षा जोखिम की ओर इशारा किया है। दिलचस्प बात यह है कि यूनाइटेड एयरलाइंस खुद पहले भी किसी दूसरी घटनाओं की श्रृंखला को "एक-दूसरे से अलग और असंबंधित" बता चुकी है - एक ऐसा बयान जो 29-30 मई की इन घटनाओं पर भी पूरी तरह फिट बैठता है ।
विमानन सुरक्षा पर नजर रखने वाले यात्रियों के लिए, यह डेटा बताता है कि ये सब मानक सावधानियों के तहत की गई डायवर्शन थीं, जिन्हें प्रशिक्षित क्रू ने बखूबी संभाला। किसी भी आपात हेडलाइन का समूह पहली नजर में डरावना लग सकता है, लेकिन दस्तावेजों में दर्ज ये कारण - अनियंत्रित यात्री, टायर का रबड़, और तकनीकी स्क्वॉक - वही नियमित परिचालन जोखिम हैं जिन्हें एयरलाइंस हर दिन मैनेज करती हैं।
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