कतर ने 4 अगस्त को कहा कि मध्यस्थ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को फिर से खोलने के अंतरिम प्रस्ताव पर प्रगति कर रहे हैं। इससे तेल की कीमतों में शामिल भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कुछ कम हुआ ।
बाजार की प्रतिक्रिया तुरंत दिखी: ब्रेंट क्रूड 5.3% गिरकर करीब $79.36 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि Nymex WTI में 5.7% की गिरावट आई और वह $75.77 प्रति बैरल पर रहा । सस्ता तेल महंगाई को लेकर चिंता घटाता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की निकट अवधि में आक्रामक दर-वृद्धि की संभावना भी कम मानी गई ।
हालांकि यह तनाव पूरी तरह खत्म होने का संकेत नहीं था। वॉशिंगटन और तेहरान से मिले विरोधाभासी बयानों ने जोखिम को बरकरार रखा ।
तेल की कीमतों में कमी और नरम महंगाई की उम्मीदों से बॉन्ड यील्ड नीचे आई और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) कमजोर हुआ। यह चांदी के लिए सीधी राहत है ।
चूंकि चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए कमजोर डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए इसे अपेक्षाकृत सस्ता बनाता है। आम तौर पर इससे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग को सहारा मिलता है।
चांदी $60 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच रही थी और भौतिक इन्वेंटरी में कमी की खबरों ने तेजी को अतिरिक्त बल दिया। शुरुआती कारोबार में स्पॉट चांदी 1.2% बढ़कर $58.88 पहुंची और दिन बढ़ने के साथ तेजी तेज हुई ।
ट्रेडरों ने इसे तकनीकी ब्रेकआउट का संभावित सेटअप बताया। जिन निवेशकों ने कीमत गिरने की उम्मीद में शॉर्ट पोजीशन ली थी, उन्होंने तेजी बढ़ने पर अपनी पोजीशन बंद की—इसे शॉर्ट-कवरिंग कहा जाता है। चांदी ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया; सोना करीब 0.57% बढ़ा, जबकि चांदी की तेजी 2.39% के आसपास रही ।
कूटनीतिक प्रगति की खबरों के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को “आखिरी मौका” बताया, जबकि ईरानी नेताओं ने इन शर्तों को खारिज किया ।
यही विरोधाभास कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश की मांग बनाए रखता है। Kitco के अनुसार, हॉर्मुज़ और अमेरिकी-ईरान स्थिति अब भी “हेडलाइन-आधारित जोखिम प्रीमियम” है, कोई अंतिम तनाव-समाधान नहीं । रिपोर्टिंग के समय स्पॉट सोना करीब $4,077.70 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था ।
Silver Institute के World Silver Survey 2026 के अनुसार, वैश्विक चांदी बाजार 2026 में लगातार छठे साल आपूर्ति घाटे में रहने की राह पर है। अनुमानित कमी 4.63 करोड़ औंस है, जो 2025 के 4.03 करोड़ औंस के घाटे से अधिक है ।
खास बात यह है कि यह घाटा सोलर पैनलों में चांदी के इस्तेमाल में तेज गिरावट के बावजूद बढ़ रहा है।
2026 में फोटोवोल्टिक यानी सोलर सेक्टर की चांदी मांग 19% घटकर लगभग 15.1 करोड़ औंस रहने का अनुमान है—यह अब तक की सबसे बड़ी एक-वर्षीय गिरावट बताई गई है ।
इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से मांग को समर्थन मिल रहा है। 2026 में इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन 1.4–1.5 करोड़ इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे सालाना 7–7.5 करोड़ औंस चांदी की खपत जुड़ सकती है। ग्रिड अपग्रेड और डेटा सेंटर से अतिरिक्त 1.5–2 करोड़ औंस मांग आने का अनुमान है ।
वैश्विक चांदी मांग का करीब 60% अब औद्योगिक उपयोग से आता है, जिसमें सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं ।
अमेरिका-ईरान संघर्ष पांच महीने से जारी रहने के कारण कीमती धातुओं में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम बना हुआ है । जुलाई के अंत में सिल्वर ETF में आने वाला निवेश जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा साप्ताहिक स्तर रहा, जो निवेशकों की मजबूत रुचि दिखाता है ।
अमेरिकी GDP के कमजोर आंकड़ों और फेड के ब्याज दरों में ठहराव से DXY पर दबाव बना है। ऐतिहासिक रूप से कमजोर डॉलर चांदी जैसी डॉलर-आधारित धातुओं के लिए सकारात्मक माना जाता है ।
बाजार में सितंबर 2026 की फेड बैठक में 25 बेसिस पॉइंट की दर-वृद्धि की संभावना लगभग 60–65% आंकी जा रही थी । ब्याज दरें बढ़ने पर बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों, जैसे चांदी, को रखने की अवसर लागत बढ़ती है। इससे तेजी की रफ्तार पर दबाव पड़ सकता है।
सोलर निर्माता महंगी चांदी की जगह तांबा और एल्युमिनियम जैसे सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। इसी कारण 2026 में फोटोवोल्टिक सेक्टर की चांदी खपत 19% घटने का अनुमान है । अगर यह प्रक्रिया तेज होती है, तो भविष्य में आपूर्ति घाटा कम हो सकता है और चांदी की कीमत पर दबाव आ सकता है।
चांदी पहले भी $59–$60 के क्षेत्र में कई बार ठिठकी है। यदि हॉर्मुज़ को पूरी तरह खोलने का समझौता हो जाता है, तो भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम हट सकता है और मौजूदा तेजी कमजोर पड़ सकती है ।
UBS ने 2026 के अंत के लिए चांदी का लक्ष्य $80 कर दिया, जो पहले $85 था। मार्च 2027 का लक्ष्य भी घटाकर $75 किया गया। बैंक ने संशोधित आपूर्ति-घाटा अनुमान को इसका कारण बताया ।
Bloomberg Intelligence के Mike McGlone का मानना है कि चांदी कई वर्षों तक $50–$100 के दायरे में रह सकती है। उन्होंने जनवरी 2026 में चांदी के $121 के उछाल को एक पीढ़ी का शिखर तक बताया ।
| संस्था | 2026 का अनुमान या राय | स्रोत |
|---|---|---|
| Goldman Sachs | सालाना औसत $65; सोलर मांग और आपूर्ति घाटे को लेकर सकारात्मक | |
| J.P. Morgan | सालाना औसत $81; तिमाही अनुमान $84–$85 | |
| UBS | साल के अंत में $80; दूसरी और तीसरी तिमाही में $85; मार्च 2027 में $75 | |
| Commerzbank | 2026 के मध्य का अनुमान $92 | |
| Bank of America | आधार अनुमान करीब $135; तेजी वाले परिदृश्य में $135–$309 | |
| Citigroup | $60; हरित ऊर्जा संक्रमण को लेकर सकारात्मक | |
| LBMA Analyst Survey | औसत अनुमान $79.57; दायरा $42–$165 |
4 अगस्त की चांदी तेजी तत्काल तौर पर हॉर्मुज़ को लेकर कूटनीतिक प्रगति, तेल की कीमतों में गिरावट और फेड की दर-वृद्धि की आशंका कम होने से आई। इसके ऊपर कमजोर डॉलर, घटते भौतिक भंडार और $60 की ओर बढ़ता तकनीकी मोमेंटम जुड़ गया ।
लेकिन आगे की दिशा अभी स्पष्ट नहीं है। लगातार आपूर्ति घाटा, औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश चांदी को सहारा दे सकते हैं। दूसरी ओर, फेड की दर-वृद्धि, सोलर सेक्टर में चांदी की कम खपत और हॉर्मुज़ पर स्थायी समझौते से जोखिम प्रीमियम हटने की संभावना तेजी को सीमित कर सकती है।