करीब $36.5 मिलियन की शॉर्ट पोज़िशन लिक्विडेट होने से तेज़ शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ और HYPE का भाव लगभग $59 तक पहुँच गया। नेगेटिव फंडिंग रेट और बढ़ती ओपन इंटरेस्ट से पता चला कि बाज़ार में भारी शॉर्ट बेट्स थीं, जो रैली को और तेज़ करने का कारण बनीं। Bitwise और 21Shares के नए U.S. स्पॉट ETF तथा बड़े ट्रेज़री होल्डिंग्स ने सप्...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What caused Hyperliquid’s HYPE token to surge close to its all‑time high near $59, including the role of the short squeeze that liquidated a. Article summary: If HYPE is moving toward its prior high, the provided evidence mainly supports a narrative around new U.S. spot ETF launches that could broaden access and bring fresh demand, plus the presence of a Hyperliquid-focused tr. Topic tags: general, general web, news, government, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "**Hyperliquid surged to a 2026 high of $59.06, placing it just cents away from its all-time high of $59.33 set in September 2025. * HYPE surged to $59.06 on Thursday morning, putti" source context "Hyperliquid Wipes out $36.5M Shorts as HYPE Climbs Within Cents ..." Reference image 2: visual sub
मई 2026 में Hyperliquid के नेटिव टोकन HYPE ने तेज़ उछाल दिखाया और कुछ समय के लिए अपने पिछले ऑल‑टाइम हाई के करीब $59 तक पहुँच गया। यह रैली किसी एक वजह से नहीं बल्कि कई बाज़ार कारकों के एक साथ सक्रिय होने से हुई—जिसमें शॉर्ट स्क्वीज़, डेरिवेटिव्स मार्केट का दबाव, नए ETF इनफ्लो और सीमित सप्लाई शामिल हैं।
नीचे वे मुख्य कारण दिए गए हैं जिन्होंने इस तेज़ रैली को आगे बढ़ाया।
रैली का सबसे बड़ा तत्काल कारण फ्यूचर्स मार्केट में शॉर्ट स्क्वीज़ था। जैसे‑जैसे HYPE की कीमत $59 के पास पहुँची, लगभग $36.5 मिलियन की शॉर्ट पोज़िशन सिर्फ 24 घंटे में लिक्विडेट हो गईं, जबकि लगभग $1.4 मिलियन की लॉन्ग पोज़िशन ही साफ हुईं। इसका मतलब था कि ज़्यादातर लीवरेज्ड ट्रेडर कीमत गिरने की बाज़ी लगा रहे थे।
जब कीमत उल्टा ऊपर बढ़ती है तो शॉर्ट ट्रेडर्स को अपनी पोज़िशन बंद करने के लिए टोकन खरीदना पड़ता है। यही खरीदारी कीमत को और ऊपर धकेलती है—और इससे लिक्विडेशन की एक चेन रिएक्शन शुरू हो जाती है।
HYPE के मामले में यही हुआ, और कीमत तेज़ी से सितंबर 2025 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुँच गई।
रैली से पहले डेरिवेटिव्स डेटा में फंडिंग रेट तेज़ी से नेगेटिव हो गए थे। इसका मतलब यह था कि शॉर्ट पोज़िशन रखने वाले ट्रेडर्स लॉन्ग पोज़िशन वालों को भुगतान कर रहे थे—जो आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि बाज़ार में बड़ी संख्या में लोग कीमत गिरने की उम्मीद कर रहे हैं।
लेकिन HYPE की कीमत गिरने के बजाय बढ़ती रही। जैसे ही कीमत ऊपर गई, भीड़भाड़ वाली शॉर्ट पोज़िशनें दबाव में आ गईं और लिक्विडेशन शुरू हो गया—जिसने रैली को और तेज़ कर दिया।
इसी दौरान HYPE फ्यूचर्स की ओपन इंटरेस्ट भी बढ़ी, जिससे संकेत मिला कि नए लीवरेज्ड ट्रेड बाज़ार में प्रवेश कर रहे थे और वोलैटिलिटी बढ़ रही थी।
बड़े व्यक्तिगत ट्रेडर्स—जिन्हें अक्सर “व्हेल” कहा जाता है—ने भी इस स्थिति को नाटकीय बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार एक व्हेल के पास दसियों मिलियन डॉलर की शॉर्ट पोज़िशन थी, जो रैली के दौरान भारी अनरियलाइज़्ड लॉस में चली गई।
एक अन्य मामले में एक ट्रेडर लगभग $103 मिलियन की लीवरेज्ड शॉर्ट पोज़िशन बचाने की कोशिश कर रहा था और लिक्विडेशन से बचने के लिए करोड़ों डॉलर के HYPE बेचने पड़े। अगर कीमत और बढ़ती है तो यह पोज़िशन लगभग $69 के आसपास लिक्विडेट हो सकती है।
ट्रेडर्स इस बड़ी पोज़िशन को ध्यान से देख रहे हैं, क्योंकि इसके बंद होने पर एक और शॉर्ट स्क्वीज़ हो सकता है।
रैली के पीछे केवल डेरिवेटिव्स ही नहीं थे—संस्थागत मांग भी तेजी से बढ़ी।
मई 2026 में कई कंपनियों ने HYPE पर आधारित पहले U.S. स्पॉट ETF लॉन्च किए:
स्पॉट ETF का मतलब है कि निवेशक अपने पारंपरिक ब्रोकरेज अकाउंट के जरिए टोकन की कीमत में एक्सपोज़र ले सकते हैं, बिना सीधे क्रिप्टो खरीदने के।
लॉन्च के शुरुआती दिनों में ही इन फंड्स में मिलियन‑डॉलर के ट्रेडिंग वॉल्यूम और इनफ्लो देखे गए, जिससे संकेत मिला कि पारंपरिक निवेशकों की नई मांग बाजार में आ रही है।
HYPE की कीमत पर असर डालने वाला एक और संरचनात्मक कारक है टोकन ट्रेज़री का संचय।
Hyperliquid इकोसिस्टम पर केंद्रित पब्लिक कंपनी Hyperliquid Strategies Inc. ने रिपोर्ट किया कि 29 अप्रैल 2026 तक उसके पास लगभग 20 मिलियन HYPE टोकन ट्रेज़री में थे।
जब बड़ी संस्थाएं टोकन खरीदकर लंबे समय तक होल्ड करती हैं, तो खुले बाजार में उपलब्ध सप्लाई कम हो जाती है। अगर उसी समय मांग बढ़े—जैसे ETF खरीदारी या शॉर्ट स्क्वीज़—तो कीमत और तेज़ी से ऊपर जा सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि HYPE अब $59–$60 के मजबूत रेज़िस्टेंस ज़ोन के पास ट्रेड कर रहा है—यही वह स्तर है जहाँ पिछली बार बाजार ने टॉप बनाया था।
कुछ तकनीकी संकेतकों के अनुसार टोकन ओवरबॉट ज़ोन में जा सकता है, जिससे अल्पकालिक गिरावट की संभावना बनती है। संभावित सपोर्ट रेंज लगभग $51.5 से $45 के बीच बताई जा रही है।
हालाँकि, अगर कीमत ऊपर बढ़ती रही और बड़े शॉर्ट ट्रेडर्स को अपनी पोज़िशन बंद करनी पड़ी—खासकर वह $100M से अधिक की शॉर्ट—तो बाजार में एक और तेज़ शॉर्ट स्क्वीज़ देखने को मिल सकता है।
HYPE की हालिया रैली कई ताकतों के एक साथ सक्रिय होने का परिणाम थी:
इन सभी कारकों के मेल से HYPE तेज़ी से अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुँचा—लेकिन उच्च लीवरेज और मजबूत रेज़िस्टेंस के कारण आगे का चरण उतना ही अस्थिर भी हो सकता है।
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करीब $36.5 मिलियन की शॉर्ट पोज़िशन लिक्विडेट होने से तेज़ शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ और HYPE का भाव लगभग $59 तक पहुँच गया।
करीब $36.5 मिलियन की शॉर्ट पोज़िशन लिक्विडेट होने से तेज़ शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ और HYPE का भाव लगभग $59 तक पहुँच गया। नेगेटिव फंडिंग रेट और बढ़ती ओपन इंटरेस्ट से पता चला कि बाज़ार में भारी शॉर्ट बेट्स थीं, जो रैली को और तेज़ करने का कारण बनीं।
Bitwise और 21Shares के नए U.S. स्पॉट ETF तथा बड़े ट्रेज़री होल्डिंग्स ने सप्लाई को टाइट किया, हालांकि विश्लेषक $45–$51.5 तक संभावित करेक्शन की चेतावनी दे रहे हैं।