उस दिन ब्रेंट वायदा 4.08 डॉलर, यानी 4.64%, गिरकर 83.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी WTI 4.01 डॉलर, यानी 4.74%, की गिरावट के साथ 80.66 डॉलर पर रहा ।
बाजार ने इस संकेत को संभावित आपूर्ति वापसी के रूप में देखा। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और LNG—लगभग 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन के बराबर—गुजरता है । इसलिए जलमार्ग खुलने की उम्मीद भी कीमतों पर तुरंत दबाव डाल सकती है।
सप्ताह आगे बढ़ने के साथ कूटनीतिक उम्मीदें कमजोर पड़ने लगीं। ईरान की एक संसदीय समिति ऐसे प्रारंभिक विधेयक की समीक्षा कर रही है, जिसमें अमेरिका, इजरायल और अन्य ‘शत्रुतापूर्ण’ माने जाने वाले देशों के जहाजों को होर्मुज़ से गुजरने से रोकने का प्रस्ताव है। उल्लंघन करने वाले जहाजों पर उनके माल के मूल्य के 20% तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है ।
इस प्रस्ताव का शीर्षक होर्मुज़ जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी की सुरक्षा तथा सतत विकास के लिए ‘रणनीतिक कार्रवाई’ के रूप में बताया गया है । रिपोर्टों के अनुसार, यह पहल ईरान की उस मांग को रेखांकित करती है जिसमें जलमार्ग को पूरी तरह खोलने से पहले युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा जा रहा है। हालांकि विधेयक अभी विशेषज्ञ समीक्षा के चरण में है, इसलिए इसे अंतिम कानून नहीं माना जा सकता ।
ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौते को लेकर शुल्कों पर विवाद और अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े सवाल भी सामने आए। इन अड़चनों ने बाजार को इस बात को लेकर अनिश्चित रखा कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए किन शर्तों पर सहमति बनेगी ।
नतीजा यह हुआ कि सोमवार की तेज बिकवाली के बाद कीमतों में फिर उछाल आया। निवेशकों ने समझा कि आपूर्ति बहाल होने का रास्ता अभी साफ नहीं है।
अमेरिका की जुलाई रोजगार रिपोर्ट में 23,000 नौकरियों की कमी दर्ज हुई, जबकि बाजार को 85,000 नौकरियों के बढ़ने की उम्मीद थी।
कमजोर आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना काफी कम हुई। आम तौर पर ऐसी स्थिति में डॉलर पर दबाव पड़ सकता है और कच्चे तेल जैसी डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटी को कुछ सहारा मिल सकता है। साथ ही, निवेशकों ने यह भी आकलन किया कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका घटने से आर्थिक गतिविधि और ईंधन मांग पर दबाव कम हो सकता है।
इस रिपोर्ट ने तेल बाजार में बड़ी गिरावट को कुछ हद तक थामने का काम किया, भले ही होर्मुज़ से जुड़ा आपूर्ति जोखिम बना रहा।
होर्मुज़ वार्ता के अलावा, मध्य-पूर्व में व्यापक सैन्य तनाव भी बढ़ता रहा। रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब को इराकी मिलिशिया और हूती बलों की ओर से संभावित समन्वित हमलों की आशंका थी। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच संयुक्त रक्षा समझौते की खबर ने भी क्षेत्र में व्यापक सैन्य गठजोड़ की संभावना का संकेत दिया।
ऐसे घटनाक्रम तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि किसी भी नए हमले या सैन्य विस्तार से परिवहन मार्ग, टैंकर बीमा और क्षेत्रीय आपूर्ति पर तत्काल असर पड़ सकता है।
तेल कीमतों में सोमवार की गिरावट मुख्य रूप से कूटनीतिक उम्मीदों पर आधारित थी। इसके बाद ईरान के प्रस्तावित जहाज प्रतिबंध, शुल्क विवाद और अमेरिकी प्रतिबंधों की चिंताओं ने बाजार को फिर सावधान कर दिया। कमजोर अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट ने कीमतों को और बड़ी गिरावट से बचाया, लेकिन आपूर्ति जोखिम का मूल सवाल अभी हल नहीं हुआ है।
जब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए कोई विश्वसनीय समझौता नहीं होता या क्षेत्रीय संघर्ष में स्पष्ट कमी नहीं आती, तब तक कीमतों में एक बड़ा ‘डिसरप्शन प्रीमियम’ बना रह सकता है। यही वजह है कि ब्रेंट और WTI में सप्ताह भर में 9% से अधिक की गिरावट के बावजूद बाजार शांत नहीं हुआ है—किसी भी नई वार्ता, सैन्य कार्रवाई या आपूर्ति संकेत पर कीमतें फिर तेज़ी से दिशा बदल सकती हैं।