BMW के लिए चीन उसका सबसे बड़ा बाजार है, और यहीं से सबसे बुरी खबर आ रही है। 2026 की दूसरी तिमाही में चीन के ऑटोमोबाइल बाजार में मंदी और तेज हो गई है, खासकर नॉन-इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए । यह गिरावट कोई अस्थायी झटका नहीं बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव है, जहां BYD, Xiaomi और Huawei जैसे स्थानीय ब्रांड सस्ते और अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर वाले इलेक्ट्रिक वाहन पेश कर रहे हैं । इन कारों की कीमत BMW के मुकाबले काफी कम है, जिससे लक्जरी कार सेगमेंट में भी कीमतों और बिक्री पर जबरदस्त दबाव पड़ रहा है।
2025 में ही चीन में BMW की बिक्री में 12.5% की गिरावट आई थी, हालांकि तब अन्य क्षेत्रों में हुई बढ़त ने इसकी भरपाई कर दी थी । लेकिन 2026 में स्थिति और खराब हो गई है। कंपनी अब 2026 में अपनी कारों की डिलीवरी में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी (slight decrease) गिरावट की उम्मीद कर रही है, जबकि पहले उसने बिक्री को स्थिर रखने का लक्ष्य रखा था ।
जहां एक तरफ चीन में मांग कम हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान युद्ध ने BMW की उत्पादन लागत को आसमान पर पहुंचा दिया है। 2026 की शुरुआत में अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) लगभग बंद हो गया है। दुनिया के लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन इसी मार्ग से होता है । इसके बंद होने से यूरोप में ऊर्जा की कीमतें उछल गई हैं, जिससे प्लास्टिक, पेंट और अन्य ज़रूरी रसायनों (जैसे एथिलीन और प्रोपलीन) का उत्पादन महंगा हो गया है ।
रसायन कंपनी BASF ने जून की शुरुआत में ही चेतावनी दी थी कि इस युद्ध के चलते ज़रूरी सामग्रियों की कमी हो सकती है, जो ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन को ठप कर सकती है । जर्मनी में मार्च 2026 में ही औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आनी शुरू हो गई थी, और अप्रैल में फैक्ट्री ऑर्डर में भी भारी कमी दर्ज की गई ।
इन दोनों कारकों का एक साथ असर BMW के मुनाफे पर एक तरफा नहीं, बल्कि दोहरा दबाव डाल रहा है। चीन में कमजोर मांग के कारण BMW को अपनी गाड़ियों की कीमतें कम करनी पड़ रही हैं, जिससे प्रति वाहन राजस्व (revenue per vehicle) घट रहा है। दूसरी तरफ, ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा और कच्चे माल की लागत बढ़ने से यूरोप में बनने वाले हर वाहन की उत्पादन लागत बढ़ रही है। इस नुकसान के दोहरे दबाव (दोनों तरफ से संकुचन) ने EBIT मार्जिन के अनुमान को 4-6% से घटाकर 1-3% कर दिया है ।
BMW का यह संकट पूरे वैश्विक ऑटो उद्योग का संकेत है। S&P Global Ratings ने मई 2026 में ही वैश्विक कार बिक्री के अनुमानों में कटौती कर दी थी, जिसमें चीन में कमजोर मांग और मध्य पूर्व युद्ध के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत को 'डबल वैमी' (दोहरा झटका) बताया गया था । PwC के Autofacts डेटा के अनुसार, वैश्विक बिक्री पिछले साल के स्तर से पीछे है । S&P Global Mobility ने भी 2026 से 2028 तक वैश्विक लाइट-व्हीकल बिक्री के 9 करोड़ यूनिट से नीचे जाने का अनुमान लगाया है ।
BMW को इस समय दो सबसे बड़ी चुनौतियों का एक साथ सामना करना पड़ रहा है: चीन का सुस्त पड़ता बाजार और ईरान युद्ध के कारण टूटती सप्लाई चेन। हालांकि अन्य जर्मन कार निर्माता भी इसी दबाव में हैं, BMW का मार्जिन अनुमान सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यह कंपनी के लिए एक गंभीर चेतावनी है क्योंकि वह अपने सबसे बड़े बाजार में हिस्सेदारी खो रही है और साथ ही उच्च उत्पादन लागतों से जूझ रही है । कंपनी ने लागत में कटौती का एक नया कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है लेकिन बाजार की मौजूदा स्थितियों में इसका सफल होना एक बड़ी चुनौती होगी ।