बॉन्ड यील्ड बढ़ने का सीधा असर शेयरों पर पड़ता है। कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है और भविष्य में मिलने वाले मुनाफे की मौजूदा कीमत कम आंकी जाती है। इसका दबाव खास तौर पर उन ग्रोथ कंपनियों पर अधिक पड़ता है जिनका मूल्यांकन आने वाले कई वर्षों की कमाई पर निर्भर करता है।
Treasury यील्ड बढ़ने के साथ अमेरिकी शेयर बाजार भी नीचे बंद हुआ। S&P 500 में 0.9% और Nasdaq 100 में 0.7% की गिरावट आई। Nasdaq 100 की यह लगातार पांचवीं गिरावट थी।
इससे एशियाई निवेशकों को दोहरा नकारात्मक संकेत मिला। पहला, अमेरिकी शेयर बाजार में जोखिम लेने की इच्छा घट रही थी। दूसरा, बॉन्ड बाजार में समस्या केवल अस्थायी लिक्विडिटी दबाव नहीं, बल्कि अमेरिकी कर्ज और महंगाई से जुड़ा व्यापक पुनर्मूल्यांकन हो सकती है।
अमेरिकी Treasury यील्ड का असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ता है, क्योंकि यह वैश्विक उधारी लागत और शेयरों के मूल्यांकन के लिए एक अहम मानक है। जब लंबी अवधि की यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक शेयरों से अधिक रिटर्न मांगते हैं और कंपनियों की पूंजी लागत बढ़ती है। इससे एशिया में मुनाफावसूली और जोखिम से दूरी बढ़ सकती है।
तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार का मूड और खराब किया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई और बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंता बढ़ी, जिससे Treasury की घोषणा से मिली कुछ राहत भी खत्म हो गई।
ऊर्जा की महंगाई परिवहन, विनिर्माण और घरेलू खर्चों तक पहुंच सकती है। निवेशकों की चिंता यह है कि अगर कीमतों पर दबाव फिर बढ़ा, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। ऐसे माहौल में शेयर बाजारों को कम ब्याज दरों से मिलने वाला समर्थन कमजोर पड़ जाता है।
जापान में बाजार पर एक अतिरिक्त दबाव महंगाई के आंकड़ों से आया। देश की कोर उपभोक्ता महंगाई जुलाई में सालाना आधार पर बढ़कर 1.8% हो गई, जो जून में 1.6% थी। कमजोर येन से बढ़ी आयात लागत और ऊर्जा से जुड़े दबावों ने इसमें योगदान दिया। इससे बैंक ऑफ जापान यानी BOJ की सितंबर बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को बल मिला।
जापानी यील्ड बढ़ने से घरेलू बॉन्ड जापानी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं। इससे विदेशी फिक्स्ड-इनकम परिसंपत्तियों की मांग घट सकती है। BOJ की बॉन्ड खरीद धीरे-धीरे कम करने की नीति के साथ दर बढ़ने की संभावना वैश्विक लंबी अवधि के बॉन्ड पर अतिरिक्त बिक्री दबाव डाल सकती है।
हालांकि, उपलब्ध साक्ष्य यह नहीं दिखाते कि एशियाई शेयरों की गिरावट अकेले BOJ के कारण हुई। जापान का महंगाई आंकड़ा अमेरिकी यील्ड, तेल और सरकारी उधारी से पहले से चल रहे व्यापक वैश्विक बाजार पुनर्मूल्यांकन में एक स्थानीय मौद्रिक-नीति जोखिम जरूर जोड़ता है।
शुक्रवार की कमजोर शुरुआत किसी एक खबर की प्रतिक्रिया नहीं थी। निवेशक चार आपस में जुड़े जोखिमों को तौल रहे थे:
इन सभी दबावों ने एशिया के लिए जोखिम से बचने वाला माहौल बनाया। Treasury का हस्तक्षेप बाजार में तनाव को कुछ समय के लिए कम कर सकता है, लेकिन निवेशकों को अब भी संदेह है कि यह उन संरचनात्मक ताकतों को उलट पाएगा जो लंबी अवधि की यील्ड को ऊपर धकेल रही हैं।