गौर करने वाली बात यह है कि 2026 की पहली तिमाही (Q1) में, जहां Bitcoin, DeFi, रियल-वर्ल्ड एसेट्स और मीम कॉइन सब नकारात्मक दायरे में बंद हुए, वहीं AI क्रिप्टो श्रेणी ने चुपचाप 7 महीनों में 2.4 गुना (140%) का मुनाफा दर्ज कर लिया । मई के आखिर तक आते-आते कुल AI टोकन मार्केट कैप $20.94 बिलियन के पार जा चुका था, जिसमें Bittensor (TAO) लगभग $3.2 बिलियन के साथ सबसे आगे था
।
तेजी का दायरा काफी व्यापक था। कुछ प्रमुख प्रदर्शन इस प्रकार रहे:
छोटे टोकन की चाल तो और भी हैरान करने वाली थी।
इस सट्टेबाजी का एक बड़ा हिस्सा इतिहास की सबसे बड़ी AI IPO पाइपलाइन से आया।
इन तीनों कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन $3 ट्रिलियन से $3.6 ट्रिलियन के बीच है और इनसे लगभग $200 बिलियन जुटाए जाने की संभावना है। यह रकम वैश्विक स्टेबलकॉइन बाजार के 60% से भी अधिक है । इन IPOs ने एक ‘हेलो इफेक्ट’ पैदा किया है: निवेशक AI टोकन को एक लिक्विड, क्रिप्टो-नेटिव विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जिससे वे इन ऐतिहासिक इक्विटी लिस्टिंग से पहले और उनके साथ AI थीम पर दांव लगा सकें।
हालांकि, विश्लेषकों ने तरलता संकट (liquidity drain) की चेतावनी भी दी है। इन IPOs के चलते “वैश्विक जोखिम परिसंपत्तियों, जिनमें क्रिप्टो भी शामिल है, से दसियों अरब डॉलर खिंच सकते हैं – जिससे व्यापक क्रिप्टो बाजार में तरलता कम हो सकती है, क्योंकि संस्थागत पूंजी नए इक्विटी ऑफरिंग की ओर रुख करेगी” ।
जहां एक ओर खुदरा निवेशकों का पैसा AI टोकन की ओर भागा, वहीं संस्थागत निवेशक ऐतिहासिक गति से Bitcoin और Ethereum ETF से बाहर निकल रहे थे।
Bitcoin ETF:
Ethereum ETF:
ये लगातार निकासी संस्थागत निवेशकों के बीच “सतर्क स्थिति (cautious positioning) के व्यापक रुझान” को दर्शाती हैं । सीधे शब्दों में कहें तो, जहां कहानी (narrative) और रिटेल सट्टेबाजी के दम पर AI टोकन चढ़ रहे थे, वहीं संस्थागत धन चुपचाप सबसे बड़ी और सबसे लिक्विड डिजिटल एसेट्स से अपना जोखिम कम कर रहा था।
यह एक ऐसा विचलन है जो सवाल उठाता है कि AI क्रिप्टो की यह तेजी कितनी टिकाऊ है, खासकर तब जब मेगा IPOs उसी सट्टा पूंजी को खींचना शुरू करें जो फिलहाल AI टोकन के पीछे भाग रही है।
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