व्लादिमीर तकाचुक (53 वर्ष) निजी कंपनी उरालड्रोनज़ावॉड (Uraldronzavod - Ural Drone Plant) के संस्थापक और सीईओ हैं। येकातेरिनबर्ग के बाहरी इलाके बोल्शॉय इस्टॉक गांव में उनकी मर्सिडीज के नीचे लगाए गए एक विस्फोटक में धमाका हो गया । इस विस्फोट में उनके ड्राइवर/बॉडीगार्ड की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तकाचुक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, वह आईसीयू में 'गंभीर स्थिति' में हैं और डॉक्टर उनकी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ।
तकाचुक सिर्फ एक रक्षा अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख प्रचारक भी हैं। वह एक लोकप्रिय युद्ध-समर्थक टेलीग्राम चैनल 'क्रेज़ी अबाउट वॉर' (Повернутые на войне) चलाते हैं, जिसमें वे रूस के यूक्रेन आक्रमण के समर्थन में अतिराष्ट्रवादी पोस्ट करते हैं ।
उरालड्रोनज़ावॉड मुख्य रूप से "उपीर" (रूसी में 'भूत') श्रेणी के FPV (फर्स्ट-पर्सन-व्यू) अटैक ड्रोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए जाना जाता है। यही वो ड्रोन हैं जिनका इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है । इसी उत्पादन के कारण कंपनी पर अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगे हुए हैं ।
रूसी जांच समिति (Investigative Committee) ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। रूसी अधिकारियों ने अभी तक किसी भी संदिग्ध का सार्वजनिक रूप से नाम नहीं लिया है, लेकिन रूसी मीडिया में छपी खबरों में कहा गया है कि इस हमले के पीछे यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है। यह दावा पिछली ऐसी ही घटनाओं के अनुरूप ही है ।
यह धमाका एक हफ्ते के अंदर किसी रूसी ड्रोन अधिकारी पर दूसरा हत्या का प्रयास है । इससे कुछ दिन पहले, 29 जुलाई 2026 को, तुला शहर में एक ड्रोन निर्माता कंपनी रशियन एयर ट्रांसपोर्ट लेबोरेटरी (जो 'ओवॉड' / Gadfly FPV ड्रोन बनाती है) के प्रमुख आंद्रेई चेरेज़ोव को उनके अपार्टमेंट की सीढ़ियों पर कई गोलियां मारी गई थीं। वह बच गए और उनकी हालत स्थिर बताई गई थी ।
ये हमले यूक्रेन द्वारा रूसी रक्षा उद्योग से जुड़े उन लोगों को निशाना बनाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं, जो युद्ध प्रयासों के लिए ड्रोन और मिसाइलों का उत्पादन कर रहे हैं ।
यह धमाका उसी दिन यानी 5 अगस्त 2026 को हुआ जब राष्ट्रपति पुतिन ने कर्नल जनरल डेनिस लियामिन को रूस की नवगठित 'मानवरहित सिस्टम बलों' (Unmanned Systems Forces) का कमांडर नियुक्त किया। यह ड्रोन युद्ध के लिए जिम्मेदार एक नई सैन्य शाखा है । रॉयटर्स के अनुसार, पुतिन ने इसे युद्ध के बीच सैन्य ढांचे में एक 'सुधार' बताया । एक ही दिन एक प्रमुख ड्रोन फैक्ट्री के सीईओ पर हमला और ड्रोन कमांड का औपचारिक गठन यह दर्शाता है कि रूस की युद्ध रणनीति में मानवरहित सिस्टम कितने केंद्रीय हो गए हैं।