Visa अफ्रीका में बैंकों और अपने वैश्विक भुगतान नेटवर्क के बीच स्टेबलकॉइन‑आधारित सेटलमेंट का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार ऐसे पायलट प्रोग्राम “बहुत जल्द” शुरू हो सकते हैं, जो संकेत देता है कि भविष्य में ब्लॉकचेन तकनीक Visa के बैकएंड भुगतान ढांचे का हिस्सा बन सकती है।
यह पहल आम उपभोक्ताओं के लिए क्रिप्टो ट्रेडिंग शुरू करने के बारे में नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक सेटलमेंट, ट्रेज़री ऑपरेशन्स और क्रॉस‑बॉर्डर ट्रांसफर को तेज़ और अधिक कुशल बनाना है—ऐसे क्षेत्र जहाँ पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम अक्सर धीमे और महंगे साबित होते हैं।
Visa जिन पायलट कार्यक्रमों पर काम कर रहा है, उनका लक्ष्य यह जांचना है कि स्वीकृत स्टेबलकॉइन का उपयोग करके बैंक और वित्तीय संस्थान Visa के नेटवर्क के साथ सेटलमेंट कैसे कर सकते हैं। इसका मकसद मौजूदा भुगतान प्रणालियों को हटाना नहीं बल्कि उनके पीछे चलने वाली सेटलमेंट लेयर को डिजिटल बनाना है।
मुख्य बिंदु:
इस मॉडल में स्टेबलकॉइन को निवेश के रूप में नहीं बल्कि एक प्रोग्रामेबल डिजिटल डॉलर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा जो बैकएंड क्लियरिंग और सेटलमेंट में काम आएगा।
Visa के अनुसार अफ्रीका में कई ऐसे वित्तीय ढांचे संबंधी मुद्दे हैं जहाँ स्टेबलकॉइन उपयोगी साबित हो सकते हैं।
पहला कारण क्रॉस‑बॉर्डर भुगतान की जटिलता है। कई अफ्रीकी देशों के बीच पैसे भेजने में कई कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकों की जरूरत पड़ती है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाते हैं। ब्लॉकचेन नेटवर्क पर स्टेबलकॉइन तेज़ ट्रांसफर की संभावना देते हैं।
दूसरा कारण कॉर्पोरेट ट्रेज़री मैनेजमेंट है। अलग‑अलग देशों में फंड मैनेज करना कठिन हो सकता है, खासकर जहाँ मुद्रा में उतार‑चढ़ाव या पूंजी नियंत्रण होते हैं। अमेरिकी डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन कंपनियों को डिजिटल रूप में लिक्विडिटी संभालने का एक विकल्प दे सकते हैं।
तीसरा कारण नियामकीय ढांचे का धीरे‑धीरे विकसित होना है। दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, नाइजीरिया, मॉरीशस और नामीबिया जैसे देशों में लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क उभर रहे हैं, जबकि कई अन्य देशों में रेगुलेटरी सैंडबॉक्स शुरू हो चुके हैं।
Visa इस प्रणाली को अकेले नहीं बना रहा है। कई फिनटेक और डिजिटल‑एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ इसमें शामिल हैं।
Yellow Card
यह पैन‑अफ्रीकी फिनटेक कई देशों में स्टेबलकॉइन इंफ्रास्ट्रक्चर और नियामकीय लाइसेंस के साथ काम करता है। Visa और Yellow Card मिलकर क्रॉस‑बॉर्डर भुगतान और ट्रेज़री मैनेजमेंट जैसे उपयोग‑मामलों की जांच कर रहे हैं।
Aquanow
Visa ने डिजिटल‑एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Aquanow के साथ साझेदारी कर CEMEA (Central & Eastern Europe, Middle East, and Africa) क्षेत्र में स्टेबलकॉइन सेटलमेंट क्षमताएँ बढ़ाई हैं। यह इंटीग्रेशन बैंकों और भुगतान कंपनियों को USDC जैसे स्वीकृत स्टेबलकॉइन के माध्यम से लेनदेन सेटल करने की अनुमति देता है।
इन साझेदारियों का उद्देश्य पारंपरिक भुगतान नेटवर्क और ब्लॉकचेन‑आधारित सेटलमेंट सिस्टम के बीच पुल बनाना है।
अफ्रीका पहले से ही मोबाइल‑मनी और डिजिटल भुगतान का वैश्विक केंद्र माना जाता है। इसलिए नई वित्तीय तकनीकों का परीक्षण यहाँ अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
कुछ प्रमुख आँकड़े इस संभावित अवसर को दिखाते हैं:
इसका मतलब है कि यहाँ के उपभोक्ता और व्यवसाय पहले से ही डिजिटल वॉलेट और मोबाइल भुगतान के आदी हैं। ऐसे में स्टेबलकॉइन तकनीक बैकएंड में जुड़कर मौजूदा डिजिटल इकोसिस्टम को और तेज़ बना सकती है।
Visa की अफ्रीका योजना व्यापक वैश्विक रुझान का हिस्सा है। दुनिया भर में भुगतान कंपनियाँ स्टेबलकॉइन को भुगतान इन्फ्रास्ट्रक्चर की नई सेटलमेंट लेयर के रूप में परख रही हैं।
इस तकनीक से संभावित फायदे शामिल हैं:
Visa ने पहले ही CEMEA क्षेत्र में स्टेबलकॉइन सेटलमेंट क्षमताओं का विस्तार किया है, जो दर्शाता है कि बैंक और भुगतान प्रदाता तेज़ और कम‑घर्षण वाले समाधान की मांग कर रहे हैं।
हालाँकि योजना आगे बढ़ रही है, लेकिन कुछ विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं:
फिलहाल यह परियोजना स्टेबलकॉइन को वास्तविक भुगतान इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में परखने का प्रयोग है। यदि यह सफल रहती है, तो अफ्रीका उन क्षेत्रों में शामिल हो सकता है जहाँ पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम और ब्लॉकचेन‑आधारित सेटलमेंट एक साथ काम करेंगे।
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Visa अफ्रीकी बैंकों और अपने वैश्विक नेटवर्क के बीच स्टेबलकॉइन आधारित सेटलमेंट पायलट शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे क्रॉस‑बॉर्डर भुगतान और लिक्विडिटी मैनेजमेंट तेज़ हो सकते हैं।[1]
Visa अफ्रीकी बैंकों और अपने वैश्विक नेटवर्क के बीच स्टेबलकॉइन आधारित सेटलमेंट पायलट शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे क्रॉस‑बॉर्डर भुगतान और लिक्विडिटी मैनेजमेंट तेज़ हो सकते हैं।[1] यह पहल उपभोक्ता क्रिप्टो ट्रेडिंग के बजाय बैंक‑टू‑नेटवर्क सेटलमेंट, ट्रेज़री ऑपरेशन्स और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।[3][10]
Yellow Card और Aquanow जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स के साथ साझेदारी के जरिए Visa अपने नेटवर्क में USDC जैसे रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन को जोड़कर कम लागत और तेज़ सेटलमेंट का परीक्षण करेगा।[10][4]