चीन की फ्यूज़न से जुड़ी हालिया सुर्खियाँ दो अलग तरह की प्रगति बताती हैं। एक ओर, BEST टोकामैक के लिए बनाया गया बड़ा मैग्नेट परीक्षण से गुज़रा है; दूसरी ओर, ENN Group का कहना है कि उसके EXL-50U उपकरण में हाइड्रोजन-बोरॉन फ्यूज़न प्रतिक्रियाएँ हुईं। ये शोध के अहम पड़ाव हैं—लेकिन इनमें से कोई भी यह साबित नहीं करता कि संबंधित परियोजना ने शुद्ध ऊर्जा हासिल कर ली है या बिजली पैदा की है।
52
19
21
BEST: मैग्नेट तैयार, रिएक्टर अभी नहीं
चीनी विज्ञान अकादमी के प्लाज़्मा भौतिकी संस्थान (ASIPP) ने BEST के लिए 582 मीट्रिक टन का टोरॉइडल-फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट विकसित किया है। BEST यानी बर्निंग प्लाज़्मा एक्सपेरिमेंटल सुपरकंडक्टिंग टोकामैक, चीन के हेफ़ेई शहर में बन रहा है। करीब 21 मीटर लंबे इस मैग्नेट ने विशेषज्ञों की समीक्षा पास की है; उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इसका परीक्षण भी पूरा हो चुका है। यह उपकरण का एक बड़ा हिस्सा है, पूरा फ्यूज़न सिस्टम नहीं।
52
34
35
टोकामैक एक ऐसी प्रयोगात्मक मशीन है जिसमें शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र की मदद से बेहद गर्म प्लाज़्मा को सीमित रखा जाता है। BEST का मकसद चीन के फ्यूज़न कार्यक्रम को प्लाज़्मा भौतिकी के प्रयोगों से आगे, इंजीनियरिंग स्तर के प्रदर्शन की ओर ले जाना है। इसकी भूमिका मौजूदा EAST शोध टोकामैक और प्रस्तावित China Fusion Engineering Demo Reactor (CFEDR) के बीच की कड़ी के रूप में देखी जाती है।
4
1
BEST को 2027 के अंत तक पूरा करने की योजना है। इसके ज़रिए फ्यूज़न से बिजली पैदा करने का प्रदर्शन करीब 2030 में करने का लक्ष्य रखा गया है। ये भविष्य के लक्ष्य हैं, हासिल हो चुके नतीजे नहीं।
50
1
EXL-50U: ENN का हाइड्रोजन-बोरॉन प्रयोग
ENN का कहना है कि उसके कॉम्पैक्ट स्फेरिकल टोकामैक EXL-50U में हाइड्रोजन-बोरॉन फ्यूज़न प्रतिक्रियाएँ हुईं। कंपनी की घोषणा एक प्रयोगात्मक उपलब्धि बताती है; उपलब्ध रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि उपकरण ने बिजली बनाई या शुद्ध ऊर्जा हासिल की।
19
21
यह BEST में प्रस्तावित ड्यूटेरियम-ट्रिटियम प्रयोगों से अलग ईंधन-पथ है। हाइड्रोजन-बोरॉन फ्यूज़न को संभावित रूप से ‘एनीउट्रॉनिक’ कहा जाता है: इसकी अपेक्षित प्रतिक्रिया में आवेशित कण बनते हैं, जबकि ड्यूटेरियम-ट्रिटियम फ्यूज़न में ऊर्जावान न्यूट्रॉन निकलते हैं। यह इसे शोध का अलग रास्ता बनाता है, लेकिन EXL-50U में बताई गई प्रतिक्रियाएँ अपने-आप यह नहीं दिखातीं कि इस तरीके से बिजली बनाना अब व्यावहारिक हो गया है।
19
17
ENN का अगला प्रस्तावित कदम लैंगफ़ांग में बन रहा Helong-2 हाइड्रोजन-बोरॉन प्रयोग मंच है। World Nuclear News के मुताबिक, वहाँ उपकरणों की स्थापना जून 2027 तक शुरू करने लायक तैयारी, उसी साल के अंत तक प्रयोग शुरू करने और 2030 में पहली बिजली पैदा करने का लक्ष्य है। वहीं ENN की अपनी जानकारी प्रोटॉन-बोरॉन से बिजली उत्पादन का प्रदर्शन 2035 तक करने का लक्ष्य देती है। ये अलग-अलग पड़ाव हो सकते हैं; किसी भी तारीख को पूरा हो चुका नतीजा नहीं समझना चाहिए।
18
28
चीन की लंबी योजना में इन पड़ावों की जगह
दोनों परियोजनाएँ अलग रास्तों पर काम कर रही हैं: BEST टोकामैक आधारित तकनीक को इंजीनियरिंग प्रदर्शन की ओर ले जा रहा है, जबकि ENN हाइड्रोजन-बोरॉन को वैकल्पिक ईंधन-पथ के रूप में परख रहा है। चीनी विज्ञान अकादमी ने 2026–2030 की अपनी योजना में नियंत्रित नाभिकीय संलयन को विज्ञान और तकनीक की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। ASIPP ने BEST समेत अपने कुछ शोध मंच अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी खोले हैं।
3
10
लंबी अवधि का लक्ष्य प्रयोगों से इंजीनियरिंग प्रदर्शन तक और आगे चलकर व्यावसायिक रिएक्टरों तक पहुँचना है। BEST के मैग्नेट का परीक्षण ज़रूरी हार्डवेयर में प्रगति है; ENN का दावा एक प्रयोगात्मक परिणाम है। इनमें से कोई भी पड़ाव अपने-आप यह साबित नहीं करता कि व्यावहारिक फ्यूज़न बिजली जल्द ही उपलब्ध होने वाली है।
1
4
21