फिर भी यह अफवाह अहम है, क्योंकि यह बताती है कि अगली पीढ़ी के कंसोल की कहानी सिर्फ “कितना पावरफुल होगा?” तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह भी है: महंगी मेमोरी और अनिश्चित सप्लाई के दौर में Sony कितनी ताकत को आम ग्राहकों की कीमत में फिट कर पाएगी?
पहले की PS6 हार्डवेयर अफवाहें ज्यादा आक्रामक मेमोरी सेटअप की ओर इशारा कर रही थीं: 30GB GDDR7, दस 3GB चिप्स, 160-बिट मेमोरी बस, 32Gbps मेमोरी स्पीड और करीब 640GB/s बैंडविड्थ । कई रिपोर्टों ने इसे PS5 के 16GB मेमोरी पूल की तुलना में बड़ा अपग्रेड बताया था ।
नई रिपोर्ट का सुर ज्यादा लागत-सचेत है। Sina Finance ने हार्डवेयर लीकर KeplerL2 से जुड़े दावों के हवाले से लिखा कि PS6 के लिए 24GB मेमोरी, 1TB SSD और 128-बिट मेमोरी बस वाला कॉन्फिगरेशन ज्यादा “reasonable” यानी व्यावहारिक हो सकता है । उसी रिपोर्ट में कहा गया कि KeplerL2 ने 20GB मेमोरी और 500GB स्टोरेज जैसे और कमज़ोर सुझाव पर असहमति जताई, क्योंकि बहुत ज्यादा कटौती करने से अगली पीढ़ी के कंसोल का मतलब ही कमजोर पड़ जाएगा ।
यानी अफवाह यह नहीं कह रही कि Sony अचानक परफॉर्मेंस छोड़ रही है। बात ज्यादा पुरानी कंसोल-इकॉनॉमिक्स वाली है: कितने दमदार हार्डवेयर को ऐसी कीमत में रखा जाए, जिसे बड़े पैमाने पर बेचा जा सके।
मेमोरी बाजार में दबाव इस पूरी कहानी का बड़ा हिस्सा है। GameSpot ने Bloomberg-संबंधित रिपोर्टिंग और विश्लेषकों के हवाले से लिखा कि मेमोरी चिप्स की कमी का बड़ा कारण AI कंपनियों द्वारा उपलब्ध स्टॉक की भारी खरीदारी बताया जा रहा है, और बढ़ती RAM लागत ने Sony की योजनाओं में “major upset” पैदा किया है । Hypebeast ने भी रिपोर्ट किया कि RAM और NAND स्टोरेज कीमतों में उछाल ने Sony की हार्डवेयर रणनीति को प्रभावित किया है ।
Gigazine ने अलग से रिपोर्ट किया कि AI डेटा सेंटर निर्माण की रफ्तार मेमोरी और हार्ड ड्राइव की मांग बढ़ा रही है, और कुछ रिपोर्टों के हवाले से कहा कि 2026 में डेटा सेंटर मेमोरी सप्लाई का 70% तक इस्तेमाल कर सकते हैं । इसे Sony का आधिकारिक आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार से जुड़ा रिपोर्टेड अनुमान समझना चाहिए। लेकिन तर्क साफ है: अगर AI इंफ्रास्ट्रक्चर DRAM और NAND सप्लाई का बड़ा हिस्सा खींच लेता है, तो कंसोल निर्माताओं के लिए लागत और उपलब्धता दोनों कम अनुमानित हो जाती हैं ।
कंसोल में मेमोरी और स्टोरेज कोई सजावटी फीचर नहीं हैं। वे गेम की दुनिया, टेक्सचर, लोडिंग, डेवलपर टारगेट, लॉन्च सप्लाई और आखिरकार रिटेल प्राइस—सब पर असर डालते हैं।
नई रिपोर्ट का सबसे ध्यान खींचने वाला आंकड़ा है: लगभग $60। Sina Finance के मुताबिक, मौजूदा GDDR7 कीमतों के आधार पर 160-बिट मेमोरी बस से 128-बिट बस पर जाने से PS6 के bill of materials, यानी कंसोल बनाने में लगने वाले पुर्जों के कुल खर्च, में करीब $60 की कमी आ सकती है ।
रिपोर्ट यह भी कहती है कि संकरी बस Sony को आंशिक रूप से दोषपूर्ण चिप्स का बेहतर उपयोग करने और SoC yield सुधारने में मदद कर सकती है, क्योंकि एक मेमोरी कंट्रोलर को निष्क्रिय करना बड़े APU redesign की तुलना में आसान रास्ता हो सकता है । दूसरे शब्दों में, बचत सिर्फ कम मेमोरी खरीदने से नहीं, बल्कि निर्माण प्रक्रिया की बेहतर इकॉनॉमिक्स से भी आ सकती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि 24GB PS6 सीधे दुकान पर $60 सस्ता होगा। BOM में बचत Sony को मार्जिन, सब्सिडी, अलग-अलग क्षेत्रों की कीमत, मुद्रा विनिमय और सप्लाई जोखिम संभालने की ज्यादा जगह दे सकती है।
RAM की क्षमता यानी कितनी मेमोरी उपलब्ध है, सिर्फ आधी कहानी है। मेमोरी बस को सरल भाषा में डेटा जाने की “चौड़ाई” समझिए। बस जितनी चौड़ी होगी, समान मेमोरी स्पीड पर डेटा आवाजाही की संभावित रफ्तार उतनी ज्यादा होगी।
पुरानी 30GB अफवाह में 160-बिट बस और 32Gbps स्पीड के साथ करीब 640GB/s बैंडविड्थ का दावा था । अगर वही 32Gbps स्पीड 128-बिट बस के साथ मानी जाए, तो सीधा अनुमान करीब 512GB/s आता है।
| परिदृश्य | मेमोरी | बस | अनुमानित बैंडविड्थ | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| PS5 आधार | 16GB GDDR6 | — | 448GB/s | मौजूदा कंसोल स्पेक, रिपोर्टों में उद्धृत |
| पुरानी PS6 अफवाह | 30GB GDDR7 | 160-बिट | ~640GB/s | अपुष्ट लीक-आधारित दावा |
| लागत-केंद्रित PS6 अफवाह | 24GB मेमोरी | 128-बिट | समान 32Gbps मानें तो ~512GB/s | अपुष्ट रिपोर्ट; लगभग $60 BOM बचत का दावा |
512GB/s का अनुमान बेस PS5 के 448GB/s से ऊपर होगा, लेकिन कुछ राउंडअप में उद्धृत PS5 Pro के 576GB/s आंकड़े से नीचे रहेगा । इसलिए 128-बिट बस वाली बात मायने रखती है: 24GB मेमोरी फिर भी PS5 से ज्यादा क्षमता देगी, लेकिन 30GB/160-बिट वाली पुरानी अफवाह जितना बैंडविड्थ हेडरूम नहीं देगी।
Sony ने अभी PS6 के आधिकारिक स्पेसिफिकेशन, रिलीज डेट या कीमत का ऐलान नहीं किया है । मई 2026 की टिप्पणियों को कवर करने वाली रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने PS6 की लॉन्च टाइमिंग या कीमत तय नहीं की थी, और मेमोरी शॉर्टेज प्लानिंग को कठिन बना रही थी ।
टाइमिंग को लेकर रिपोर्टें एक जैसी नहीं हैं। TrendForce ने मार्च 2026 में रिपोर्ट किया कि मेमोरी लागत की चिंता के बावजूद Sony 2027–2028 की PS6 लॉन्च योजना बनाए हुए है । दूसरी तरफ, विश्लेषकों और Bloomberg-संबंधित कवरेज का हवाला देने वाली रिपोर्टों ने कहा कि मेमोरी संकट कंसोल को 2028 या 2029 तक धकेल सकता है ।
सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है: सार्वजनिक रिपोर्टिंग में PS6 की लॉन्च विंडो अभी तय नहीं दिखती। किसी भी खास PS6 कीमत को तब तक अटकल मानना चाहिए, जब तक Sony खुद घोषणा न करे।
24GB PS6 को छोटी-मेमोरी वाला कंसोल नहीं कहा जाएगा। PS5 के 16GB पूल की तुलना में 24GB करीब 50% ज्यादा मेमोरी होगी । इससे डेवलपर्स को हाई-रेजोल्यूशन assets, बड़े गेम वर्ल्ड, ज्यादा simulation data और सिस्टम overhead के लिए मौजूदा पीढ़ी से अधिक जगह मिल सकती है।
लेकिन 24GB, 30GB जितनी बड़ी छलांग नहीं है। अगर Sony 160-बिट से 128-बिट बस पर भी जाती है, तो समान 32Gbps धारणा के तहत सैद्धांतिक बैंडविड्थ करीब 640GB/s से घटकर 512GB/s हो जाएगी। इसका व्यावहारिक असर यह हो सकता है कि डेवलपर्स raw memory bandwidth पर निर्भर रहने के बजाय SSD streaming, compression, reconstruction और upscaling तकनीकों का ज्यादा आक्रामक इस्तेमाल करें।
निचोड़ यह है कि अफवाहों वाला 24GB/128-बिट PS6 कमजोर कंसोल का संकेत नहीं, बल्कि कीमत और सप्लाई के बीच समझौते का संकेत हो सकता है। यह Sony को तंग मेमोरी बाजार में बहुत महंगे लॉन्च से बचने की गुंजाइश दे सकता है, लेकिन 30GB/160-बिट वाली पुरानी अफवाह के मुकाबले परफॉर्मेंस हेडरूम कम कर देगा। जब तक Sony आधिकारिक जानकारी नहीं देती, इन रिपोर्टों को अंतिम PS6 स्पेक्स नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के कंसोल डिजाइन पर बढ़ते आर्थिक दबाव की झलक समझना बेहतर होगा।