Non-Super वेरिएंट्स के मुकाबले इनमें परफॉरमेंस का फायदा महज 5 से 10 फीसदी तक ही रहने का अनुमान है। इन कार्ड्स की असली खासियत और इनके पीछे की मुख्य वजह बड़ा VRAM बफर है, जो हाई-रेज़ोल्यूशन गेमिंग और शुरुआती AI कामों के लिए बहुत ज़रूरी है।
सबसे बड़ी खबर 5 जून, 2026 को आई, जब लीकर MEGAsizeGPU ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट किया कि Super प्रोजेक्ट के दोबारा शुरू होने के बाद अब इसमें 12 GB VRAM वाला एक 60-क्लास का प्रोडक्ट भी शामिल होगा। यह कार्ड 128-बिट बस पर चार 3 GB GDDR7 मॉड्यूल का इस्तेमाल करके अपनी क्षमता हासिल करेगा, जिससे 96-बिट कटडाउन (जो 9 GB वेरिएंट के लिए ज़रूरी होता) के परफॉरमेंस समझौतों से बचा जा सकेगा।
लीकर का कहना है कि फिलहाल लॉन्च की कोई तारीख नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि ये सारे कार्ड इसी साल (2026) आ जाएंगे।
इस 'वापस पटरी पर' वाली खबर तक पहुंचने का सफर काफी उथल-पुथल भरा रहा है। Super रिफ्रेश, जिसका कोडनेम 'Kicker' था , की लॉन्च विंडो बार-बार आगे खिसकती गई:
इस पूरे दौर में देरी की जड़ें एक जैसी थीं: GDDR7 की बढ़ती लागत, वैश्विक मेमोरी सप्लाई की कमी और Nvidia के लिए AI चिप्स को प्राथमिकता देने का आर्थिक फायदा।
1 जून को जेन्सेन हुआंग के Computex 2026 के मुख्य भाषण में AI हार्डवेयर का बोलबाला रहा, लेकिन पीसी गेमिंग के लिए यह एक शांत भाषण था। इस शो में Nvidia के RTX Spark (विंडोज लैपटॉप के लिए Arm-बेस्ड सुपरचिप), Vera CPU और Vera Rubin रैक-स्केल सिस्टम का दबदबा रहा। Nvidia ने पुष्टि की कि कीनोट में कोई नया कंज्यूमर GeForce GPU घोषित नहीं किया गया। TechRadar के लाइव कवरेज में कहा गया कि मेमोरी की कमी को देखते हुए Nvidia का कोई नया GPU लॉन्च करने का कोई मूड नहीं है।
5 जून का लीक, कीनोट के कुछ ही दिनों बाद आया, जिसने कहानी को रद्दीकरण से उम्मीद की ओर एक नाटकीय मोड़ दिया। लेकिन यह बदलाव Nvidia की तरफ से नहीं, बल्कि सिर्फ एक लीकर के दावे के कारण आया है। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, यह Super लाइनअप कागजों पर ही मौजूद है और यह कहानी इस बात का सबूत है कि कैसे AI की मांग गेमिंग GPU बाजार को नया आकार दे रही है।
Non-Super वेरिएंट्स के मुकाबले इनमें परफॉरमेंस का फायदा महज 5 से 10 फीसदी तक ही रहने का अनुमान है। इन कार्ड्स की असली खासियत और इनके पीछे की मुख्य वजह बड़ा VRAM बफर है, जो हाई-रेज़ोल्यूशन गेमिंग और शुरुआती AI कामों के लिए बहुत ज़रूरी है।
सबसे बड़ी खबर 5 जून, 2026 को आई, जब लीकर MEGAsizeGPU ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट किया कि Super प्रोजेक्ट के दोबारा शुरू होने के बाद अब इसमें 12 GB VRAM वाला एक 60-क्लास का प्रोडक्ट भी शामिल होगा। यह कार्ड 128-बिट बस पर चार 3 GB GDDR7 मॉड्यूल का इस्तेमाल करके अपनी क्षमता हासिल करेगा, जिससे 96-बिट कटडाउन (जो 9 GB वेरिएंट के लिए ज़रूरी होता) के परफॉरमेंस समझौतों से बचा जा सकेगा।
लीकर का कहना है कि फिलहाल लॉन्च की कोई तारीख नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि ये सारे कार्ड इसी साल (2026) आ जाएंगे।
इस 'वापस पटरी पर' वाली खबर तक पहुंचने का सफर काफी उथल-पुथल भरा रहा है। Super रिफ्रेश, जिसका कोडनेम 'Kicker' था , की लॉन्च विंडो बार-बार आगे खिसकती गई:
इस पूरे दौर में देरी की जड़ें एक जैसी थीं: GDDR7 की बढ़ती लागत, वैश्विक मेमोरी सप्लाई की कमी और Nvidia के लिए AI चिप्स को प्राथमिकता देने का आर्थिक फायदा।
1 जून को जेन्सेन हुआंग के Computex 2026 के मुख्य भाषण में AI हार्डवेयर का बोलबाला रहा, लेकिन पीसी गेमिंग के लिए यह एक शांत भाषण था। इस शो में Nvidia के RTX Spark (विंडोज लैपटॉप के लिए Arm-बेस्ड सुपरचिप), Vera CPU और Vera Rubin रैक-स्केल सिस्टम का दबदबा रहा। Nvidia ने पुष्टि की कि कीनोट में कोई नया कंज्यूमर GeForce GPU घोषित नहीं किया गया। TechRadar के लाइव कवरेज में कहा गया कि मेमोरी की कमी को देखते हुए Nvidia का कोई नया GPU लॉन्च करने का कोई मूड नहीं है।
5 जून का लीक, कीनोट के कुछ ही दिनों बाद आया, जिसने कहानी को रद्दीकरण से उम्मीद की ओर एक नाटकीय मोड़ दिया। लेकिन यह बदलाव Nvidia की तरफ से नहीं, बल्कि सिर्फ एक लीकर के दावे के कारण आया है। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, यह Super लाइनअप कागजों पर ही मौजूद है और यह कहानी इस बात का सबूत है कि कैसे AI की मांग गेमिंग GPU बाजार को नया आकार दे रही है।