Geely समेत अन्य चीनी निर्माताओं को भी इसी तरह के दबाव का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि घरेलू मांग में कमजोरी और वित्तपोषण लागत बढ़ने से मुनाफा घटा है, भले ही निर्यात बढ़ रहे हों।
फिर भी बाजार का आकार अभी भी विशाल है। अप्रैल 2026 में BYD ने चीन के न्यू‑एनर्जी व्हीकल (NEV) बाजार में करीब 3,14,100 वाहनों की बिक्री के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा।
इन चुनौतियों की जड़ चीन का बदलता घरेलू बाजार है।
चीन अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा EV बाजार है, लेकिन कई विश्लेषकों के अनुसार कुछ सेगमेंट में बाजार तेजी से संतृप्ति के करीब पहुंच रहा है। साथ ही सरकारी सब्सिडी कम होने और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से वृद्धि दर धीमी हुई है।
इसके साथ ही उद्योग में कड़ी कीमतों की जंग शुरू हो गई है। कंपनियां बिक्री बनाए रखने के लिए कीमतें घटा रही हैं, जिससे पूरे सेक्टर के मार्जिन दबाव में हैं।
एक परिणाम यह भी है कि निर्यात तेजी से बढ़ा है। चीन के EV और हाइब्रिड वाहनों का निर्यात मार्च में साल‑दर‑साल 140% बढ़कर लगभग 3,49,000 यूनिट तक पहुंच गया।
विदेशी विस्तार में दक्षिण‑पूर्व एशिया तेजी से महत्वपूर्ण बाजार बन रहा है। लेकिन यहां भी सरकारें स्थानीय उद्योग की रक्षा के लिए नीतियां बना रही हैं।
मलेशिया ने हाल ही में EV आयात के लिए कड़े नियम फिर लागू किए हैं, जिससे सस्ते आयातित वाहनों के लिए बाधाएं बढ़ सकती हैं और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।
ऐसे कदम उन चीनी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं जो अपनी वृद्धि के लिए निर्यात पर अधिक निर्भर हो रही हैं।
चीन में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण पारंपरिक वैश्विक ऑटो कंपनियां भी नई रणनीतियां अपना रही हैं।
2026 के बीजिंग ऑटो शो में Volkswagen जैसी कंपनियों ने "In China, for China" रणनीति पर जोर दिया—यानी चीन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर विकसित करना।
यह बदलाव इस तथ्य को दर्शाता है कि चीनी कंपनियां बैटरी तकनीक, सॉफ्टवेयर और वाहन विकास की गति में काफी आगे निकल चुकी हैं, जिससे विदेशी ब्रांडों को तेजी से अनुकूलन करना पड़ रहा है।
बीजिंग ऑटो शो 2026 में EV तकनीक में तेज प्रगति साफ दिखाई दी।
चीनी कंपनियों ने कई नई तकनीकों का प्रदर्शन किया, जैसे:
इस शो में 1,450 से अधिक वाहन और 180 से ज्यादा वैश्विक प्रीमियर प्रस्तुत किए गए, जो उद्योग की तेज़ रफ्तार नवाचार को दर्शाते हैं।
इन बदलावों से यह भी संकेत मिलता है कि आधुनिक EV अब केवल परिवहन साधन नहीं बल्कि “डिजिटल मोबाइल स्पेस” के रूप में विकसित हो रहे हैं।
तकनीक के साथ‑साथ नियामक भी नए सुरक्षा मानक लागू कर रहे हैं।
चीन ने एक नया राष्ट्रीय मानक पेश किया है जिसके तहत 1 जनवरी 2027 से बेची जाने वाली सभी गाड़ियों में मैकेनिकल इमरजेंसी डोर‑रिलीज सिस्टम होना अनिवार्य होगा, ताकि बिजली फेल होने पर भी दरवाज़ा खोला जा सके।
हांगकांग भी इसी तरह के नियमों पर विचार कर रहा है और ऐसे EV पर प्रतिबंध लगा सकता है जिनमें केवल इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल हों। यह कदम दुर्घटना या आग की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के फेल होने के जोखिम के कारण प्रस्तावित किया गया है।
चीन की EV इंडस्ट्री अभी भी दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित हो रही ऑटो इंडस्ट्री में से एक है—लेकिन आसान वृद्धि का दौर खत्म होता दिख रहा है।
अब उद्योग का अगला चरण कुछ प्रमुख प्रवृत्तियों से तय होगा:
आने वाले वर्षों में वही कंपनियां आगे रहेंगी जो एक साथ दो काम कर पाएंगी—वैश्विक स्तर पर विस्तार और बैटरी, सॉफ्टवेयर तथा वाहन तकनीक में लगातार नवाचार।
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