खबरों के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों ने इस मुद्दे पर ध्यान खींचने के लिए टूर्नामेंट के दौरान मीडिया से बातचीत सीमित करने जैसी सामूहिक रणनीति पर भी विचार किया है।
टूर्नामेंट आयोजकों ने इस साल कुल प्राइज मनी में बढ़ोतरी की है। 2026 फ्रेंच ओपन की कुल प्राइज मनी लगभग €61.7 मिलियन रखी गई है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 10% अधिक है।
फिर भी कई खिलाड़ियों का कहना है कि मुद्दा सिर्फ प्राइज मनी बढ़ाने का नहीं है, बल्कि कुल राजस्व में खिलाड़ियों के हिस्से का है। उनका लक्ष्य यह है कि ग्रैंड स्लैम आयोजनों में भी खिलाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 22% के स्तर तक पहुंचे, जैसा वे अन्य टूर्नामेंटों में देखते हैं।
2026 संस्करण में रोलां गैरोस ने तकनीक के क्षेत्र में भी एक नया कदम उठाया है।
पहली बार टूर्नामेंट के सभी 24 इवेंट्स—जिनमें कुल 899 मैच निर्धारित हैं—में खिलाड़ियों को कनेक्टेड डिवाइस के जरिए बायोमेट्रिक डेटा रिकॉर्ड करने की अनुमति दी गई है।
इस पायलट कार्यक्रम के जरिए खिलाड़ी अपने शारीरिक प्रदर्शन, थकान, रिकवरी और मैच के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया जैसे आंकड़े ट्रैक कर सकेंगे। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतर तैयारी और फिटनेस प्रबंधन में मदद देना है।
रोलां गैरोस दुनिया के सबसे बड़े टेनिस आयोजनों में से एक है। दो हफ्तों में यहां 24 प्रतियोगिताएं और लगभग 900 मैच खेले जाते हैं, जिनमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेते हैं।
दर्शकों की संख्या भी हर साल काफी बड़ी होती है। उदाहरण के तौर पर, 2022 में पूरे टूर्नामेंट के दौरान 613,586 दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे—जो एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड था।
टूर्नामेंट के पहले दिन की चर्चा मुख्य रूप से संरचनात्मक मुद्दों—खासकर राजस्व बंटवारे और खिलाड़ियों की मांगों—पर केंद्रित रही है।
जैसे‑जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, ध्यान धीरे‑धीरे फिर से कोर्ट पर होने वाले मुकाबलों और संभावित उलटफेरों पर जाएगा। लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए प्राइज मनी और राजस्व हिस्सेदारी का विवाद पूरे फ्रेंच ओपन 2026 की सबसे बड़ी कहानी बन सकता है।