विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ऊर्जा संक्रमण सूचकांक 2026 के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा निवेश 2025 में $3.3 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें से लगभग $2.3 ट्रिलियन स्वच्छ ऊर्जा में लगा। हालांकि, कुल स्कोर सिर्फ 0.03% बढ़ा और 'संक्रमण तैयारी' (ट्रांज़िशन रेडीनेस) में एक दशक से अधिक समय में पहली बार गिरावट आई, जो नी...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key findings of the World Economic Forum's Energy Transition Index 2026, including the first decline in global energy transitio. Article summary: Here are the key findings of the World Economic Forum's Energy Transition Index (ETI) 2026, published on 18 June 2026.. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative
विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने 18 जून 2026 को अपना 16वां वार्षिक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ETI) 2026 जारी किया, जो 120 देशों में ऊर्जा परिवर्तन की प्रगति को ट्रैक करता है। रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष चौंकाने वाला है: $3.3 ट्रिलियन के रिकॉर्ड वैश्विक ऊर्जा निवेश के बावजूद प्रगति की रफ्तार धीमी पड़ गई है, और पहली बार एक दशक में संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल (इनेबलिंग एनवायरनमेंट) कमजोर हुआ है ।
2026 में कुल ETI स्कोर स्थिर रहे, साल-दर-साल सिर्फ +0.03% की मामूली बढ़त दर्ज की गई । ऊर्जा प्रणाली के प्रदर्शन में मामूली सुधार हुआ, लेकिन इसकी भरपाई ट्रांज़िशन रेडीनेस उप-सूचकांक में गिरावट ने कर दी। यह उप-सूचकांक नीति, बुनियादी ढांचे, निवेश और नवाचार जैसे भविष्य की प्रगति के लिए ज़रूरी हालात को मापता है
। WEF स्थिति को "उलट नहीं, लेकिन बिखरता और असमान होता हुआ" बता रहा है
।
2025 में वैश्विक ऊर्जा निवेश $3.3 ट्रिलियन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिसमें से लगभग $2.3 ट्रिलियन स्वच्छ ऊर्जा में गया । नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा ने मिलकर दुनिया की 42% बिजली पैदा की, और नवीकरणीय क्षमता में लगभग 800 गीगावॉट का इज़ाफा हुआ
। लेकिन इन लाभों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है: ग्रिड कंजेशन (बिजली आपूर्ति में रुकावट), परमिट में देरी, व्यापार प्रतिबंध और संघर्ष-आधारित व्यवधान निवेश को सिस्टम-स्तरीय प्रगति में बदलने से रोक रहे हैं
। ट्रांज़िशन रेडीनेस में गिरावट संकेत देती है कि स्थायी प्रगति के लिए बुनियादी शर्तें कमज़ोर हो रही हैं
।
स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क ने वैश्विक स्तर पर अपने शीर्ष तीन स्थान बरकरार रखे हैं, जो मजबूत बुनियादी ढांचे, विविध कम-कार्बन ऊर्जा प्रणालियों और दीर्घकालिक नीतिगत स्थिरता को दर्शाता है । शीर्ष 20 में से 14 स्थान उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के पास हैं
।
भारत दो स्थान चढ़कर 70वें स्थान पर पहुंच गया और वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत सुधार करने वाले देशों में शामिल रहा, खासकर ट्रांज़िशन रेडीनेस में । यह सुधार ऊर्जा पहुंच, दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा तैनाती में वृद्धि के कारण हुआ, जबकि वैश्विक पृष्ठभूमि खराब हो रही थी
।
सऊदी अरब को मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र का स्टैंडआउट देश बताया गया। इसका कुल ETI स्कोर 1.5% बढ़कर 57.4 हो गया । यह सुधार मजबूत वित्तीय समर्थन, त्वरित नवीकरणीय ऊर्जा तैनाती और बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज में निवेश के कारण संभव हुआ
। सऊदी अरब, इज़राइल और यूएई के साथ मिलकर इस क्षेत्र में वैश्विक औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं
।
रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण जोखिमों को रेखांकित करती है:
WEF ने सक्षम माहौल को फिर से मजबूत करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया है, जिसमें शामिल हैं: ग्रिड बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, बैटरी स्टोरेज को बढ़ाना, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना, और रिकॉर्ड निवेश को ठोस परिणामों में बदलने के लिए दीर्घकालिक नीतिगत स्थिरता बनाए रखना ।
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विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ऊर्जा संक्रमण सूचकांक 2026 के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा निवेश 2025 में $3.3 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें से लगभग $2.3 ट्रिलियन स्वच्छ ऊर्जा में लगा।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ऊर्जा संक्रमण सूचकांक 2026 के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा निवेश 2025 में $3.3 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें से लगभग $2.3 ट्रिलियन स्वच्छ ऊर्जा में लगा। हालांकि, कुल स्कोर सिर्फ 0.03% बढ़ा और 'संक्रमण तैयारी' (ट्रांज़िशन रेडीनेस) में एक दशक से अधिक समय में पहली बार गिरावट आई, जो नीतिगत और बुनियादी ढांचे की कमजोरी को दर्शाता है।
भारत ने दो स्थान की छलांग लगाकर 70वां स्थान हासिल किया और संक्रमण तैयारी में सबसे ज्यादा सुधार करने वाले देशों में शामिल रहा, जबकि स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क ने शीर्ष स्थान बरकरार रखा।