ईरानी हैकर्स पश्चिमी AI मॉडलों जैसे ChatGPT और Gemini का व्यवस्थित इस्तेमाल कर अमेरिकी इज़राइली नेटवर्क के लिए मैलवेयर लिख रहे हैं, और बेहतरीन हिब्रू अरबी में फिशिंग संदेश तैयार कर रहे हैं [1][4][5]। Google के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने पहले ही ईरान को Gemini का सबसे आक्रामक सरकारी दुरुपयोगकर्ता बताया था, जो जनवरी 20...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key findings of the Financial Times investigation into Iran's use of Western AI tools like ChatGPT and Gemini for cyber operati. Article summary: Here are the key findings from the recent **Financial Times** investigation (published late May 2026) on Iran's weaponization of Western AI tools, as reported by multiple outlets that have summarized the FT's reporting.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "According to a report by the Financial Times, Iranian-linked operators have used Western AI tools including ChatGPT and Gemini to develop malware, craft phishing campaigns in Hebre" source context "Report: Iran Uses Western AI for Cyberattacks | Let's Data Science" Reference image 2: visual subject "# Financial Ti
मई 2026 के अंत में प्रकाशित फाइनेंशियल टाइम्स (Financial Times) की एक विस्फोटक जांच ने उजागर किया है कि कैसे ईरान का सैन्य और खुफिया तंत्र पश्चिमी वाणिज्यिक AI उपकरणों—OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini—को व्यवस्थित रूप से हथियार बना रहा है। ये वही जनरेटिव AI टूल्स हैं जो आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन अब ये अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी देशों के खिलाफ साइबर ऑपरेशनों को अंजाम देने का ज़रिया बन गए हैं। रिपोर्ट में साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं और ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एक राज्य-संचालक इन AI मॉडलों की मदद से परिष्कृत साइबर हमलों की राह की बड़ी बाधाओं को तेज़ी से पार कर रहा है ।
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने खुलासा किया कि वह हर दिन 5,00,000 से 7,00,000 साइबर हमले की कोशिशों को झेल रहा है—यह संख्या क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने से पहले की तुलना में लगभग तीन गुना है। अधिकारियों ने इस भारी बढ़ोतरी के लिए सीधे तौर पर AI का इस्तेमाल कर रहे ईरान से जुड़े एक्टर्स को जिम्मेदार ठहराया है ।
FT की जांच में ईरान के आक्रामक साइबर प्लेबुक में AI के पूर्ण-स्पेक्ट्रम एकीकरण का विस्तृत विवरण दिया गया है। हैकर्स केवल प्रयोग नहीं कर रहे हैं; वे पूरे अटैक चेन में इन उपकरणों को शामिल कर रहे हैं।
मैलवेयर डेवलपमेंट: ईरानी संचालक अमेरिकी और इज़राइली नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए ChatGPT और Gemini से दुर्भावनापूर्ण कोड लिखने का संकेत दे रहे हैं, जिससे मैलवेयर का उत्पादन पहले से कहीं अधिक तेज़ हो गया है । यह पिछली निगरानियों से एक बड़ा कदम है। जनवरी 2025 की एक रिपोर्ट में Google के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने बताया था कि हालांकि ईरानी जासूस स्क्रिप्टिंग के लिए Gemini का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन कंपनी की तत्कालीन सुरक्षा व्यवस्था ने मॉडल को वास्तविक मैलवेयर उत्पन्न करने से रोक दिया था
। मई 2026 तक आते-आते, लगता है कि ये सुरक्षा उपाय विफल हो गए या इन्हें दरकिनार कर दिया गया।
धाराप्रवाह फिशिंग: ऑपरेशनल दृष्टि से सबसे अहम खोज यह है कि ईरान बेदाग हिब्रू और अरबी में फिशिंग संदेश तैयार करने के लिए AI का उपयोग कर रहा है। पहले, खराब व्याकरण और अप्राकृतिक वाक्यांश वो चेतावनी संकेत थे जो लक्ष्यों को दुर्भावनापूर्ण ईमेल की पहचान करने में मदद करते थे। अब AI-जनित प्रलोभन ऐसे लिखे जाते हैं मानो किसी स्थानीय वक्ता ने लिखे हों, जिससे ईरानी संचालक भरोसेमंद संपर्कों का कायल होकर अमेरिकी और इज़राइली अधिकारियों को खतरनाक लिंक पर क्लिक करने के लिए हेरफेर कर सकते हैं ।
फर्जी ऑनलाइन पहचान: ईरानी हैकर्स AI का इस्तेमाल कर पूरी तरह से फर्जी पहचान बना रहे हैं—तस्वीरें, पेशेवर पृष्ठभूमि और बातचीत की शैलियाँ—ताकि समय के साथ अपने लक्ष्यों का विश्वास जीत सकें और फिर सोशल इंजीनियरिंग हमले शुरू कर सकें । इससे जुड़ाव की अवधि बढ़ जाती है और सफल सेंधमारी की संभावना बढ़ जाती है।
संपूर्ण किल-चेन एकीकरण: एक साइबर सुरक्षा विश्लेषक ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, "हमें संकेत दिख रहे हैं कि वे पूरे समय AI संकेतों का उपयोग कर रहे हैं," यह बताते हुए कि कैसे AI शुरुआती टोही और लक्ष्य अनुसंधान से लेकर पेलोड डिलीवरी तक पूरे ऑपरेशन का समर्थन करता है ।
AI-संचालित इस तेज़ी की मानवीय कीमत खाड़ी में सबसे अधिक दिखाई दे रही है। अबू धाबी आपातकाल, संकट और आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, UAE ईरान से जुड़े राज्य एक्टर्स से हर दिन 5,00,000 से 7,00,000 साइबर हमलों की कोशिशों का सामना कर रहा है ।
UAE सरकार के साइबर सुरक्षा प्रमुख, मोहम्मद हमद अल कुवैती ने अप्रैल 2026 में खलीज टाइम्स को पुष्टि की कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद से दैनिक हमले लगभग 2,00,000 से बढ़कर लगभग 6,00,000 तक पहुँच गए हैं । अल कुवैती ने विशेष रूप से कहा कि राज्य समर्थित हैकर्स इन हमलों को अंजाम देने के लिए ChatGPT और अन्य AI उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, और कहा कि AI के एकीकरण ने इन्हें अधिक परिष्कृत और पहचानना मुश्किल बना दिया है
।
संकट और आपदा प्रबंधन केंद्र की "संकट के दौरान साइबर सुरक्षा जागरूकता गाइड" के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में अकेले फिशिंग की घटनाओं में 32% की वृद्धि हुई, जिसमें जनता में दहशत पैदा करने के उद्देश्य से डीपफेक-संचालित दुष्प्रचार अभियानों की चेतावनी भी दी गई । हमलों ने पूरे खाड़ी में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया है, जिसमें ईरान समर्थित राज्य एक्टर्स 40 से अधिक प्रॉक्सी संगठनों और समर्थकों के माध्यम से काम कर रहे हैं
।
FT की जांच पहले की खुफिया जानकारी पर आधारित है। जनवरी 2025 में—ईरान संघर्ष के पूर्ण विस्तार से एक साल से भी अधिक पहले—Google के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने रिपोर्ट दी थी कि चार निगरानी वाले देशों (चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया) में Gemini के सभी पहचाने गए राज्य-समर्थित दुरुपयोग का 75% ईरानी सरकार-समर्थित साइबर एक्टर्स ने किया ।
उस समय Google की रिपोर्ट ने 10 से अधिक ईरानी साइबर समूहों की पहचान की थी जो फिशिंग अभियानों, रक्षा संगठनों की टोह लेने और सॉफ़्टवेयर स्क्रिप्ट लिखने के लिए Gemini का उपयोग कर रहे थे। कंपनी ने स्वीकार किया कि उस समय उसके गार्डरेल्स ने मैलवेयर निर्माण को रोक दिया था, लेकिन मई 2026 के FT के निष्कर्ष बताते हैं कि तब से वे सुरक्षा उपाय विफल हो गए हैं या उन्हें दरकिनार कर दिया गया है ।
FT की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि ईरान का वाणिज्यिक AI का हथियारीकरण केवल साइबर ऑपरेशनों तक सीमित नहीं है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और व्यापक ईरानी सैन्य संस्थान सक्रिय रूप से सभी शाखाओं में AI एकीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं ।
सैन्य AI विकास के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
यह संस्थागत अभियान ईरान को एक व्यापक प्रवृत्ति के केंद्र में रखता है जिसमें पश्चिमी कंपनियों द्वारा नागरिक उपयोग के लिए बनाए गए वाणिज्यिक AI उपकरण असममित युद्ध के साधन बनते जा रहे हैं।
यह खुलासा AI डेवलपर्स के लिए एक जटिल नैतिक चुनौती पेश करता है। जिन उपकरणों का ज्ञान के लोकतंत्रीकरण के लिए विपणन किया गया, उन्हीं का अब भू-राजनीतिक संघर्षों में तेज़ी से हथियारीकरण हो रहा है। सुरक्षा उपाय, चाहे कितने भी मज़बूत क्यों न हों, अब एक कटिबंधित और प्रतिबद्ध राज्य-संचालक द्वारा लगातार परीक्षण और दरकिनार किए जाने का सामना कर रहे हैं।
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ईरानी हैकर्स पश्चिमी AI मॉडलों जैसे ChatGPT और Gemini का व्यवस्थित इस्तेमाल कर अमेरिकी इज़राइली नेटवर्क के लिए मैलवेयर लिख रहे हैं, और बेहतरीन हिब्रू अरबी में फिशिंग संदेश तैयार कर रहे हैं [1][4][5]।
ईरानी हैकर्स पश्चिमी AI मॉडलों जैसे ChatGPT और Gemini का व्यवस्थित इस्तेमाल कर अमेरिकी इज़राइली नेटवर्क के लिए मैलवेयर लिख रहे हैं, और बेहतरीन हिब्रू अरबी में फिशिंग संदेश तैयार कर रहे हैं [1][4][5]। Google के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने पहले ही ईरान को Gemini का सबसे आक्रामक सरकारी दुरुपयोगकर्ता बताया था, जो जनवरी 2025 तक चार निगरानी वाले देशों में 75% दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार था [14][16]।
UAE रोज़ाना 5,00,000 से 7,00,000 साइबर हमलों की चपेट में है, जो संघर्ष से पहले की तुलना में तीन गुना है, और सरकारी अधिकारी सीधे तौर पर ईरान समर्थित एक्टर्स और AI टूल्स को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं [32][34]।