28 मई, 2026 को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा के 70% हिस्से पर कब्जा करने का आदेश दिया, जो अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के तहत रखे गए 53% हिस्से से बहुत बड़ी बढ़ोतरी है। युद्धविराम के दूसरे चरण की बातचीत 'पूरी तरह से धराशायी' होने की कगार पर है, क्योंकि हमास स्पष्ट तौर पर निरस्त्रीकरण से इनकार...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key developments in Israel's expanding military control of Gaza as of late May 2026, including Netanyahu's order to seize 70% o. Article summary: Here is a summary of the key developments as of late May 2026:. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Benjamin Netanyahu has said he has given orders to the Israeli army to seize control of 70% of the Gaza Strip in a move that threatens to torpedo an already fragile ceasefire and c" source context "Netanyahu orders Israeli army to seize '70% of Gaza Strip', violating ..." Reference image 2: visual subject "Benjamin Netanyahu has said he has given orders to the Israeli army to seize control of 70% of the Gaza Strip in a move that threatens to torpedo an already fragile
अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ गाजा का नाजुक युद्धविराम अब पूरी तरह से बिखरता नजर आ रहा है। इजरायल ने अपने क्षेत्रीय कब्जे को नाटकीय ढंग से बढ़ाते हुए एक ऐसी दीर्घकालिक योजना को गति दे दी है जिसका मकसद फिलिस्तीनियों का बड़े पैमाने पर विस्थापन है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्धविराम की शर्तों को सीधी और खुली चुनौती देते हुए सेना को गाजा पट्टी के 70% हिस्से पर नियंत्रण करने का आदेश दिया है, जबकि समझौते के तहत उन्हें केवल 53% हिस्से पर रहने की अनुमति थी । यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब समझौते के दूसरे चरण की बातचीत पूरी तरह ठप है, हमास निरस्त्रीकरण से इनकार कर रहा है, और मानवीय स्थिति दिनों-दिन भयावह होती जा रही है।
अक्टूबर 2025 के युद्धविराम का अब तक का सबसे बड़ा उल्लंघन 28 मई, 2026 को हुआ, जब नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) को फिलिस्तीनी क्षेत्र पर अपना नियंत्रण 70% तक बढ़ाने का निर्देश दिया । वेस्ट बैंक की एक अवैध इजरायली बस्ती में आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा, "हम अभी हमास को निचोड़ रहे हैं। फिलहाल पट्टी के 60 प्रतिशत हिस्से पर हमारा नियंत्रण है... मेरा निर्देश है कि इसे... 70 प्रतिशत तक ले जाया जाए"
। यह घोषणा उस क्रमिक विस्तार की नीति को स्पष्ट करती है जो महीनों से जारी थी। मई 2026 के मध्य में ही, नेतन्याहू ने स्वीकार किया था कि आईडीएफ का नियंत्रण बढ़कर 60% हो गया है, जो शुरुआती 53% से अधिक था, और कहा था कि इजरायल "हमास पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है"
।
यह चरणबद्ध विस्तार युद्धविराम द्वारा स्थापित "येलो लाइन" (सीमांकन रेखा) के मूलभूत टूटने को दर्शाता है । अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और कई मीडिया आउटलेट्स ने इस आदेश को युद्धविराम का सीधा उल्लंघन और एक ऐसा कदम बताया जो "पहले से ही नाजुक युद्धविराम को तारपीडो करने और भयावह मानवीय स्थितियां पैदा करने की धमकी देता है"
। बची हुई आबादी को एक सिकुड़ते तटीय इलाके में ठूंस दिया गया है, और रिपोर्टों के अनुसार अब 21 लाख लोग पट्टी के महज 40% हिस्से में सिमट कर रहने को मजबूर हैं
।
यह क्षेत्रीय विस्तार युद्धविराम के दूसरे चरण के लिए पूरी तरह से रुकी हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में हो रहा है। इसका केंद्रीय और सबसे पेचीदा मुद्दा है हमास का निरस्त्रीकरण से इनकार। अमेरिका द्वारा स्थापित इंटरनेशनल बोर्ड ऑफ पीस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट दी कि हमास युद्ध विराम के बाद के चरणों को लागू करने में "प्रमुख बाधा" है, और इसके हथियारों के सत्यापित विनाश की प्रक्रिया को स्वीकार करने से इनकार को इसका कारण बताया । बोर्ड ऑफ पीस के शीर्ष राजनयिक, अमेरिकी दूत निकोले म्लाडेनोव ने साफ तौर पर कहा है कि पूरा युद्धविराम "हमास के निरस्त्रीकरण पर टिका है"
।
हमास अपने रुख पर अड़ा है, और यह कहता है कि जब तक इजरायल पहले योजना के पहले चरण के तहत अपने दायित्वों को पूरा नहीं करता, तब तक वह निरस्त्रीकरण पर चर्चा नहीं करेगा। समूह युद्धविराम रेखा से आगे हथियाई गई जमीन से पूर्ण इजरायली वापसी और मानवीय सहायता व पुनर्निर्माण सामग्री के निर्बाध प्रवेश की मांग करता है । नतीजतन, बातचीत "पूरी तरह से धराशायी होने की कगार" पर पहुंच गई है, और इजरायली सुरक्षा प्रतिष्ठान खुले तौर पर पूर्ण पैमाने पर युद्ध की संभावित बहाली की तैयारी कर रहा है
। यह गतिरोध पट्टी को तबाही की निलंबित स्थिति में छोड़े हुए है, जहां बड़ी पुनर्निर्माण परियोजनाएं उसी निरस्त्रीकरण पर सशर्त हैं जिसे अस्वीकार किया जा रहा है
।
जहां सैन्य दबाव तेज हुआ है, वहीं इजरायली सरकार गाजा से फिलिस्तीनियों के बड़े पैमाने पर जाने की दीर्घकालिक योजनाओं को भी आधिकारिक रूप दे रही है। 27 और 28 मई, 2026 को रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने 'स्वैच्छिक प्रवासन' की योजना को "सही समय और सही तरीके से" लागू करने की सरकारी प्रतिबद्धता दोहराई । सरकार पहले ही रक्षा मंत्रालय के भीतर एक नया निदेशालय स्थापित कर चुकी है, जिसका काम जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग से 'गाजा निवासियों के उनके स्वैच्छिक प्रस्थान के लिए सुरक्षित और नियंत्रित मार्ग' उपलब्ध कराना है
।
इजरायल इस पहल को एक मानवीय कदम के रूप में पेश करता है, जिससे नागरिकों को युद्ध क्षेत्र छोड़ने की अनुमति मिलेगी। काट्ज ने कहा है, "हमास ने गाजा निवासियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया... और अब उन्हें बंधक बनाकर रख रहा है, मानवीय सहायता के इस्तेमाल से उनसे पैसे ऐंठ रहा है, और उन्हें गाजा छोड़ने से रोक रहा है।" । हालांकि, मानवाधिकार पर्यवेक्षक और अंतरराष्ट्रीय निकाय इस ढांचे को खारिज करते हैं, और इस योजना को जबरन विस्थापन या जातीय सफाए की नीति बताते हैं - एक ऐसा आरोप जिसका इजरायली सरकार खंडन करती है
।
प्रवासन योजना का नेतन्याहू के धुर-दक्षिणपंथी गठबंधन सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक समर्थन किया है, जो इसे "एकमात्र यथार्थवादी समाधान" मानते हैं। वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने पहले इजरायल से गाजा के 22 लाख फिलिस्तीनियों में से आधे को दो साल के भीतर प्रवास के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया था । स्मोट्रिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर जैसी हस्तियों का यह आंतरिक राजनीतिक दबाव, जो गाजा में स्थायी इजरायली बस्तियों और सैन्य नियंत्रण की पुनर्स्थापना की वकालत करते हैं, अक्टूबर 2026 में निर्धारित चुनावों से पहले क्षेत्रीय कब्जे और जनसंख्या स्थानांतरण की सरकार की आक्रामक दोहरी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ प्रदान करता है
।
जारी सैन्य अभियानों और विस्तार ने नाममात्र के युद्धविराम के बावजूद भी नागरिक आबादी से भारी कीमत वसूलना जारी रखा है। अक्टूबर 2025 में युद्धविराम लागू होने के बाद से, इजरायली हमलों में 870 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं । ये मौतें, जो बढ़ते जमीनी अभियानों और हवाई बमबारी का नतीजा हैं, युद्धविराम के शत्रुता समाप्ति के वादे और जमीनी हिंसक हकीकत के बीच की विशाल खाई को रेखांकित करती हैं।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
28 मई, 2026 को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा के 70% हिस्से पर कब्जा करने का आदेश दिया, जो अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के तहत रखे गए 53% हिस्से से बहुत बड़ी बढ़ोतरी है।
28 मई, 2026 को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा के 70% हिस्से पर कब्जा करने का आदेश दिया, जो अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के तहत रखे गए 53% हिस्से से बहुत बड़ी बढ़ोतरी है। युद्धविराम के दूसरे चरण की बातचीत 'पूरी तरह से धराशायी' होने की कगार पर है, क्योंकि हमास स्पष्ट तौर पर निरस्त्रीकरण से इनकार कर रहा है और इजरायल हथियारों के सत्यापित विनाश पर अड़ा है।
इसी दौरान, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने गाजा से फिलिस्तीनियों के 'स्वैच्छिक प्रवासन' की योजना पर फिर जोर दिया, जिसकी मानवाधिकार समूह 'जातीय सफाए' के रूप में निंदा करते हैं।