यहाँ इस ऐतिहासिक हमले, इस संयंत्र और यूक्रेन की लंबी दूरी की स्ट्राइक रणनीति के बारे में अब तक ज्ञात जानकारी प्रस्तुत है।
यह ऑपरेशन यूक्रेन के स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज (SOF) की डीप स्ट्राइक यूनिट और रूसी विद्रोही आंदोलन "चोर्नाया इस्क्रा" (ब्लैक स्पार्क) के समन्वय से किया गया । यूक्रेनी विशेष बलों द्वारा संचालित ड्रोन ने टोबोल्स्क में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सीमा से 2,200 किमी से अधिक की दूरी तय की ।
प्राथमिक प्रहार सेंट्रल गैस फ्रैक्शनेशन यूनिट (CGFU) पर किया गया। इसके बाद तकनीकी प्रक्रियाओं को तत्काल रोक दिया गया और एक बड़ी दुर्घटना को रोकने के लिए दबाव में मौजूद हाइड्रोकार्बन गैसों को फ्लेयर्स में छोड़ा गया । सोशल मीडिया पर आए वीडियो और तस्वीरों में कॉम्प्लेक्स से भीषण आग और काले धुएं को देखा जा सकता है ।
SIBUR होल्डिंग कंपनी के स्वामित्व वाला जैपसिबनेफ्टेखिम, रूस का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है और दुनिया के सबसे बड़े कॉम्प्लेक्स में से एक है । इसकी मुख्य उत्पादन क्षमता इस प्रकार है:
टोबोल्स्क स्थित यह साइट रूस के कुल पॉलीइथिलीन और पॉलीप्रोपाइलीन उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है ।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, यह उद्यम रूस के सैन्य-औद्योगिक परिसर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चा माल तैयार करता है । हालांकि जैपसिबनेफ्टेखिम मुख्य रूप से वाणिज्यिक पॉलिमर (पॉलीइथिलीन, पॉलीप्रोपाइलीन) का उत्पादन करता है, लेकिन ये रासायनिक फीडस्टॉक सैन्य उपकरणों के निर्माण में आवश्यक होते हैं, जिसमें विस्फोटक, प्रणोदक, मिश्रित सामग्री और अन्य रक्षा-संबंधित घटक शामिल हैं । यह संयंत्र SIBUR होल्डिंग के माध्यम से पुतिन के करीबी सर्कल से भी जुड़ा हुआ है ।
यह हमला युद्ध में अब तक के सबसे लंबी दूरी के यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक है – लगभग 2,200-2,250 किमी की दूरी इसे किसी भी ज्ञात पूर्व हमले से अधिक गहराई तक रूसी क्षेत्र में ले जाती है । यह यूक्रेन के उस चल रहे अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य रूस के ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है। कीव की इस रणनीति में शामिल हैं:
यह हमला रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और रासायनिक संयंत्रों के खिलाफ यूक्रेनी ड्रोन हमलों के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर रूस के अंदरूनी हिस्सों तक फैला हुआ है।