अमेरिका-ईरान युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर: कुवैत एयरपोर्ट हमले से लेकर ठप वार्ता तक, पूरी कहानी
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले... इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जम...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले...
इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियों के मुद्दे जटिल बने हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को 'मैसिव लाइफ सपोर्ट' पर बताया है।
क्षेत्रीय शक्तियां कुवैत और बहरीन अलर्ट पर हैं, वे मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर रही हैं। यह संघर्ष अब नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक विमानन को सीधे खतरा पहुंचा रहा है।
What are the key details of the recent US-Iran military strikes in the Persian Gulf that have strained the April ceasefire, including the spA passenger terminal at Kuwait International Airport after it was hit by an Iranian drone strike on June 3, 2026, testing the fragile US-Iran ceasefire.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key details of the recent US-Iran military strikes in the Persian Gulf that have strained the April ceasefire, including the sp. Article summary: ## Recent US-Iran Strikes and the Strained April Ceasefire. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Iran fired ballistic missiles and drones toward Bahrain and Kuwait as the U.S. hit Iranian radar and surveillance sites, jolting a fragile" source context "A new exchange of fire with Iran in the gulf tests the fragile ceasefire - Los Angeles Times" Reference image 2: visual subject "Iran fired ballistic missiles and drones toward Bahrain and Kuwait as the U.S. hit Iranian radar and surveillance sites, jolting a fragile" source context "A new exchange of fire with Iran in
openai.com
अमेरिका और ईरान के बीच 7-8 अप्रैल 2026 को पांच सप्ताह के खुले युद्ध को समाप्त करने के लिए जो युद्धविराम हुआ था, वह अब चरमरा गया है, हालांकि यह पूरी तरह से टूटा नहीं है। मई के अंत से लेकर अब तक दोनों पक्षों के बीच सैन्य हमलों का सिलसिला जारी है, जिसकी परिणति कुवैत के एक व्यस्त नागरिक हवाई अड्डे पर घातक ड्रोन हमले के रूप में हुई। शांति वार्ता ठप है, विवादास्पद नौसैनिक नाकाबंदी जारी है और क्षेत्रीय सहयोगी इस आग की चपेट में हैं। आइए, इस बढ़ते तनाव, युद्धविराम की स्थिति और प्रमुख खिलाड़ियों के बयानों पर विस्तार से नज़र डालते हैं।
अप्रैल का युद्धविराम: एक नाजुक नींव
यह मूल समझौता 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष को रोकने के लिए अंतिम समय में किया गया एक सौदा था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे । पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ यह दो सप्ताह का युद्धविराम इज़राइल को भी शामिल करता था और यह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की शर्त पर था ।
Studio Global AI
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"अमेरिका-ईरान युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर: कुवैत एयरपोर्ट हमले से लेकर ठप वार्ता तक, पूरी कहानी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले... इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियों के मुद्दे जटिल बने हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को 'मैसिव लाइफ सपोर्ट' पर बताया है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
क्षेत्रीय शक्तियां कुवैत और बहरीन अलर्ट पर हैं, वे मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर रही हैं। यह संघर्ष अब नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक विमानन को सीधे खतरा पहुंचा रहा है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर: कुवैत एयरपोर्ट हमले से लेकर ठप वार्ता तक, पूरी कहानी
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले... इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जम...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले...
इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियों के मुद्दे जटिल बने हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को 'मैसिव लाइफ सपोर्ट' पर बताया है।
क्षेत्रीय शक्तियां कुवैत और बहरीन अलर्ट पर हैं, वे मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर रही हैं। यह संघर्ष अब नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक विमानन को सीधे खतरा पहुंचा रहा है।
What are the key details of the recent US-Iran military strikes in the Persian Gulf that have strained the April ceasefire, including the spA passenger terminal at Kuwait International Airport after it was hit by an Iranian drone strike on June 3, 2026, testing the fragile US-Iran ceasefire.
AI संकेत
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अमेरिका और ईरान के बीच 7-8 अप्रैल 2026 को पांच सप्ताह के खुले युद्ध को समाप्त करने के लिए जो युद्धविराम हुआ था, वह अब चरमरा गया है, हालांकि यह पूरी तरह से टूटा नहीं है। मई के अंत से लेकर अब तक दोनों पक्षों के बीच सैन्य हमलों का सिलसिला जारी है, जिसकी परिणति कुवैत के एक व्यस्त नागरिक हवाई अड्डे पर घातक ड्रोन हमले के रूप में हुई। शांति वार्ता ठप है, विवादास्पद नौसैनिक नाकाबंदी जारी है और क्षेत्रीय सहयोगी इस आग की चपेट में हैं। आइए, इस बढ़ते तनाव, युद्धविराम की स्थिति और प्रमुख खिलाड़ियों के बयानों पर विस्तार से नज़र डालते हैं।
अप्रैल का युद्धविराम: एक नाजुक नींव
यह मूल समझौता 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष को रोकने के लिए अंतिम समय में किया गया एक सौदा था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे । पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ यह दो सप्ताह का युद्धविराम इज़राइल को भी शामिल करता था और यह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की शर्त पर था ।
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"अमेरिका-ईरान युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर: कुवैत एयरपोर्ट हमले से लेकर ठप वार्ता तक, पूरी कहानी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अप्रैल 2026 में अमेरिका ईरान के बीच हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जून तक जारी हमलों ने इसे गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले... इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियों के मुद्दे जटिल बने हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को 'मैसिव लाइफ सपोर्ट' पर बताया है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
क्षेत्रीय शक्तियां कुवैत और बहरीन अलर्ट पर हैं, वे मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर रही हैं। यह संघर्ष अब नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक विमानन को सीधे खतरा पहुंचा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में इसे अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया, लेकिन मुख्य मुद्दे अनसुलझे रहे । इस्लामाबाद में एक स्थायी समझौते के लिए हुई शांति वार्ता विफल रही और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बुरी नीयत से काम करने का आरोप लगाया । अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लगा दी, और फारस की खाड़ी में प्रभावी रूप से 'दोहरी नाकाबंदी' हो गई । यह संघर्ष विराम इतना नाजुक है कि मई के मध्य में ट्रंप ने खुद इसे 'लाइफ सपोर्ट' पर बताया था ।
हालिया हमलों और जवाबी हमलों की टाइमलाइन
मई के अंत के बाद से सैन्य कार्रवाइयों का एक खतरनाक दौर चल रहा है।
मई का अंत: अमेरिकी 'आत्मरक्षा' हमले
अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने गोरुक और क़ेश्म द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों पर 'आत्मरक्षा में हमले' किए। ये हमले ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने की प्रतिक्रिया थे । पेंटागन ने कहा कि ये हमले 'संयम' के साथ किए गए ।
ट्रंप का बयान: 8 मई को ट्रंप ने अमेरिकी जवाबी हमलों को एक 'लव टैप' (हल्की चेतावनी) करार दिया और जोर देकर कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है ।
जून की शुरुआत: एक तीव्र उकसावा
2-3 जून: क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरानी सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर एक और हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई कुवैत और बहरीन पर ईरानी हमलों के प्रयासों के जवाब में की गई ।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी: अलग से, अमेरिका ने क़ेश्म द्वीप के पास एक तेल टैंकर को अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने पर अक्षम कर दिया, जिसने ईरानी जवाबी कार्रवाई को नया अंजाम दिया ।
खाड़ी देशों पर ईरानी जवाबी हमले
3 जून का हमला: ईरान ने बहरीन और कुवैत में ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। जहां बहरीन ने आने वाले प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, वहीं इस हमले का एक गंभीर परिणाम सामने आया: ईरानी ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक यात्री टर्मिनल को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा । यह हमला 28 फरवरी से शुरू हुए हवाई हमलों की श्रृंखला में नवीनतम था, जिसमें टर्मिनल 1 और एयर ट्रैफिक कंट्रोल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था ।
6 जून का आदान-प्रदान: ईरान ने फिर से बहरीन और कुवैत की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। बहरीन सरकार ने इसे 'गंभीर उकसावा' बताया और दावा किया कि उसने उन्हें इंटरसेप्ट कर लिया । साथ ही, ईरान ने अमेरिका पर सिरिक और क़ेश्म द्वीप पर तटीय सुविधाओं पर हमला करके युद्धविराम का 'गंभीर उल्लंघन' करने का आरोप लगाया ।
ठप शांति वार्ता
कूटनीतिक प्रयास अब ठहर गए हैं। इस्लामाबाद में युद्धविराम के बाद होने वाली औपचारिक शांति वार्ता कभी आगे नहीं बढ़ पाई और विफल हो गई । विवाद के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियां: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी ईरानी संपत्तियों के भविष्य को लेकर बातचीत गतिरोध पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और नौसैनिक नाकाबंदी: अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने की मांग करता है, जबकि वह अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखे हुए है। ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की शर्त व्यापक रियायतों पर रखी है।
11 मई को ट्रंप का इनकार: वार्ता को तब बड़ा झटका लगा जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के व्यापक समझौते के प्रस्ताव को 'अस्वीकार्य' और 'बेवकूफी भरा' बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर है ।
हालांकि ईरान ने जून की शुरुआत में मध्यस्थों से संवाद करना बंद कर दिया था, ट्रंप ने इससे इनकार करते हुए दावा किया कि बातचीत 'तेज गति से' जारी है और 'अगले सप्ताह' तक कोई समझौता हो सकता है ।
क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएँ: दो आग के बीच
हाल के हमलों ने पड़ोसी खाड़ी देशों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते थे, लेकिन अब मोर्चे पर आ गए हैं।
कुवैत: 3 जून को उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ ड्रोन हमला एक गहरा आघात था। कुवैत ने इस हमले की निंदा की, हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद किया और 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के पहले दिन से ही वह ईरान के बार-बार के निशाने पर है । हवाई अड्डे को हुए नुकसान और उड़ानों के निलंबन ने नागरिक जीवन और वाणिज्य को बाधित किया है ।
बहरीन: अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े की मेजबानी के कारण यह प्रमुख निशाना है। 6 जून को ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद, इसकी सरकार ने तेहरान से फारस की खाड़ी के पड़ोसियों पर हमले रोकने की मांग की और इसे 'गंभीर उकसावा' बताया ।
पाकिस्तान: एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान ने अप्रैल में युद्धविराम कराया और विफल वार्ता की मेजबानी की। बातचीत के टूटने के बाद उसकी केंद्रीय भूमिका ने उसे मुश्किल स्थिति में डाल दिया है ।
राष्ट्रपति ट्रंप के बदलते बयान
राष्ट्रपति ट्रंप की सार्वजनिक टिप्पणियां संकट के दौरान हिंसा को कम करके आंकने से लेकर निराशा और फिर आशावाद व्यक्त करने तक भिन्न रही हैं।
8 मई: अमेरिकी हमलों को 'लव टैप' बताया और कहा कि युद्धविराम 'लागू' और 'चल रहा है' ।
11 मई: गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर है ।
जून की शुरुआत: लगातार हमलों के बावजूद आशावादी लहजा अपनाते हुए भविष्यवाणी की कि 'अगले सप्ताह' समझौता हो जाएगा और 'सब कुछ ठीक हो जाएगा' । साथ ही उन्होंने वार्ता टूटने की खबरों को 'झूठा' और 'गलत' बताया ।
जीत का दावा: पूरे समय ट्रंप ने जीत का दावा किया और ऐसे बयान दिए, जैसे ईरान के पास 'सैन्य रूप से कुछ नहीं बचा', जो जमीनी हकीकत को सरल बनाते हैं ।
एक संघर्षविराम जो डगमगा रहा है
अप्रैल का युद्धविराम एक स्थायी शांति की ओर एक पुल होना था। कुछ ही हफ्तों बाद, यह एक ढांचा मात्र रह गया है जो मुश्किल से संघर्ष को रोके हुए है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत के हवाई अड्डे पर हमला दर्शाता है कि कैसे यह युद्ध अब सीधे तौर पर नागरिक जीवन और बुनियादी ढांचे को खतरा पहुंचा रहा है। कूटनीति के ठप होने और प्रत्येक पक्ष द्वारा अपने तरीके से 'आत्मरक्षा' को परिभाषित करने के साथ, युद्ध पूरी तरह से फिर से शुरू होने का खतरा बहुत अधिक है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में इसे अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया, लेकिन मुख्य मुद्दे अनसुलझे रहे । इस्लामाबाद में एक स्थायी समझौते के लिए हुई शांति वार्ता विफल रही और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बुरी नीयत से काम करने का आरोप लगाया । अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लगा दी, और फारस की खाड़ी में प्रभावी रूप से 'दोहरी नाकाबंदी' हो गई । यह संघर्ष विराम इतना नाजुक है कि मई के मध्य में ट्रंप ने खुद इसे 'लाइफ सपोर्ट' पर बताया था ।
हालिया हमलों और जवाबी हमलों की टाइमलाइन
मई के अंत के बाद से सैन्य कार्रवाइयों का एक खतरनाक दौर चल रहा है।
मई का अंत: अमेरिकी 'आत्मरक्षा' हमले
अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने गोरुक और क़ेश्म द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों पर 'आत्मरक्षा में हमले' किए। ये हमले ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने की प्रतिक्रिया थे । पेंटागन ने कहा कि ये हमले 'संयम' के साथ किए गए ।
ट्रंप का बयान: 8 मई को ट्रंप ने अमेरिकी जवाबी हमलों को एक 'लव टैप' (हल्की चेतावनी) करार दिया और जोर देकर कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है ।
जून की शुरुआत: एक तीव्र उकसावा
2-3 जून: क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरानी सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर एक और हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई कुवैत और बहरीन पर ईरानी हमलों के प्रयासों के जवाब में की गई ।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी: अलग से, अमेरिका ने क़ेश्म द्वीप के पास एक तेल टैंकर को अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने पर अक्षम कर दिया, जिसने ईरानी जवाबी कार्रवाई को नया अंजाम दिया ।
खाड़ी देशों पर ईरानी जवाबी हमले
3 जून का हमला: ईरान ने बहरीन और कुवैत में ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। जहां बहरीन ने आने वाले प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, वहीं इस हमले का एक गंभीर परिणाम सामने आया: ईरानी ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक यात्री टर्मिनल को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा । यह हमला 28 फरवरी से शुरू हुए हवाई हमलों की श्रृंखला में नवीनतम था, जिसमें टर्मिनल 1 और एयर ट्रैफिक कंट्रोल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था ।
6 जून का आदान-प्रदान: ईरान ने फिर से बहरीन और कुवैत की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। बहरीन सरकार ने इसे 'गंभीर उकसावा' बताया और दावा किया कि उसने उन्हें इंटरसेप्ट कर लिया । साथ ही, ईरान ने अमेरिका पर सिरिक और क़ेश्म द्वीप पर तटीय सुविधाओं पर हमला करके युद्धविराम का 'गंभीर उल्लंघन' करने का आरोप लगाया ।
ठप शांति वार्ता
कूटनीतिक प्रयास अब ठहर गए हैं। इस्लामाबाद में युद्धविराम के बाद होने वाली औपचारिक शांति वार्ता कभी आगे नहीं बढ़ पाई और विफल हो गई । विवाद के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
परमाणु कार्यक्रम और जमी संपत्तियां: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और जमी ईरानी संपत्तियों के भविष्य को लेकर बातचीत गतिरोध पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और नौसैनिक नाकाबंदी: अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने की मांग करता है, जबकि वह अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखे हुए है। ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की शर्त व्यापक रियायतों पर रखी है।
11 मई को ट्रंप का इनकार: वार्ता को तब बड़ा झटका लगा जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के व्यापक समझौते के प्रस्ताव को 'अस्वीकार्य' और 'बेवकूफी भरा' बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर है ।
हालांकि ईरान ने जून की शुरुआत में मध्यस्थों से संवाद करना बंद कर दिया था, ट्रंप ने इससे इनकार करते हुए दावा किया कि बातचीत 'तेज गति से' जारी है और 'अगले सप्ताह' तक कोई समझौता हो सकता है ।
क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएँ: दो आग के बीच
हाल के हमलों ने पड़ोसी खाड़ी देशों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते थे, लेकिन अब मोर्चे पर आ गए हैं।
कुवैत: 3 जून को उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ ड्रोन हमला एक गहरा आघात था। कुवैत ने इस हमले की निंदा की, हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद किया और 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के पहले दिन से ही वह ईरान के बार-बार के निशाने पर है । हवाई अड्डे को हुए नुकसान और उड़ानों के निलंबन ने नागरिक जीवन और वाणिज्य को बाधित किया है ।
बहरीन: अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े की मेजबानी के कारण यह प्रमुख निशाना है। 6 जून को ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद, इसकी सरकार ने तेहरान से फारस की खाड़ी के पड़ोसियों पर हमले रोकने की मांग की और इसे 'गंभीर उकसावा' बताया ।
पाकिस्तान: एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान ने अप्रैल में युद्धविराम कराया और विफल वार्ता की मेजबानी की। बातचीत के टूटने के बाद उसकी केंद्रीय भूमिका ने उसे मुश्किल स्थिति में डाल दिया है ।
राष्ट्रपति ट्रंप के बदलते बयान
राष्ट्रपति ट्रंप की सार्वजनिक टिप्पणियां संकट के दौरान हिंसा को कम करके आंकने से लेकर निराशा और फिर आशावाद व्यक्त करने तक भिन्न रही हैं।
8 मई: अमेरिकी हमलों को 'लव टैप' बताया और कहा कि युद्धविराम 'लागू' और 'चल रहा है' ।
11 मई: गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद युद्धविराम 'लाइफ सपोर्ट' पर है ।
जून की शुरुआत: लगातार हमलों के बावजूद आशावादी लहजा अपनाते हुए भविष्यवाणी की कि 'अगले सप्ताह' समझौता हो जाएगा और 'सब कुछ ठीक हो जाएगा' । साथ ही उन्होंने वार्ता टूटने की खबरों को 'झूठा' और 'गलत' बताया ।
जीत का दावा: पूरे समय ट्रंप ने जीत का दावा किया और ऐसे बयान दिए, जैसे ईरान के पास 'सैन्य रूप से कुछ नहीं बचा', जो जमीनी हकीकत को सरल बनाते हैं ।
एक संघर्षविराम जो डगमगा रहा है
अप्रैल का युद्धविराम एक स्थायी शांति की ओर एक पुल होना था। कुछ ही हफ्तों बाद, यह एक ढांचा मात्र रह गया है जो मुश्किल से संघर्ष को रोके हुए है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत के हवाई अड्डे पर हमला दर्शाता है कि कैसे यह युद्ध अब सीधे तौर पर नागरिक जीवन और बुनियादी ढांचे को खतरा पहुंचा रहा है। कूटनीति के ठप होने और प्रत्येक पक्ष द्वारा अपने तरीके से 'आत्मरक्षा' को परिभाषित करने के साथ, युद्ध पूरी तरह से फिर से शुरू होने का खतरा बहुत अधिक है।